क्या कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार गिरा?

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क्या कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार गिरा?

सारांश

भारतीय शेयर बाजार सोमवार को कमजोर वैश्विक संकेतों के साथ लाल निशान में खुला। बाजार के जानकारों का कहना है कि पिछले हफ्ते निफ्टी में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया था। जानिए इस गिरावट का क्या कारण है और निवेशकों को क्या करना चाहिए।

Key Takeaways

  • भारतीय शेयर बाजार सोमवार को गिरावट के साथ खुला।
  • रिलायंस, आईसीआईसीआई बैंक और विप्रो में बिकवाली का दबाव।
  • वैश्विक संकेतों का असर बाजार पर पड़ा।
  • निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे मजबूत शेयरों पर ध्यान दें।
  • निफ्टी में 26,000 के स्तर के ऊपर ब्रेकआउट पर ध्यान दें।

मुंबई, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला। इस दौरान निफ्टी के लगभग सभी इंडेक्स में कमजोरी देखी गई।

शुरुआती कारोबार में रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल), आईसीआईसीआई बैंक, विप्रो, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और सिप्ला के शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा, जिसके कारण बाजार कमजोरी के साथ खुला।

खबर लिखे जाने तक 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 498 अंकों यानी 0.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,072 के स्तर पर था। वहीं एनएसई निफ्टी 134 अंक यानी 0.52 प्रतिशत टूटकर 25,560 के स्तर पर पहुंच गया।

वैश्विक बाजारों का माहौल भी फिलहाल सतर्क बना हुआ है, जो कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के कारण है, जिसमें उन्होंने 8 यूरोपीय देशों पर 10 प्रतिशत का टैरिफ लगाने की बात कही है। यूरोपीय देशों ने ट्रंप की ग्रीनलैंड को हासिल करने की योजना का विरोध किया है, जिससे वैश्विक निवेशकों में चिंता बढ़ गई है।

व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.40 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.48 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

विभिन्न क्षेत्रों में, निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत, निफ्टी आईटी में 0.5 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 0.4 प्रतिशत की गिरावट रही।

हालांकि, निफ्टी मेटल इंडेक्स में 0.24 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

शुरुआती कारोबार में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर करीब 2 प्रतिशत से अधिक गिर गए। हालांकि कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में अच्छा मुनाफा दिखाया है। इसके अलावा, विप्रो में 7 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई, जबकि टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल (टीएमपीवी) के शेयरों में 2.8 प्रतिशत, मैक्सहेल्थ में 2.9 प्रतिशत, इंफोसिस में 1 प्रतिशत से अधिक और सिप्ला में 0.9 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

इसके विपरीत, टेक एम, इंडिगो, बजाज फाइनेंस, ट्रेंट, एचयूएल, कोटक बैंक, एक्सिस बैंक, बीईएल और एचडीएफसी लाइफ के शेयर टॉप गेनर्स में शामिल रहे।

बाजार के जानकारों का कहना है कि पिछले हफ्ते निफ्टी में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इस दौरान इंडेक्स ने 25,899 का उच्च स्तर और 25,473 का निचला स्तर देखा। अंत में निफ्टी हल्की बढ़त के साथ 25,694 पर बंद हुआ, जो बाजार में जारी असमंजस को दिखाता है। हालांकि निफ्टी अभी 20-दिवसीय और 50-दिवसीय ईएमए से नीचे कारोबार कर रहा है, लेकिन 200-दिवसीय ईएमए से ऊपर बने रहने के कारण मीडियम टर्म ट्रेंड अब भी सकारात्मक माना जा सकता है। फिलहाल ऊपर की ओर 25,875 के स्तर पर पहला बड़ा रेजिस्टेंस है, उसके बाद 26,000 और 26,100 के स्तर महत्वपूर्ण होंगे। वहीं नीचे की ओर 25,600 और 25,450 के स्तर मजबूत सपोर्ट माने जा रहे हैं।

एक्सपर्ट के अनुसार, लगातार बनी वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे चयनित और अनुशासित रणनीति अपनाएं। बाजार में गिरावट के दौरान मजबूत बुनियादी स्थिति वाले शेयरों पर ध्यान दें। निफ्टी में 26,000 के स्तर के ऊपर मजबूती से ब्रेकआउट और वहां टिके रहने के बाद ही नई खरीदारी की रणनीति बनाना बेहतर रहेगा।

Point of View

NationPress
19/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या भारतीय शेयर बाजार में गिरावट सामान्य है?
हां, वैश्विक संकेतों के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य है।
क्या निवेशकों को शेयर खरीदना चाहिए?
विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक मजबूत बुनियादी स्थिति वाले शेयरों पर ध्यान दें।
क्या गिरावट का प्रभाव लंबे समय तक रहेगा?
ग्लोबल अनिश्चितता के कारण यह संभव है कि गिरावट कुछ समय तक जारी रहे।
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