पश्चिम एशिया में तनाव से भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, ट्रंप की चेतावनी ने बढ़ाई अनिश्चितता

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पश्चिम एशिया में तनाव से भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, ट्रंप की चेतावनी ने बढ़ाई अनिश्चितता

सारांश

पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के चलते भारतीय शेयर बाजार ने लगातार छठे हफ्ते गिरावट का सामना किया। निवेशकों की चिंताओं के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

Key Takeaways

  • पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव का प्रभाव भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा है।
  • निफ्टी और सेंसेक्स ने गिरावट के साथ सप्ताह का समापन किया।
  • निवेशकों की नजर आने वाले घटनाक्रमों पर है।
  • यदि तनाव कम होता है, तो बाजार में सुधार की संभावना है।
  • एचडीएफसी लाइफ और सन फार्मा जैसे शेयरों को नुकसान हुआ।

मुंबई, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और मुद्रा में तीव्र उतार-चढ़ाव के कारण भारतीय शेयर बाजार ने लगातार छठे हफ्ते गिरावट का सामना किया। इस चार दिन के छोटे कारोबारी हफ्ते में दोनों प्रमुख बेंचमार्क नकारात्मक क्षेत्र में बंद हुए।

बीएसई सेंसेक्स ने गुरुवार को 73,319.55 पर समापन किया, जो पिछले शुक्रवार के समापन से 263.67 अंक या 0.35 प्रतिशत की कमी दर्शाता है। वहीं, निफ्टी50 ने साप्ताहिक आधार पर 106.50 अंक या 0.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,713.10 पर बंद हुआ।

हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन बाजार में भारी गिरावट देखी गई। शुरुआती कारोबार में निफ्टी ने 500 से अधिक अंक की गिरावट का सामना किया और सेंसेक्स ने 1,500 अंकों से अधिक की कमी दर्ज की। यह गिरावट उस समय आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगले 2-3 हफ्तों में ईरान पर कड़े सैन्य हमले संभव हैं। हालांकि, दिन के अंत तक बाजार में कुछ सुधार देखने को मिला।

निफ्टी 50 में शामिल कंपनियों में एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस, सन फार्मा, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, एनटीपीसी और सिप्ला इस सप्ताह सबसे अधिक नुकसान उठाने वाले शेयर रहे।

विस्तृत बाजार में, बीएसई मिडकैप 150 ने बेंचमार्क के मुकाबले खराब प्रदर्शन किया और सप्ताह-दर-सप्ताह 0.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की, जबकि बीएसई स्मॉलकैप 250 ने इसके विपरीत 0.8 प्रतिशत की वृद्धि दिखाई।

सेक्टर के अनुसार, रियल्टी, हेल्थकेयर और बैंकिंग क्षेत्रों ने क्रमशः लगभग 3 प्रतिशत, 2.7 प्रतिशत, और 1 प्रतिशत की वृद्धि देखी। वहीं, मेटल, पावर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स क्षेत्र में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई और ये शीर्ष हानि में शामिल रहे।

विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी हफ्तों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, क्योंकि निवेशकों की नजर पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर टिकी हुई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि तनाव में कमी आती है, तो कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और मुद्रा में स्थिरता देखने को मिल सकती है, जिससे बाजार को राहत मिलेगी। दूसरी ओर, यदि तनाव बढ़ता है, तो विदेशी निवेश पर दबाव बना रहेगा और बाजार में कमजोरी बरकरार रह सकती है।

वर्तमान में, ब्रेंट क्रूड की कीमतें 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं।

आगामी हफ्ते में बाजार कई महत्वपूर्ण घटनाओं पर ध्यान देगा, जिसमें आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति का निर्णय, अमेरिका की एफओएमसी बैठक के मिनट्स (8 अप्रैल) और वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के परिणामों की शुरुआत शामिल है।

यह ध्यान देने योग्य है कि शुक्रवार को 'गुड फ्राइडे' के कारण शेयर बाजार और कमोडिटी बाजार बंद रहेंगे। अब बाजार सोमवार को खुलेंगे, क्योंकि शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश है।

Point of View

NationPress
06/04/2026

Frequently Asked Questions

भारतीय शेयर बाजार ने क्यों गिरावट का सामना किया?
भारतीय शेयर बाजार ने पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और डोनाल्ड ट्रंप के चेतावनी भरे बयान के चलते गिरावट का सामना किया।
निफ्टी और सेंसेक्स की स्थिति क्या है?
निफ्टी ने 106.50 अंक और सेंसेक्स ने 263.67 अंक की गिरावट के साथ सप्ताह का समापन किया।
क्या आने वाले हफ्तों में बाजार में सुधार की संभावना है?
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि तनाव में कमी आती है, तो बाजार में सुधार देखने को मिल सकता है।
इस हफ्ते कौन-सी कंपनियों को नुकसान हुआ?
एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस, सन फार्मा और डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज जैसी कंपनियों को इस हफ्ते सबसे अधिक नुकसान हुआ।
क्या बाजार में और गिरावट की संभावना है?
यदि तनाव बढ़ता है, तो विदेशी निवेश पर दबाव बना रह सकता है, जिससे बाजार में कमजोरी जारी रह सकती है।
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