महज 12 वर्ष की आयु में ड्राइविंग सीखकर तोड़ी सभी सामाजिक बाधाएँ, मधुबाला की अनोखी कहानी
सारांश
Key Takeaways
- मधुबाला का असली नाम मुमताज जहां देहलवी था।
- उन्होंने 12 साल की उम्र में ड्राइविंग सीखी।
- उनका करियर लगभग 70 फ़िल्मों में फैला हुआ है।
- उन्होंने दिलीप कुमार और किशोर कुमार के साथ प्रेम कहानी को जीया।
- मधुबाला का निधन 36 वर्ष की आयु में हुआ।
मुंबई, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड के सुनहरे युग की मधुबाला एक ऐसी अदाकारा थीं, जिनकी खूबसूरती और अभिनय ने हर किसी को मोहित कर दिया। उनकी मासूमियत ने उन्हें सिनेमा में एक विशेष स्थान दिलाया। जबकि अन्य लड़कियां खेलकूद और पढ़ाई में व्यस्त थीं, मधुबाला ने महज 12 साल की उम्र में ड्राइविंग सीखकर सामाजिक बंधनों को तोड़ दिया।
उनका जन्म 14 फरवरी 1933 को दिल्ली में हुआ था, और असली नाम मुमताज जहां देहलवी था। उनके पिता, अताउल्लाह खान, पेशावर की एक तंबाकू फैक्ट्री में काम करते थे, लेकिन बेहतर जीवन की तलाश में मुंबई आए। आर्थिक कठिनाइयों के कारण, मधुबाला को 9 साल की उम्र में काम करना शुरू करना पड़ा। उन्होंने फिल्म 'बसंत' में एक बाल कलाकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत की, जहां उन्हें बेबी मुमताज के नाम से जाना जाता था।
मधुबाला का फ़िल्मी करियर तेजी से उभरा। 1947 में, उन्होंने 'नील कमल' जैसी फ़िल्मों में काम किया और उनका नाम बदलकर मधुबाला रखा गया। वह न केवल खूबसूरत थीं, बल्कि प्रगतिशील सोच रखती थीं। उनका ड्राइविंग सीखना उस समय की सामाजिक मान्यताओं को चुनौती देने वाला कदम था।
1950 के दशक में, उन्होंने कई हिट फ़िल्में दीं, जैसे 'महल', 'फागुन', 'हावड़ा ब्रिज', 'काला पानी' और 'चलती का नाम गाड़ी', और उस समय के प्रमुख अभिनेताओं जैसे राजकपूर और दिलीप कुमार के साथ काम किया।
मधुबाला का व्यक्तिगत जीवन भी दिलचस्प रहा। उनकी प्रेम कहानी दिलीप कुमार और बाद में किशोर कुमार के साथ चर्चित रही। दिलीप कुमार के साथ उनका रिश्ता गहरा था, लेकिन पारिवारिक कारणों से अलगाव हो गया। बाद में, उन्होंने किशोर कुमार से शादी की, जो उनके जीवन के अंतिम समय तक उनके साथ रहे।
मधुबाला के जीवन में कई चुनौतियाँ आईं। 1960 के दशक में, उनकी सेहत बिगड़ने लगी, और डॉक्टरों ने बताया कि उनके दिल में छेद है। इसके बावजूद, मधुबाला ने अपनी आत्मनिर्भरता नहीं खोई।
उन्होंने अपने करियर में लगभग 70 फ़िल्मों में काम किया, और उनका योगदान आज भी याद किया जाता है। 23 फरवरी 1969 को, 36 साल की उम्र में, उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।