गांधी जयंती पर NSE-BSE बंद: 2 अक्टूबर को सभी सेगमेंट में कारोबार ठप, 5 अक्टूबर को खुलेगा बाज़ार
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के राष्ट्रीय अवकाश के अवसर पर पूरी तरह बंद रहेंगे। मुंबई स्थित दोनों प्रमुख एक्सचेंजों पर इक्विटी से लेकर कमोडिटी तक किसी भी सेगमेंट में आज ट्रेडिंग नहीं होगी। शनिवार (3 अक्टूबर) और रविवार (4 अक्टूबर) की साप्ताहिक छुट्टी के बाद, बाज़ार अगले सोमवार 5 अक्टूबर को पुनः खुलेंगे।
कौन-से सेगमेंट रहेंगे प्रभावित
BSE और NSE दोनों पर इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB), करेंसी डेरिवेटिव्स और इंटरेस्ट रेट डेरिवेटिव्स — सभी में कारोबार स्थगित रहेगा। कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट भी आज सुबह और शाम दोनों सत्रों में बंद रहेगा, जो सामान्यतः देर रात तक चलता है।
शेयर बाज़ार की आगामी छुट्टियाँ
गांधी जयंती के बाद वर्ष 2026 में शेयर बाज़ार की अगली प्रमुख छुट्टी दशहरा के अवसर पर 20 अक्टूबर को होगी। इसके बाद 10 नवंबर को दिवाली-बलिप्रतिपदा, 24 नवंबर को प्रकाश गुरपर्व और 25 दिसंबर को क्रिसमस पर बाज़ार बंद रहेंगे। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी ट्रेडिंग रणनीति इस कैलेंडर को ध्यान में रखकर बनाएँ।
गुरुवार को लाल निशान में बंद हुआ बाज़ार
बाज़ार बंद होने से पहले गुरुवार, 1 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाज़ार दबाव में रहा। निफ्टी 50 सूचकांक 198.50 अंक यानी 0.88 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,421.95 पर बंद हुआ। गिरावट वाले शेयरों में बजाज ऑटो, मारुति सुजुकी, श्रीराम फाइनेंस, टाटा स्टील, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, आयशर मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा प्रमुख रहे। वहीं, इन्फोसिस, HDFC लाइफ, HDFC बैंक, SBI लाइफ, मैक्स हेल्थ और TCS के शेयरों में तेजी देखी गई।
गिरावट की वजह: बाहरी दबाव और घरेलू सतर्कता
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, गुरुवार की गिरावट के पीछे मुख्यतः बाहरी कारण रहे। बॉन्ड यील्ड कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुँच गई है, जबकि कच्चे तेल की कीमतें भी ऊँची बनी हुई हैं। इन दोनों कारकों ने मिलकर 2026-27 के आर्थिक परिदृश्य को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
घरेलू मोर्चे पर, बाज़ार सहभागी दूसरी तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजों और अगले सप्ताह होने वाली भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति बैठक को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि दूसरी तिमाही की कमाई पहली तिमाही की तुलना में कमज़ोर रह सकती है, क्योंकि पिछली तिमाही में ऑपरेटिंग लागत में कमी का लाभ मिला था, जो इस बार दोहराने की संभावना कम है।
5 अक्टूबर से नज़रें RBI नीति और Q2 नतीजों पर
बाज़ार जब 5 अक्टूबर को खुलेंगे, तो निवेशकों की निगाहें RBI की नीतिगत दर और उसके रुख पर टिकी होंगी। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक केंद्रीय बैंकों के बीच ब्याज दरों पर अनिश्चितता बनी हुई है, जो भारतीय बाज़ारों पर प्रत्यक्ष असर डाल सकती है।