'108 बेस हॉस्पिटल: उरी' से गश्मीर महाजनी को मिला पहली बार आर्मी ऑफिसर बनने का मौका
सारांश
मुख्य बातें
टेलीविजन के जाने-माने अभिनेता गश्मीर महाजनी जल्द ही आने वाले आर्मी-बेस्ड टीवी शो '108 बेस हॉस्पिटल: उरी' में मुख्य भूमिका में नज़र आएंगे। अभिनेता ने बताया कि यह शो न केवल सेना के मिशन और कर्तव्यों को दर्शाएगा, बल्कि आर्मी जवानों की निजी ज़िंदगी और उनके पारिवारिक संघर्षों को भी सामने लाएगा। 13 अगस्त 2026 को मुंबई में हुई बातचीत में महाजनी ने शो और अपने किरदार को लेकर कई अहम बातें साझा कीं।
शो का अनूठा फॉर्मेट
गश्मीर महाजनी ने बताया, 'मेरा मानना है कि इस तरह के शो टीवी पर पहली बार प्रसारित हो रहे हैं। यह टेलीविजन की एक तरह से जीत है।' उनके अनुसार शो का पहला सीज़न 30 एपिसोड का होगा और यह हर शनिवार और रविवार को प्रसारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शो का टीज़र और ट्रेलर देखकर किसी को भी यह किसी बड़े बजट की फिल्म जैसा लगेगा।
आर्मी रोल के लिए दिल से दी हां
अभिनेता ने बताया कि जैसे ही उन्हें पता चला कि यह एक आर्मी-बेस्ड शो है, उन्होंने तुरंत हामी भर दी। उन्होंने कहा, 'आर्मी हमेशा मेरे दिल के करीब रही है और हमेशा से मेरी दिली इच्छा थी कि मैं एक दिन आर्मी अधिकारी का रोल अदा करूं।' उन्होंने यह भी बताया कि स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद उन्हें लगा कि उनके किरदार में 'बहुत इंडिविजुअलिटी और अपनी पहचान है।'
किरदार की झलक
शो में गश्मीर महाजनी डॉक्टर मेजर अनिरुद्ध जायसवाल का किरदार निभा रहे हैं। यह किरदार एक ऐसे आर्मी मेडिकल ऑफिसर का है जो पेशेवर कॉम्बैट जीवन के साथ-साथ अपने व्यक्तिगत रिश्तों और पारिवारिक उथल-पुथल से भी जूझता है। अभिनेता के अनुसार, 'ऐसा नहीं है कि आर्मी में सिर्फ मिशन ही होते हैं — दर्शकों को उसकी निजी ज़िंदगी भी देखने को मिलेगी।'
एरिका फर्नांडिज भी शो में
गश्मीर महाजनी ने खुलासा किया कि शो में अभिनेत्री एरिका फर्नांडिज भी अहम भूमिका में होंगी। उन्होंने बताया कि शो में एक लव स्टोरी भी है — उनके किरदार और एरिका के किरदार के बीच एक खास रिश्ता दर्शाया जाएगा। इसके अलावा निखिल और आयुषी के किरदारों के बीच भी एक रोमांटिक ट्रैक होगा।
टीम का समर्पण
अभिनेता ने शो की पूरी टीम की तारीफ करते हुए कहा, 'हमने यह शो अपने दिल से बनाया है। इसमें शामिल हर एक्टर और डायरेक्टर बहुत ईमानदार हैं।' यह शो टेलीविजन पर एक नया मानक स्थापित करने की कोशिश में है, जहाँ सेना के जवानों की मानवीय कहानियाँ भी उतनी ही प्रमुखता से दिखाई जाएंगी जितनी उनकी वीरता।