पर्यटन नेतृत्व शिखर सम्मेलन: उपराष्ट्रपति ने पर्यटन को सॉफ्ट कूटनीति का महत्वपूर्ण माध्यम बताया

Click to start listening
पर्यटन नेतृत्व शिखर सम्मेलन: उपराष्ट्रपति ने पर्यटन को सॉफ्ट कूटनीति का महत्वपूर्ण माध्यम बताया

सारांश

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने पर्यटन नेतृत्व शिखर सम्मेलन में भारत और अमेरिका के बीच पर्यटन को सॉफ्ट कूटनीति का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने पर्यटन विकास के लिए ठोस रोडमैप और सामुदायिक विकास की आवश्यकता पर जोर दिया।

Key Takeaways

  • पर्यटन को सॉफ्ट कूटनीति का महत्वपूर्ण साधन माना गया।
  • भारत का लक्ष्य पर्यटन विजन 2029 के माध्यम से विश्वस्तरीय स्थलों का विकास करना है।
  • सामुदायिक और समावेशी विकास पर जोर दिया गया।
  • नई प्रौद्योगिकियों का उपयोग पर्यटन अनुभव को बेहतर बनाने में किया जाएगा।
  • पर्यटन विकास में पर्यावरणीय लक्ष्यों का ध्यान रखना आवश्यक है।

नई दिल्ली, 24 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मंगलवार को नई दिल्ली में 'संकला फाउंडेशन' के सहयोग से आयोजित 'यूएस-इंडिया पार्टनरशिप फोरम' के तहत पर्यटन नेतृत्व शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने आयोजकों की सराहना की, जिन्होंने एक ऐसा मंच विकसित किया है जो न सिर्फ पर्यटन की संभावनाओं का जश्न मनाता है, बल्कि यात्रा और आतिथ्य क्षेत्र में भारत-अमेरिका आर्थिक गलियारे को मजबूत करने के लिए एक रणनीतिक रोडमैप भी प्रस्तुत करता है।

उपराष्ट्रपति ने यह स्पष्ट किया कि पर्यटन केवल एक उद्योग नहीं है, बल्कि यह संस्कृतियों के बीच एक पुल, आर्थिक अवसरों का एक प्रेरक और सॉफ्ट कूटनीति का एक प्रभावशाली साधन है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच पर्यटन, लोगों के बीच गहरे संबंधों, साझा मूल्यों, उद्यमिता की भावना और भारतीय प्रवासी समुदाय की सक्रियता को दर्शाता है।

भारत की दूरदर्शिता को उजागर करते हुए, उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पर्यटन विजन 2029 की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य हर राज्य में एक विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल का विकास करना है, जिसमें मजबूत अवसंरचना और वैश्विक आतिथ्य मानक शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें निर्बाध संपर्क, स्मार्ट सुविधाएं, सुरक्षा, स्थिरता, डिजिटल एकीकरण और समृद्ध आगंतुक अनुभवों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

भारत की सांस्कृतिक विरासत, भौगोलिक विविधता और युवा जनसंख्या का लाभ उठाते हुए उन्होंने कहा कि देश विश्व स्तर पर पर्यटन को पुनर्परिभाषित करने के लिए तैयार है। उन्होंने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों के संरक्षण और विकास पर जोर दिया, जिसमें बेहतर आगंतुक सुविधाएं, व्याख्या केंद्र, अंतर्निहित कनेक्टिविटी, स्थायी प्रथाएं और डिजिटल कहानी-वाचन शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पर्यटन विकास को पर्यावरणीय लक्ष्यों के अनुरूप होना चाहिए, जिसमें जलवायु-सचेत अवसंरचना, सामुदायिक आधारित पर्यटन मॉडल और प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण शामिल है।

उपराष्ट्रपति ने नए युग के पर्यटन स्थलों के विकास की आवश्यकता को भी रेखांकित किया, जो कि अंतरिक्ष, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, नवीकरणीय ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण को प्रदर्शित करते हैं। उन्होंने पर्यटन अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एआई जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के समावेश पर जोर दिया। पर्यटन को रोजगार सृजन के सबसे बड़े स्रोतों में से एक मानते हुए, उन्होंने समावेशी और सामुदायिक-संचालित विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण, उद्यमिता और महिला नेतृत्व वाले उद्यमों में अधिक निवेश की आवश्यकता पर बल दिया।

अपने संबोधन के अंत में उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने यह उम्मीद व्यक्त की कि यह शिखर सम्मेलन स्थिरता, नवाचार, समावेशिता और साझा समृद्धि पर आधारित भारत-अमेरिका सहयोग के एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा।

Point of View

जो न केवल आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है, बल्कि सांस्कृतिक समर्पण का भी प्रतीक है।
NationPress
25/02/2026

Frequently Asked Questions

पर्यटन नेतृत्व शिखर सम्मेलन का उद्देश्य क्या था?
इस सम्मेलन का उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच पर्यटन संबंधों को मजबूत करना और एक रणनीतिक रोडमैप तैयार करना था।
उपराष्ट्रपति ने पर्यटन को किस प्रकार का साधन बताया?
उपराष्ट्रपति ने पर्यटन को सॉफ्ट कूटनीति और सांस्कृतिक संबंधों का एक महत्वपूर्ण साधन बताया।
भारत का पर्यटन विजन 2029 क्या है?
भारत का पर्यटन विजन 2029 का उद्देश्य हर राज्य में एक विश्व स्तर का पर्यटन स्थल विकसित करना है।
पर्यटन विकास के लिए किन पहलुओं पर ध्यान दिया गया?
पर्यटन विकास में सुरक्षा, स्थिरता, डिजिटल एकीकरण और आगंतुक अनुभवों पर ध्यान दिया गया।
उपराष्ट्रपति ने किस प्रकार की प्रौद्योगिकियों पर बल दिया?
उपराष्ट्रपति ने पर्यटन अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एआई जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के समावेश पर बल दिया।
Nation Press