निफ्टी कंपनियों का मुनाफा Q1 FY27 में 18% बढ़ा, 10 तिमाहियों का उच्चतम स्तर: मोतीलाल ओसवाल रिपोर्ट
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 में शामिल कंपनियों के औसत मुनाफे की वृद्धि दर वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में सालाना आधार पर 18 प्रतिशत रही — जो पिछली 10 तिमाहियों का सर्वोच्च स्तर है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की 17 अगस्त को जारी रिपोर्ट के अनुसार, यह उछाल केवल बड़े सूचकांक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मिड-कैप और स्मॉल-कैप खंडों में भी व्यापक मज़बूती दर्ज की गई।
मुख्य घटनाक्रम
रिपोर्ट के अनुसार, पहली तिमाही में 19 सेक्टरों ने अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया। आय अपग्रेड-टू-डाउनग्रेड अनुपात 1.5 गुना के साथ सकारात्मक रहा — जो बाज़ार में बढ़ते विश्वास का संकेत है। निफ्टी 50 की कुल कमाई में हुई बढ़ोतरी में शीर्ष 5 कंपनियों का योगदान 60 प्रतिशत रहा।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) को अलग रखने पर, ब्रोकरेज की कवरेज सूची में शामिल कंपनियों की बिक्री में 18 प्रतिशत, EBITDA में 15 प्रतिशत और कर-पश्चात मुनाफे (PAT) में 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई — तीनों पैमानों पर पूर्वानुमानों को पीछे छोड़ते हुए।
सेक्टर-वार प्रदर्शन
वृद्धि को आगे बढ़ाने में फाइनेंशियल, मेटल, ऑयल एंड गैस (OMC को छोड़कर), टेक्नोलॉजी और टेलीकॉम सेक्टर अग्रणी रहे। इसके अलावा ऑटोमोबाइल, केमिकल, टेक्सटाइल और रियल एस्टेट सेक्टर में भी उल्लेखनीय कमाई वृद्धि देखी गई।
हालाँकि, OMC का प्रदर्शन कुल कमाई पर बोझ बना रहा। कच्चे तेल की ऊँची कीमतों ने इन कंपनियों के परिचालन पर प्रतिकूल असर डाला, जिससे समग्र आँकड़े प्रभावित हुए।
मिड-कैप और स्मॉल-कैप का शानदार प्रदर्शन
लार्ज-कैप कंपनियों की कमाई सालाना आधार पर 21 प्रतिशत बढ़ी। मिड-कैप कंपनियों ने 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो पिछली 11 तिमाहियों में सर्वाधिक है। स्मॉल-कैप कंपनियों की कमाई में 31 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई, जो 22 प्रतिशत के पूर्वानुमान से काफी अधिक रही — इसमें मुख्य योगदान फाइनेंशियल और ऑयल एंड गैस सेक्टर का रहा।
अनुमान बनाम वास्तविक प्रदर्शन
ब्रोकरेज की कवरेज सूची में शामिल 48 प्रतिशत कंपनियों ने मुनाफे के अनुमान को पार किया, जबकि 25 प्रतिशत कंपनियाँ अनुमान से पीछे रहीं। लार्ज-कैप श्रेणी में यह अनुपात और बेहतर रहा — 57 प्रतिशत कंपनियों ने अनुमान से बेहतर नतीजे दिए।
कुल 130 कंपनियों की कमाई के अनुमान में 3 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी (अपग्रेड) हुई, जबकि 89 कंपनियों के अनुमान में 3 प्रतिशत से अधिक की कटौती (डाउनग्रेड) हुई।
आगे का आउटलुक
इस सुधार के मद्देनज़र निफ्टी 50 की कमाई के अनुमान में संशोधन किया गया है। वित्त वर्ष 27 के लिए निफ्टी EPS का अनुमान 0.6 प्रतिशत बढ़ाकर ₹1,232 कर दिया गया है, जबकि वित्त वर्ष 28 के लिए यह अनुमान 0.3 प्रतिशत बढ़ाकर ₹1,422 से ₹1,425 कर दिया गया है। यह व्यापक सुधार संकेत देता है कि भारतीय कॉर्पोरेट आय चक्र एक नए विस्तार चरण में प्रवेश कर सकता है।