क्या इंडिगो की मुश्किलें बढ़ गई हैं? डीजीसीए ने अकाउंटेबल मैनेजर को कारण बताओ नोटिस जारी किया

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क्या इंडिगो की मुश्किलें बढ़ गई हैं? डीजीसीए ने अकाउंटेबल मैनेजर को कारण बताओ नोटिस जारी किया

सारांश

इंडिगो के अकाउंटेबल मैनेजर को डीजीसीए द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। क्या यह एयरलाइन की संचालन प्रणाली में गहरी खामियों का संकेत है? जानिए इस मामले की गहराई और इसकी संभावित गंभीरता।

Key Takeaways

  • इंडिगो को डीजीसीए द्वारा कारण बताओ नोटिस मिला है।
  • अकाउंटेबल मैनेजर को 24 घंटे में जवाब देना है।
  • यात्रियों को सहायता न देने के कारण आलोचना हुई है।
  • हवाई नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
  • यह एयरलाइन के संचालन में सुधार की आवश्यकता को दर्शाता है।

नई दिल्ली, 7 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने रविवार को इंडिगो के अकाउंटेबल मैनेजर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस पहले से ही एयरलाइन के सीईओ पीटर एल्बर्स को दिया जा चुका है।

विमानन नियामक ने कहा कि हाल ही में इंडिगो द्वारा बड़ी संख्या में उड़ानों के रद्द होने से देशभर के यात्रियों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ा है।

डीजीसीए के अनुसार, इस संकट का मुख्य कारण एयरलाइन द्वारा संशोधित फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों का सही तरीके से क्रियान्वयन करने में विफलता है।

ये नियम उड़ान चालक दल के कार्य घंटों और विश्राम समय को नियंत्रित करते हैं, और हाल ही में लागू होने के कारण इंडिगो के लिए परिचालन संबंधी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।

नोटिस में कहा गया है कि इंडिगो की "बड़े पैमाने पर परिचालन विफलताएं" योजना, निगरानी और संसाधन प्रबंधन में महत्वपूर्ण खामियों को दर्शाती हैं।

नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि एयरलाइन ने विमान नियम, 1937 के नियम 42ए का उल्लंघन किया है, साथ ही ड्यूटी अवधि, उड़ान समय सीमा, और चालक दल के सदस्यों के लिए आवश्यक आराम से संबंधित नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं (सीएआर) के कई प्रावधानों का भी उल्लंघन किया है।

डीजीसीए ने यह भी कहा कि इंडिगो ने रद्दीकरण के दौरान यात्रियों को आवश्यक सहायता और सुविधाएं प्रदान नहीं कीं, जबकि नियमों के अनुसार एयरलाइनों के लिए उड़ान में देरी, रद्दीकरण या बोर्डिंग से इनकार के मामलों में सहायता देना अनिवार्य है।

अकाउंटेबल मैनेजर को 24 घंटे के भीतर यह बताने के लिए कहा गया है कि इन उल्लंघनों के लिए प्रवर्तन कार्रवाई क्यों न की जाए।

डीजीसीए ने चेतावनी दी है कि अगर इंडिगो समय पर जवाब नहीं देती है, तो वह उपलब्ध जानकारी के आधार पर निर्णय लेगा।

इससे पहले नियामक ने इंडिगो के सीईओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

Point of View

यह स्पष्ट है कि इंडिगो को अपने संचालन में सुधार करने की आवश्यकता है। यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देना और नियमों का पालन करना एयरलाइनों की जिम्मेदारी है। इस मामले में डीजीसीए की कार्रवाई सही दिशा में एक कदम है, जो सभी एयरलाइनों के लिए एक चेतावनी के रूप में काम कर सकती है।
NationPress
22/01/2026

Frequently Asked Questions

डीजीसीए ने इंडिगो को क्यों नोटिस जारी किया?
डीजीसीए ने इंडिगो को नोटिस इसलिए जारी किया क्योंकि एयरलाइन ने बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द की हैं, जिससे यात्रियों को असुविधा हुई है।
इंडिगो के अकाउंटेबल मैनेजर को क्या करना है?
अकाउंटेबल मैनेजर को 24 घंटे के भीतर उल्लंघनों के लिए प्रवर्तन कार्रवाई न करने का कारण बताना है।
क्या इंडिगो ने यात्रियों को सहायता प्रदान की?
डीजीसीए के अनुसार, इंडिगो ने रद्दीकरण के दौरान यात्रियों को आवश्यक सहायता और सुविधाएं नहीं दीं।
क्या इंडिगो की समस्याएं गंभीर हैं?
हां, इंडिगो की परिचालन विफलताएं गंभीर हैं और यह एयरलाइन की संचालन प्रणाली में खामियों को दर्शाती हैं।
डीजीसीए के नोटिस का क्या परिणाम हो सकता है?
यदि इंडिगो समय पर जवाब नहीं देती है, तो डीजीसीए उपलब्ध जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकता है।
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