क्या यूपीआई से लेकर पैन तक, एक जुलाई से बदल जाएंगे ये नियम?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 30 जून (राष्ट्र प्रेस)। जुलाई 2025 से कई नए वित्तीय नियम लागू होने जा रहे हैं, जिसका आपकी जेब पर सीधा असर पड़ सकता है। इनमें यूपीआई चार्जबैक, नए तत्काल ट्रेन टिकट बुकिंग और पैन कार्ड के नियमों में बदलाव शामिल हैं।
नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने हाल ही में यूपीआई चार्जबैक नियमों में बदलाव किया है ताकि सिस्टम को और अधिक आसान बनाया जा सके।
वर्तमान में, अत्यधिक दावों के कारण सभी चार्जबैक रिक्वेस्ट को अस्वीकृत कर दिया जाता है। इस स्थिति में, सही चार्जबैक रिक्वेस्ट को प्रोसेस करने के लिए बैंक को यूपीआई रेफरेंस कंप्लेंट सिस्टम (यूआरसीएस) के माध्यम से एनपीसीआई के पास जाकर केस को व्हाइटलिस्ट करना पड़ता है।
15 जुलाई के बाद, एनपीसीआई की इसमें कोई भूमिका नहीं रहेगी। यदि बैंक को कोई चार्जबैक रिक्वेस्ट सही लगती है, तो उसे एनपीसीआई से व्हाइटलिस्ट किए बिना प्रोसेस करने की अनुमति होगी।
यूपीआई चार्जबैक एक औपचारिक विवाद है, जिसे उपयोगकर्ता तब उठाता है जब कोई लेनदेन विफल हो जाता है या जब भुगतान की गई सेवा या उत्पाद वितरित नहीं होता है। यह उपयोगकर्ता को बैंक या भुगतान सेवा प्रदाता से धन वापसी की मांग करने की अनुमति देता है।
नए पैन कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए एक जुलाई से आपके पास आधार कार्ड होना अनिवार्य है। इससे पहले, आप किसी भी वैध दस्तावेज या जन्म प्रमाणपत्र के माध्यम से पैन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते थे।
जुलाई 2025 से तत्काल टिकट बुकिंग के लिए कई नए नियम लागू होंगे। 1 जुलाई 2025 से आईआरसीटीसी की वेबसाइट या इसके मोबाइल ऐप के जरिए तत्काल ट्रेन टिकट के लिए आधार सत्यापन अनिवार्य होगा।
गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स नेटवर्क (जीएसटीएन) ने 7 जून, 2025 को घोषणा की थी कि मासिक जीएसटी भुगतान फॉर्म जीएसटीआर-3बी को जुलाई 2025 से संपादित नहीं किया जा सकेगा।
इसके अलावा, जीएसटीएन ने कहा था कि करदाताओं को देय तिथि से तीन वर्ष की अवधि समाप्त होने के बाद जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।