क्या भुनी हुई शकरकंद और सर्दियों का यह कॉम्बिनेशन शरीर को नई ऊर्जा देगा?
सारांश
Key Takeaways
- भुनी हुई शकरकंद सर्दियों में एक उत्कृष्ट स्वास्थ्यवर्धक विकल्प है।
- यह वात को संतुलित करने में सहायक है।
- इसमें बीटा-कैरोटीन की अधिक मात्रा होती है, जो आंखों के लिए फायदेमंद है।
- यह मूड को बेहतर करने में मदद करती है।
- सर्दियों में आलस्य दूर करने का एक प्रभावी उपाय है।
नई दिल्ली, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सर्दियों में तापमान में गिरावट के साथ ही लोगों की भूख भी बढ़ जाती है। बार-बार भूख लगने लगती है और इसे शांत करने के लिए नमकीन, बिस्किट या तली हुई चीजों का सहारा लिया जाता है।
यह सभी चीजें हमारे स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालती हैं, लेकिन आयुर्वेद में एक ऐसा 'सुपरफूड' छिपा है जो न केवल पेट भरता है, बल्कि गुणों से भी समृद्ध है। हम बात कर रहे हैं शकरकंद की। सर्दियों में शकरकंद आसानी से उपलब्ध होता है, जिसे कभी भी खाया जा सकता है।
कुछ लोग शकरकंद को उबालकर खाते हैं, लेकिन इसे पानी में उबालने से इसके गुण कम हो जाते हैं और स्वाद भी फीका हो जाता है। दूसरी ओर, भुनी हुई शकरकंद स्वादिष्ट और सेहत के लिए औषधि होती है। सर्दियों में रात के समय भूख लगने पर, भुनी हुई शकरकंद एक बेहतरीन विकल्प है। इसे भुनाने से अग्नि तत्व बढ़ जाता है, जो वात को संतुलित करने में मदद करता है। सर्दियों में वात की वृद्धि तेजी से होती है और ऐसे में भुनी हुई शकरकंद सहायक होती है।
भुनाने की प्रक्रिया में शकरकंद के जटिल स्टार्च प्राकृतिक शर्करा में बदल जाते हैं, जिससे यह रात के समय पचने में आसान हो जाती है, इसलिए ये सर्दियों की भूख को मिटाने का एक प्रभावी विकल्प हो सकती है।
सर्दियों में आलस्य और सुस्ती एक सामान्य समस्या है। ऐसे में रात के समय भुनी हुई शकरकंद का सेवन विटामिन B6 और मैग्नीशियम की पूर्ति करता है, जिससे मस्तिष्क में 'सेरोटोनिन' हार्मोन का उत्पादन होता है। यह मूड, नींद, भूख और भावनाओं को नियंत्रित करने में मदद करता है और तनाव से राहत दिलाने में भी सहायक है।
भुनी हुई शकरकंद में बीटा-कैरोटीन की मात्रा बढ़ जाती है, जो आंखों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। सर्दियों में आंखों में रुखापन, पानी आना और लालिमा की समस्या आम होती है। इन सभी परेशानियों से राहत पाने में भुनी हुई शकरकंद मदद करेगी।
अब सवाल यह है कि भुनी हुई शकरकंद का सेवन कैसे और कब किया जाए। आयुर्वेद के अनुसार, इसे मसालों के साथ मिलाकर खाया जा सकता है, जैसे काला जीरा, नींबू, जीरा पाउडर और सोंठ मिलाकर खाने से यह सर्दी और बलगम में राहत देती है। शकरकंद को शाम के नाश्ते या रात के समय डिनर में ले सकते हैं। हालांकि, ध्यान रखें कि सोने से 2-3 घंटे पहले इसे खा लें। यदि कफ की समस्या नहीं है, तो रात में दूध के साथ भुनी हुई शकरकंद का सेवन किया जा सकता है।