क्या आईईएसए ने 4,500 करोड़ रुपए के खर्च से सेमीकंडक्टर कॉम्प्लेक्स लिमिटेड को मॉडर्नाइज करने की सराहना की?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या आईईएसए ने 4,500 करोड़ रुपए के खर्च से सेमीकंडक्टर कॉम्प्लेक्स लिमिटेड को मॉडर्नाइज करने की सराहना की?

सारांश

सेमीकंडक्टर कॉम्प्लेक्स लिमिटेड को 4,500 करोड़ रुपए के निवेश से आधुनिक बनाने का कदम भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए एक नई दिशा प्रस्तुत करता है। आईईएसए की सराहना और भविष्य की योजनाएँ इसे और भी रोमांचक बनाती हैं।

मुख्य बातें

आईईएसए ने सरकार की 4,500 करोड़ रुपए की प्रतिबद्धता की सराहना की।
एससीएल का 180 एनएम नोड के लिए आधुनिकरण।
भारत की स्ट्रेटेजिक आवश्यकताओं के लिए महत्वपूर्ण क्षमता।
छात्रों और स्टार्टअप्स के लिए फैब्रिकेशन फैसिलिटी की उपलब्धता।
स्थिर नीति और वित्तीय सहायता के साथ विकास की संभावना।

नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस) इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (आईईएसए) ने शनिवार को मोहाली में सेमीकंडक्टर कॉम्प्लेक्स लिमिटेड (एससीएल) के आधुनिकरण के लिए सरकार की 4,500 करोड़ रुपए की प्रतिबद्धता की सराहना की। आईईएसए ने कहा कि एससीएल पायलट प्रोडक्शन, छोटे पैमाने पर फैब्रिकेशन और प्रारंभिक स्तर के प्रोटोटाइप को सपोर्ट करते हुए विचारों को बाजार के लिए तैयार उत्पाद में बदलने की क्षमता रखता है।

आईईएसए के अध्यक्ष अशोक चांडक ने लैंड अलोटमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर क्लीयरेंस में तेजी लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि अनिश्चितता और देरी की समस्याओं को दूर किया जा सके।

आईईएसए ने कहा कि एससीएल प्लांट को 180 एनएम नोड के लिए आधुनिक किया जाएगा, जिससे कई व्यावसायिक अवसर उत्पन्न हो सकते हैं और क्षमता में 100 गुना वृद्धि संभव हो सकती है। भविष्य के अपग्रेड और लोअर टेक्नोलॉजी नोड्स के निर्माण के लिए सफल 180 एनएम सेटअप का उपयोग किया जा सकेगा।

बयान में कहा गया है कि यह क्षमता भारत की रणनीतिक आवश्यकताओं के लिए भी महत्वपूर्ण होगी, जिसमें डिफेंस, एयरोस्पेस, स्पेस और अन्य संवेदनशील क्षेत्र शामिल हैं, जिनके लिए विश्वसनीय स्वदेशी सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग की आवश्यकता है।

एससीएल स्वयं नेशनल ट्रेनिंग और कैपेसिटी-बिल्डिंग सेंटर के रूप में कार्य कर सकता है, जो ईडीए-टूल एक्सेस, हैंड्स-ऑन-वर्कफोर्स डेवलपमेंट और भारत के भविष्य के सेमीकंडक्टर टैलेंट पूल का निर्माण करने के लिए शिक्षा और उद्योग के साथ मजबूत सहयोग प्रदान करेगा।

एसोसिएशन ने कहा कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत वित्तीय सहायता और स्थिर नीति के साथ एससीएल को विस्तार में मदद मिलेगी। यह भारत की व्यापक आपूर्ति श्रृंखला के साथ इंटीग्रेट कर देश के निर्यात और नवाचार लक्ष्यों में महत्वपूर्ण योगदान करेगा।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पीएम मोदी ने एससीएल मोहाली के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। इसमें बड़े पैमाने पर उत्पादन क्षमता में वृद्धि शामिल है, जिसमें वेफर्स का उत्पादन वर्तमान स्तर से 100 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

एससीएल मोहाली छात्रों, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स को फैब्रिकेशन फैसिलिटी उपलब्ध करवाने के साथ-साथ उन्हें सहयोग प्रदान करता रहेगा, जिससे उनके चिप डिजाइन को वास्तविक सिलिकॉन में बदला जा सकेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एससीएल को आधुनिक बनाने का उद्देश्य क्या है?
एससीएल को आधुनिक बनाने का उद्देश्य भारत में सेमीकंडक्टर उत्पादन क्षमता को बढ़ाना और नए व्यावसायिक अवसरों का निर्माण करना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले
    क्या भारत को मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अग्रणी बनने के लिए औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स को प्राथमिकता देनी चाहिए? : आईसीईए