क्या पैन-आधार नियमों और 8वें वेतन आयोग के लागू होने से आम आदमी की जेब पर असर पड़ेगा?
सारांश
Key Takeaways
- 8वें वेतन आयोग का लागू होना सरकारी कर्मचारियों के लिए उत्साहजनक है।
- पैन-आधार लिंकिंग की अंतिम तिथि से न चूकें।
- सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में कमी हुई है।
- क्रेडिट स्कोर अब हर हफ्ते अपडेट होगा।
- किसान आईडी पीएम किसान योजना का लाभ सुनिश्चित करेगी।
नई दिल्ली, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नए साल 2026 की शुरुआत के साथ, 1 जनवरी से कुछ नए नियम लागू हो रहे हैं, जिनका आम जनता की जेब पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है।
आज से यानी 1 जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू हो रहा है। केंद्र सरकार ने पहले ही इसे स्वीकृति दे दी है। इससे लगभग 50 लाख सरकारी कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को लाभ होगा। नए वेतन आयोग के अंतर्गत, सरकारी कर्मचारियों के वेतन में 20 से 35 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है।
सरकार ने 1 जनवरी 2026 से एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 111 रुपए की बढ़ोतरी की है। हालांकि, राहत की बात यह है कि यह बढ़ोतरी केवल 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पर लागू की गई है। घरेलू रसोई गैस सिलेंडर (14.2 किलो) की कीमतों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
इसी के साथ, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने नए साल से सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में भी संशोधन किया है। सीएनजी की कीमतें 3 रुपए घट गई हैं, जबकि पीएनजी की कीमतें 0.70 रुपए कम हुई हैं। देश के विभिन्न शहरों में अलग-अलग कीमतें लागू होंगी।
एक जनवरी से क्रेडिट स्कोर में भी महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। वर्तमान में, क्रेडिट स्कोर महीने में एक बार अपडेट होता है, लेकिन 2026 से यह हर हफ्ते यानी हर 7 दिनों में अपडेट होगा। इससे ईएमआई समय पर भरने का लाभ जल्द ही प्राप्त होगा।
पैन को आधार से लिंक करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2025 थी। यदि आपने इस तारीख तक पैन को आधार से लिंक नहीं किया, तो आपका पैन कार्ड 1 जनवरी से निष्क्रिय हो जाएगा। इससे आपको इनकम टैक्स भरने और बैंकों में बड़े लेनदेन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
केंद्र सरकार ने पीएम किसान योजना के लाभार्थियों के लिए एक नया सिस्टम किसान आईडी पेश किया है। 1 जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों में यह सिस्टम लागू हो रहा है। इस डिजिटल आईडी में किसानों की भूमि, फसल, आधार और बैंक आदि की जानकारी होगी। यदि यह आईडी नहीं है, तो पीएम किसान योजना के तहत मिलने वाली 6,000 रुपए की वार्षिक मदद रुक सकती है।