क्या पीएम मोदी के नेतृत्व में देश का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से बढ़ा?
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व महत्वपूर्ण है।
- जेएएम ट्रिनिटी और यूपीआई ने व्यापार बढ़ाने में मदद की।
- भारत में 110 यूनिकॉर्न हैं।
- 20-30 अरब डॉलर का निवेश स्टार्टअप्स में हुआ है।
- स्टार्टअप इंडिया मिशन ने विकास में सहायक साबित हुआ है।
नई दिल्ली, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में न केवल स्टार्टअप इकोसिस्टम का समर्थन किया है, बल्कि उन्होंने इसके विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जेएएम ट्रिनिटी (जन धन, आधार और मोबाइल) और यूपीआई जैसे मजबूत पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से व्यापार को बढ़ावा देने में सफलता हासिल की गई है। यह जानकारी स्टार्टअप फाउंडर्स ने गुरुवार को साझा की।
1एमजी के सीईओ प्रशांत टंडन ने कहा, "आज भारत में वो सभी आवश्यकताएं उपलब्ध हैं जो एक व्यवसायी चाहता है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में देश में स्टार्टअप्स को एक नया आयाम मिला है, जिससे भारत को वैश्विक स्टार्टअप इकोसिस्टम में अपनी पहचान बनाने में मदद मिली है।"
वर्तमान में न केवल व्यवसायी, बल्कि कॉरपोरेट्स, सरकारें और समस्त देश स्टार्टअप्स को समझने लगे हैं।
टंडन ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने पूरे इकोसिस्टम को समर्थन दिया है और इसे आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
जब हम भारत के स्टार्टअप यात्रा और हमें इस स्थिति तक पहुँचाने वाले कारकों का विश्लेषण करते हैं, तो जेएएम ट्रिनिटी और यूपीआई जैसे मजबूत पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर का जिक्र करना अनिवार्य है। इनकी मदद से उद्यमिता के इकोसिस्टम को बल मिला है और व्यापारियों को आवश्यक सिस्टम विकसित करने में सहायता मिली है।
अर्बन कंपनी के सह-संस्थापक और सीईओ अभिराज सिंह बहल ने कहा कि जब हमने अर्बन कंपनी की शुरुआत की थी, उस समय देश में केवल एक या दो यूनिकॉर्न थे, लेकिन पिछले आठ वर्षों में यह इकोसिस्टम तेज़ी से विकसित हुआ है। इस दौरान 110 यूनिकॉर्न और हजारों स्टार्टअप्स विभिन्न सेक्टर्स में उभरे हैं। स्टार्टअप इकोसिस्टम के विकास का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है।
प्रिस्टिन केयर के सह-संस्थापक हरसिमरबीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 2015 में न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में दिए गए भाषण ने उनके जीवन को बदल दिया। इसने उन्हें भारत लौटने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने आगे कहा कि मोदी में स्टार्टअप के सीईओ वाली सभी विशेषताएं हैं। जब भी मोदी किसी समस्या का सामना करते हैं, तो तुरंत समाधान निकालने में जुट जाते हैं। हाल ही में सेमीकंडक्टर समस्या इसका एक बड़ा उदाहरण है। जब सेमीकंडक्टर उद्योग संकट में था, तब देश ने इस क्षेत्र में कदम रखा और हमने स्टार्टअप इकोसिस्टम में 20-30 अरब डॉलर का निवेश किया है।
रेज कॉफी के संस्थापक भरत सेठी ने कहा कि 2016 में प्रधानमंत्री मोदी ने विज्ञान भवन में स्टार्टअप इंडिया मिशन का उद्घाटन किया था। मैं उस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का साक्षी बना था। उस समय इस कार्यक्रम ने बहुत से लोगों का ध्यान आकर्षित किया था।
तब बहुत कम लोग ही समझ पाए थे कि क्या होने वाला है, क्योंकि भारत उस समय परिवर्तन के दौर से गुजर रहा था। आम आदमी के लिए मायने रखने वाली सफलताओं की कहानियां भी बहुत कम थीं।
मेरा मानना है कि हमारी स्टार्टअप वृद्धि के पीछे स्टार्टअप इंडिया मिशन का बड़ा हाथ है।