क्या विनिर्माण खामियों के कारण सन फार्मा और सिप्ला ने अमेरिका से अपनी दवाएं वापस मंगाई?

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क्या विनिर्माण खामियों के कारण सन फार्मा और सिप्ला ने अमेरिका से अपनी दवाएं वापस मंगाई?

सारांश

भारतीय दवा कंपनियों सन फार्मा और सिप्ला ने अमेरिका से अपनी दवाएं वापस मंगाने का निर्णय लिया है। यह कदम विनिर्माण से जुड़ी गंभीर समस्याओं के कारण उठाया गया है। जानें इस मामले के प्रमुख बिंदुओं और दवा उद्योग पर इसके संभावित प्रभाव के बारे में।

Key Takeaways

  • सन फार्मा और सिप्ला ने अमेरिका से दवाएं वापस मंगाई।
  • विनिर्माण खामियों के कारण ये कदम उठाया गया।
  • यूएसएफडीए ने दवाओं की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित किया है।
  • क्लास III और क्लास II रिकॉल की प्रक्रियाएं लागू की गईं।
  • दवा उद्योग के लिए गुणवत्ता बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, २६ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय दवा कंपनियों सन फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज और सिप्ला ने विनिर्माण से जुड़ी समस्याओं के चलते अमेरिका के बाजार से कुछ दवाएं वापस मंगाई हैं। यह जानकारी अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (यूएसएफडीए) की हालिया रिपोर्ट में उजागर हुई है。

रिपोर्ट के अनुसार, यूएसएफडीए ने बताया कि सन फार्मा की अमेरिका स्थित इकाई एक जेनरिक दवा की हजारों बोतलें वापस मंगा रही है। यह दवा डैंड्रफ (रूसी) और त्वचा की सूजन एवं खुजली जैसी समस्याओं के उपचार में प्रयोग होती है।

न्यू जर्सी के प्रिंसटन में स्थित सन फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज इंक ने फ्लुओसिनोलोन एसीटोनाइड टॉपिकल सॉल्यूशन की २४,६२४ बोतलें वापस मंगाई हैं। जांच में पाया गया कि यह दवा अशुद्धता और गुणवत्ता के मानकों पर खरी नहीं उतरी।

कंपनी ने ३० दिसंबर २०२५ को अमेरिका में क्लास III रिकॉल की प्रक्रिया शुरू की। यूएसएफडीए के अनुसार, क्लास III रिकॉल उन मामलों में किया जाता है जहां दवा के उपयोग से स्वास्थ्य को नुकसान होने की संभावना बहुत कम होती है।

यूएसएफडीए ने यह भी कहा कि सन फार्मा ने क्लिंडामाइसिन फॉस्फेट यूएसपी नाम की दवा के कुछ बैच भी वापस मंगाए हैं, जो मुंहासों के इलाज में काम आती है।

इस दवा को २६ नवंबर २०२५ को वापस मंगाया गया था, क्योंकि जांच में अशुद्धता का स्तर और दवा की मात्रा तय सीमा से बाहर पाई गई थी। इसे भी क्लास III रिकॉल में रखा गया है।

वहीं, यूएसएफडीए ने बताया कि सिप्ला की अमेरिका स्थित इकाई ने भी १५,००० से अधिक इंजेक्शन सिरिंज अमेरिकी बाजार से वापस मंगाई हैं।

सिप्ला यूएसए इंक का मुख्यालय न्यू जर्सी के वॉरेन में है। इसने लैनरियोटाइड इंजेक्शन की १५,२२१ पहले से भरी हुई सिरिंज वापस मंगाई हैं। इन सिरिंज में कण पाए गए हैं।

सिप्ला ने यह रिकॉल २ जनवरी २०२६ को क्लास II रिकॉल के तहत शुरू किया। यूएसएफडीए के अनुसार, क्लास II रिकॉल तब किया जाता है, जब दवा के इस्तेमाल से अस्थायी या ठीक हो सकने वाले स्वास्थ्य प्रभाव हो सकते हैं, हालांकि गंभीर नुकसान की संभावना कम होती है।

अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा दवा बाजार है। इसलिए वहां काम करने वाली दवा कंपनियों के लिए नियमों का पालन और दवाओं की गुणवत्ता बनाए रखना बेहद जरूरी माना जाता है।

Point of View

जहां दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा के मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक है, में इस प्रकार की समस्याएं न केवल कंपनियों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचा सकती हैं, बल्कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को भी खतरे में डाल सकती हैं।
NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

सन फार्मा और सिप्ला ने क्यों दवाएं वापस मंगाई हैं?
विनिर्माण से जुड़ी समस्याओं के कारण।
यूएसएफडीए क्या है?
यह अमेरिका का खाद्य एवं औषधि प्रशासन है जो दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा की निगरानी करता है।
क्लास III रिकॉल का क्या मतलब है?
यह उन दवाओं का रिकॉल है जिनके उपयोग से स्वास्थ्य को गंभीर खतरा नहीं होता।
सिप्ला ने कितनी सिरिंज वापस मंगाईं?
सिप्ला ने 15,221 इंजेक्शन सिरिंज वापस मंगाईं हैं।
दवा की गुणवत्ता बनाए रखना क्यों जरूरी है?
यह उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
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