क्या राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस 2025 में 'एमएसएमई' का योगदान महत्वपूर्ण है?

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क्या राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस 2025 में 'एमएसएमई' का योगदान महत्वपूर्ण है?

सारांश

भारत में हर साल 30 अगस्त को राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस मनाया जाता है, जो एमएसएमई के महत्व को उजागर करता है। यह दिन लघु उद्योगों के योगदान को मान्यता देता है और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने का प्रयास करता है। जानिए इस दिन का महत्व और सरकार की योजनाएँ।

Key Takeaways

  • लघु उद्योगों का आर्थिक विकास में योगदान महत्वपूर्ण है।
  • देश में 29.44 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करना एक बड़ी उपलब्धि है।
  • सरकार की योजनाएँ कौशल विकास और नवाचार को बढ़ावा देती हैं।
  • उद्यम सहायता प्लेटफॉर्म अनौपचारिक उद्यमों को औपचारिक क्षेत्र में लाने का प्रयास कर रहा है।
  • यह दिन एमएसएमई के महत्व को और अधिक उजागर करता है।

नई दिल्ली, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। आर्थिक सशक्तीकरण में लघु उद्योगों के योगदान को ध्यान में रखते हुए, देश में हर वर्ष 30 अगस्त को राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस मनाया जाता है। यह एक वार्षिक अवसर है जिसे 30 अगस्त, 2001 से मनाया जा रहा है। भारत की पहचान एक कृषि प्रधान देश के रूप में होती है और देश की अर्थव्यवस्था में लघु स्तरीय उद्योगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस 2025 का मुख्य उद्देश्य लघु उद्योगों को बढ़ावा देना, रोजगार के अवसर पैदा करना, आर्थिक कौशल विकास और नवाचार को बढ़ावा देना है।

भारत सरकार की ओर से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई पहलों को शुरू किया गया है। प्रमुख पहलों में उद्यम पंजीकरण पोर्टल, पीएम विश्वकर्मा योजना, पीएमईजीपी, एसएफयूआरटीआई (स्फूर्ति) और एमएसई के लिए सार्वजनिक खरीद नीति शामिल हैं।

अनौपचारिक सूक्ष्म उद्यमों को औपचारिक रूप से देश की अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए भारत सरकार ने 11 नवंबर, 2023 को ‘उद्यम सहायता प्लेटफॉर्म’ की शुरुआत की थी। इस पहल का उद्देश्य उद्यमों को औपचारिक क्षेत्र के अंतर्गत लाना है, ताकि उन्हें प्राथमिकता क्षेत्र ऋण जैसे लाभ प्राप्त हो सकें।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के अनुसार, अभी तक, उद्यम असिस्ट प्लेटफॉर्म (यूएपी) को मिलाकर उद्यम पोर्टल पर कुल 6,77,06,336 पंजीकृत एमएसएमई हैं, जिनमें से अधिकांश को सूक्ष्म उद्यम के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

अपने आर्थिक योगदान के अलावा, एमएसएमई ने पर्याप्त रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं। देश भर में 29.44 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया है, जो इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।

इसी तरह, भारत सरकार द्वारा वर्ष 17 सितंबर, 2023 को 'पीएम विश्वकर्मा' योजना की शुरुआत की गई। इस योजना का उद्देश्य कारीगरों और शिल्पकारों के उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना है।

प्रधानमंत्री रोजगार निर्माण कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना को माइक्रो, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय और भारत सरकार द्वारा नियंत्रित किया जाता है।

यह योजना खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) द्वारा शुरू की गई है।

ये उद्यम गरीबों, महिलाओं, युवाओं और कमजोर समुदायों के बीच आजीविका और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए ये उद्यम आर्थिक संस्थाओं से बढ़कर समाज की रीढ़ भी हैं।

Point of View

यह कहना उचित होगा कि लघु उद्योगों का विकास देश की समृद्धि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन उद्यमों ने न केवल रोजगार के अवसर पैदा किए हैं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक विकास में भी योगदान दिया है। सरकार की पहलों से इस क्षेत्र में और भी वृद्धि होने की संभावना है।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस कब मनाया जाता है?
यह दिवस हर वर्ष 30 अगस्त को मनाया जाता है।
एमएसएमई का क्या महत्व है?
एमएसएमई देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और रोजगार के अवसर पैदा करते हैं।
भारत सरकार की प्रमुख पहलें कौन सी हैं?
भारत सरकार द्वारा उद्यम पंजीकरण पोर्टल, पीएम विश्वकर्मा योजना, पीएमईजीपी आदि प्रमुख पहलें हैं।
उद्यम सहायता प्लेटफॉर्म का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य अनौपचारिक सूक्ष्म उद्यमों को औपचारिक क्षेत्र में लाना है।
एमएसएमई के लिए रोजगार के अवसर कितने हैं?
एमएसएमई ने देश भर में 29.44 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया है।