26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

स्ट्रोक के लक्षणों की अनदेखी न करें, 'बचाव' फॉर्मूला से करें सही पहचान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
स्ट्रोक के लक्षणों की अनदेखी न करें, 'बचाव' फॉर्मूला से करें सही पहचान

सारांश

स्ट्रोक या ब्रेन अटैक एक गंभीर चिकित्सा स्थिति है। पहचान और त्वरित कार्रवाई से जान बचाई जा सकती है। जानिए 'बचाव' फॉर्मूला के बारे में और स्ट्रोक के लक्षणों को कैसे पहचानें।

मुख्य बातें

स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
' बचाव ' फॉर्मूला लक्षणों को पहचानने में मदद करता है।
हर मिनट कीमती है, त्वरित कार्रवाई से जान बचाई जा सकती है।

नई दिल्ली, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। स्ट्रोक या ब्रेन अटैक एक अत्यंत गंभीर और जानलेवा स्थिति है। यह तब उत्पन्न होती है जब मस्तिष्क तक खून पहुँचने में रुकावट आती है, जिसके परिणामस्वरूप मस्तिष्क की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। ऐसे में हर एक मिनट का महत्व होता है, क्योंकि जितनी जल्दी इलाज किया जाए, उतनी ही बेहतर रिकवरी की संभावनाएं होती हैं।

नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) स्ट्रोक के लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह देता है, क्योंकि समय पर पहचान और त्वरित कार्रवाई से जीवन बचाया जा सकता है। इसी संदर्भ में, एनएचएम एक सरल और प्रभावी बचाव फॉर्मूला प्रस्तुत करता है। स्ट्रोक के मुख्य लक्षणों को याद रखने का सबसे सरल तरीका है 'बचाव'।

स्ट्रोक में देरी का मतलब है मस्तिष्क को स्थायी नुकसान पहुँचना। तुरंत अस्पताल पहुँचने से क्लॉट-बस्टिंग दवाएं या अन्य उपचार दिए जा सकते हैं, जो रिकवरी में मदद करते हैं। स्ट्रोक से बचाव के लिए ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें, धूम्रपान और शराब का सेवन छोड़ें, नियमित व्यायाम करें और संतुलित आहार का पालन करें। 'बचाव' फॉर्मूला लक्षणों को समझने में मदद करता है-

मतलब बाजू (बाहों में कमजोरी): व्यक्ति से कहें कि दोनों बाहें ऊपर उठाएं। यदि एक बाजू नीचे गिर जाए या कमजोर महसूस हो, तो यह स्ट्रोक का संकेत है।

मतलब चेहरा (चेहरा असमान): मुस्कुराने के लिए कहें। यदि चेहरे का एक हिस्सा लटक रहा हो या असमान दिखे, तो सतर्क रहें।

मतलब आवाज (बोलने में कठिनाई): व्यक्ति से कोई सरल वाक्य दोहराने को कहें। यदि आवाज अस्पष्ट, तुतलाती हो या बोलने में कठिनाई हो, तो यह गंभीर खतरा है।

मतलब वक्त (समय): यदि उपरोक्त कोई भी लक्षण प्रकट हों, तो तुरंत समय बर्बाद न करें। 108 पर कॉल करें, एम्बुलेंस बुलाएं और नजदीकी अस्पताल पहुँचे (जहां सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध हो, जैसे जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज)।

हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है, ये लक्षण अचानक प्रकट होते हैं और सामान्यतः शरीर के एक तरफ प्रभाव डालते हैं। अन्य संकेतों में अचानक संतुलन बिगड़ना, आंखों में धुंधलापन या गंभीर सिरदर्द शामिल हो सकते हैं।

स्ट्रोक को 'साइलेंट किलर' भी कहा जाता है, क्योंकि यह कभी-कभी बिना चेतावनी के आ जाता है, लेकिन 'बचाव' फॉर्मूले के माध्यम से 90 प्रतिशत से अधिक मामलों में जल्दी पहचान संभव है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्ट्रोक के लक्षण क्या हैं?
स्ट्रोक के लक्षणों में बाजू में कमजोरी, चेहरे का असमान दिखना, बोलने में कठिनाई और संतुलन बिगड़ना शामिल हैं।
स्ट्रोक के समय क्या करना चाहिए?
यदि स्ट्रोक के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत 108 पर कॉल करें और नजदीकी अस्पताल पहुँचें।
स्ट्रोक से बचने के लिए क्या करें?
ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखें, धूम्रपान और शराब से दूर रहें, नियमित व्यायाम करें और संतुलित आहार लें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले