क्या भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ? सेंसेक्स 250 अंक गिरा

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क्या भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ? सेंसेक्स 250 अंक गिरा

सारांश

गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार ने गिरावट का सामना किया, जहां सेंसेक्स 250 अंक और निफ्टी 57 अंक नीचे बंद हुए। जानिए इस गिरावट के पीछे के कारण और बाजार की चाल पर क्या प्रभाव पड़ा है।

Key Takeaways

  • सेंसेक्स 250 अंक गिरा, निफ्टी में भी कमजोरी देखी गई।
  • पीएसयू बैंकों ने कुछ हद तक बाजार को सपोर्ट किया।
  • ईरान के साथ व्यापार पर अमेरिकी टैरिफ की चिंताएँ बढ़ी हैं।
  • रुपये की कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि ने निवेशकों को सतर्क किया।
  • स्मॉल-कैप शेयरों में बढ़त देखने को मिली।

नई दिल्ली, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में समापन किया। दिन के अंत में सेंसेक्स 250.48 अंक या 0.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,627.69 पर और निफ्टी 57.95 अंक या 0.22 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 25,732.30 पर था।

बाजार को सहारा पीएसयू बैंकों ने दिया। निफ्टी पीएसयू बैंक 0.78 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 0.76 प्रतिशत, निफ्टी आईटी 0.65 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज 0.36 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 0.35 प्रतिशत और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 0.25 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।

वहीं दूसरी तरफ, निफ्टी इन्फ्रा 1.14 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया डिफेंस 1.09 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.89 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 0.62 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा 0.47 प्रतिशत की गिरावट के साथ समाप्त हुआ।

मिडकैप और स्मॉलकैप में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 119.30 अंक या 0.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 59,597.80 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 102.50 अंक या 0.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 17,295.80 पर था।

सेंसेक्स पैक में इटरनल, टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, टीसीएस, बजाज फिनसर्व, इन्फोसिस, एनटीपीसी, एचडीएफसी बैंक और पावर ग्रिड गेनर्स रहे। वहीं, ट्रेंट, एलएंडटी, इंडिगो, मारुति सुजुकी, आईटीसी, बीईएल, एक्सिस बैंक, भारतीय एयरटेल, एचयूएल, एमएंडएम, अल्ट्राटेक सीमेंट, सन फार्मा, एशियन पेंट्स और टाटा स्टील लूज़र्स रहे।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर संभावित अमेरिकी टैरिफ की चिंताओं ने घरेलू शेयर बाजार में गिरावट को जन्म दिया, जिससे नए नियुक्त अमेरिकी राजदूत के व्यापार समझौते पर सकारात्मक बयान से मिली शुरुआती उम्मीदें धूमिल हो गईं।

उन्होंने आगे बताया कि रुपये की कमजोरी, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, ऊंचे अमेरिकी बॉंड यील्ड और लगातार एफआईआई आउटफ्लो के बीच निवेशकों का सेंटिमेंट सतर्क बना रहा। अच्छी बात यह है कि भारत का दिसंबर सीपीआई आरबीआई के लक्षित दायरे में रहा, जिससे भविष्य में दर कटौती की उम्मीदें मजबूत हुईं। हालांकि, तीसरी तिमाही की आय का सीजन धीमी शुरुआत के साथ शुरू हुआ, जिसमें एक प्रमुख आईटी कंपनी के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। अधिकांश सेक्टर्स में मुनाफा वसूली देखी गई, जबकि स्मॉल-कैप शेयरों में अच्छी बढ़त दिखी।

भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत तेजी के साथ हुई थी। सुबह 9.20 बजे के आसपास 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 278 अंक या 0.33 प्रतिशत की उछाल के साथ 84,156 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी शुरुआती कारोबार में 82 अंक या 0.32 प्रतिशत की तेजी के साथ 25,872 पर था।

Point of View

लेकिन हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि हर गिरावट एक नए अवसर की शुरुआत भी हो सकती है। हमें अपने निवेश के फैसलों में विवेकपूर्ण होना चाहिए।
NationPress
13/01/2026

Frequently Asked Questions

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
गिरावट का मुख्य कारण ईरान के साथ व्यापार पर संभावित अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक बाजार की अनिश्चितताएँ हैं।
क्या अब निवेश करना सुरक्षित है?
हालात की गंभीरता को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए, लेकिन अच्छे अवसरों की पहचान भी महत्वपूर्ण है।
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