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क्या उत्तर प्रदेश स्टार्टअप इंडिया का नया केंद्र बन रहा है?

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क्या उत्तर प्रदेश स्टार्टअप इंडिया का नया केंद्र बन रहा है?

सारांश

उत्तर प्रदेश आज स्टार्टअप इंडिया की नई पहचान बन रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से स्टार्टअप इकोसिस्टम में तेजी से वृद्धि हुई है, जो युवाओं को नए अवसर प्रदान कर रहा है। जानिए कैसे यह प्रदेश उद्यमिता की नई ऊंचाइयों को छूने की दिशा में अग्रसर है।

मुख्य बातें

18,568 सक्रिय स्टार्टअप उत्तर प्रदेश में हैं।
महिलाएं लगभग 8000 स्टार्टअप्स का नेतृत्व कर रही हैं।
आईटी सेक्टर तेजी से विकसित हो रहा है।
नवाचार केंद्र के रूप में उत्तर प्रदेश की पहचान बन रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी उद्यमिता का विस्तार हो रहा है।

लखनऊ, 7 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश आज स्टार्टअप इंडिया की नई धड़कन बनकर उभर रहा है। प्रदेश सरकार के दृढ़ प्रयासों और उद्योग के अनुकूल नीतियों ने राज्य में एक नई स्टार्टअप संस्कृति को जन्म दिया है। पिछले कुछ वर्षों में स्टार्टअप इकोसिस्टम में गुणात्मक और परिमाणात्मक वृद्धि देखने को मिली है।

स्टार्टअप इकोसिस्टम के मामले में उत्तर प्रदेश, देश में अपनी विशेष पहचान बना रहा है। यह परिवर्तन न केवल प्रदेश की आर्थिक प्रगति को गति दे रहा है बल्कि युवा ऊर्जा को सही दिशा भी प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार का दृष्टिकोण प्रदेश के युवाओं को जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर बनाना है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में स्टार्टअप की मौजूदगी है, जो एग्री-टेक, एआई, ड्रोन और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में हैं।

योगी सरकार के समर्थन से उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या तेजी से बढ़ी है। वर्तमान में प्रदेश में 18,568 स्टार्टअप सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। यह संख्या इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश अब उद्यमिता का एक मजबूत गढ़ बन चुका है। इन स्टार्टअप्स में से लगभग आठ हजार स्टार्टअप्स का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। सरकार की नीतियों में यह दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से झलकता है। स्टार्टअप नीति ने युवाओं को न केवल उद्यम आरंभ करने का अवसर दिया है, बल्कि उन्हें आवश्यक मेंटरशिप, वित्तीय सहयोग और तकनीकी मदद भी उपलब्ध कराई है। इनक्यूबेशन सेंटर

योगी आदित्यनाथ सरकार की आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स संबंधी नीतियों ने भी स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई दिशा दी है। प्रदेश में आईटी सेक्टर तेजी से विकसित हो रहा है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ, कानपुर और गोरखपुर जैसे शहर अब आईटी और टेक आधारित स्टार्टअप के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। सरकार द्वारा आईटी पार्कों का विकास तेज गति से किया जा रहा है। यही कारण है कि विश्व की कई बड़ी कंपनियां भी उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए उपयुक्त स्थान मान रही हैं।

स्टार्टअप सेक्टर के विशेषज्ञ रजत श्रीवास्तव का कहना है कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की प्रभावी और ठोस स्टार्टअप नीति के कारण स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से सुदृढ़ हो रहा है। उनका कहना है कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप का बहुत बड़ा केंद्र बनेगा।

आज उत्तर प्रदेश में सरकार की पारदर्शी नीतियां, मजबूत कानून-व्यवस्था और उद्योग-अनुकूल वातावरण के कारण उद्यमिता एक नई ऊंचाई पर पहुंच रही है। महिला उद्यमियों की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब नवाचार और उद्यमिता का विस्तार हो रहा है जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अपने स्टार्टअप इकोसिस्टम को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रदेश की नई पहचान एक विकसित नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित हो रही है, जहां युवा अपने सपनों को जमीन पर उतार रहे हैं और उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि युवा प्रतिभाओं के लिए अवसर भी सृजित कर रहा है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश में कितने स्टार्टअप सक्रिय हैं?
वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 18,568 स्टार्टअप सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
योगी आदित्यनाथ की स्टार्टअप नीति का क्या प्रभाव है?
योगी आदित्यनाथ की स्टार्टअप नीति ने उद्यमिता को सशक्त बनाया है और युवाओं को जॉब क्रिएटर बनने का अवसर प्रदान किया है।
उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप्स के लिए कौन से क्षेत्र प्रमुख हैं?
उत्तर प्रदेश में एग्री-टेक, एआई, ड्रोन और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप्स प्रमुख हैं।
राष्ट्र प्रेस
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