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क्या भारतीय स्टेट बैंक केवाईसी प्रक्रिया को सरल बनाने पर काम कर रहा है? : चेयरमैन सीएस शेट्टी

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क्या भारतीय स्टेट बैंक केवाईसी प्रक्रिया को सरल बनाने पर काम कर रहा है? : चेयरमैन सीएस शेट्टी

सारांश

क्या भारतीय स्टेट बैंक अपनी केवाईसी प्रक्रिया को आसान बना रहा है? एसबीआई के चेयरमैन सी.एस. शेट्टी ने उल्लेख किया कि वे ग्राहकों के लिए इसे अधिक सरल और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। जानें इस महत्वपूर्ण बदलाव के बारे में।

मुख्य बातें

एसबीआई केवाईसी प्रक्रिया को सरल बनाने पर ध्यान दे रहा है।
बैंक नियामकों और सरकार के सहयोग से काम करेगा।
नए नियम ग्राहकों को सहायता प्रदान करेंगे।
यूपीआई पर नए क्रेडिट उत्पाद लाने की योजना है।
यह कदम वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देगा।

मुंबई, 8 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस) स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) और इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) के अध्यक्ष सी.एस. शेट्टी ने बुधवार को बताया कि बैंक नो योअर कस्टमर (केवाईसी) और रि-केवाईसी प्रक्रियाओं को अधिक यूजर-फ्रेंडली बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 के दौरान संवाददाताओं से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि एसबीआई इन परिवर्तनों को लागू करने के लिए नियामकों और सरकार के साथ मिलकर कार्य करेगा।

शेट्टी ने कहा, "हम केवाईसी प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर जोर दे रहे हैं। यदि इसके लिए नियामकों और सरकार के साथ बातचीत करनी पड़े, तो हम एसबीआई की ओर से केवाईसी प्रक्रिया को आसान बनाने की पहल कर रहे हैं।"

उन्होंने बताया कि केंद्रीय बैंक द्वारा दी गई एक्सटेंडेड ट्रांजीशन पीरियड को ध्यान में रखते हुए, एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस (ईसीएल) आधारित परिसंपत्ति प्रावधान प्रणाली में बदलाव बैंकों की बैलेंस शीट पर कोई प्रभाव नहीं डालेगा।

शेट्टी ने एक सरल केवाईसी प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि नीति निर्माताओं, फिनटेक कंपनियों और प्रौद्योगिकी डेवलपर्स जैसे सभी हितधारकों को एक साथ मिलकर केवाईसी प्रक्रियाओं को सुगम बनाने के लिए कार्य करना चाहिए।

इस वर्ष की शुरुआत में, 12 जून को, भारतीय रिजर्व बैंक ने केवाईसी नियमों में संशोधन कर इसे अधिक लचीला बनाने का प्रयास किया था।

नए दिशानिर्देशों के अनुसार, बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट को ग्राहकों को केवाईसी अपडेट में सहायता देने की अनुमति दी गई है और बैंकों को केवाईसी की समय-सीमा के बारे में पहले से रिमाइंडर भेजने की आवश्यकता है।

आरबीआई ने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी), इलेक्ट्रॉनिक लाभ हस्तांतरण (ईबीटी) और प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई) जैसी सरकारी योजनाओं से जुड़े खातों के लिए केवाईसी अपडेट में एक बड़े बैकलॉग का उल्लेख किया था।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऋण देने के संबंध में, शेट्टी ने कहा कि एसबीआई को यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) पर अधिक क्रेडिट उत्पाद पेश करने से पहले अपने ऋण संग्रह तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा, "यूपीआई पर नए उत्पाद लॉन्च करने से पहले हमें संग्रह प्रक्रिया में सुधार करना होगा। यह एक बहुत ही प्रभावशाली उपकरण है और लोगों के लिए समावेशी ऋण का एक महत्वपूर्ण तत्व है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भारतीय स्टेट बैंक का यह कदम न केवल ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाएगा, बल्कि बैंकिंग क्षेत्र को भी नई दिशाएँ प्रदान करेगा। यह एक सकारात्मक विकास है जो देश के वित्तीय समावेशन को बढ़ाने में सहायक हो सकता है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसबीआई केवाईसी प्रक्रिया को सरल क्यों बना रहा है?
एसबीआई का उद्देश्य ग्राहकों के लिए केवाईसी प्रक्रिया को अधिक यूजर-फ्रेंडली और सुगम बनाना है।
क्या यह प्रक्रिया सभी बैंकों में लागू होगी?
यह प्रक्रिया मुख्यतः स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में लागू होगी, लेकिन अन्य बैंकों में भी इसके प्रभाव हो सकते हैं।
क्या केवाईसी अपडेट के लिए नए नियम हैं?
जी हाँ, भारतीय रिजर्व बैंक ने इस प्रक्रिया को अधिक लचीला बनाने के लिए नए नियम जारी किए हैं।
डिजिटल ऋण पर क्या कुछ विशेष परिवर्तन होंगे?
एसबीआई का ध्यान यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस पर अधिक क्रेडिट उत्पाद पेश करने पर है, जो कि भविष्य में महत्वपूर्ण है।
क्या यह प्रक्रिया ग्राहकों के लिए फायदेमंद होगी?
बिल्कुल! यह प्रक्रिया ग्राहकों के लिए अधिक सरलता और सुविधा प्रदान करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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