सोनू सूद ने गीता और कुरान का उदाहरण देकर शांति और भाईचारे का संदेश दिया
सारांश
Key Takeaways
- गीता और कुरान का सह-अस्तित्व शांति का प्रतीक है।
- सच्चा मित्र वही होता है जो कड़वा सच बताता है।
- हम अक्सर छोटी चीजों को अनदेखा कर देते हैं जो महत्वपूर्ण होती हैं।
- इंसानियत के मूल्यों को पहचानना और सुधारना जरूरी है।
मुंबई, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता सोनू सूद हमेशा अपने अभिनय और जरूरतमंदों की सहायता के लिए चर्चा में रहते हैं। इसके साथ ही, वे किसी भी विषय पर अपनी राय स्पष्टता से व्यक्त करने में संकोच नहीं करते हैं। मंगलवार को, सोनू सूद ने सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ गहरे और विचारशील विचार साझा किए।
अभिनेता ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया जिसमें उन्होंने गीता और कुरान का उदाहरण देकर मानवता के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया।
उन्होंने कहा, "क्या आपने कभी सोचा है कि शराब बेचने वाले को कहीं जाने की जरूरत नहीं होती, जबकि दूध बेचने वाले को घर-घर जाना पड़ता है? फिर भी लोग दूध वाले पर शक करते हैं कि कहीं उसने पानी मिला तो नहीं दिया, जबकि वे खुद शराब में पानी मिला कर पीते हैं।"
सूद ने आगे कहा कि सच्चा दोस्त वही होता है जो कड़वा सच कहता है। नमक में कीड़े नहीं लगते, लेकिन मिठाई में अक्सर कीड़े होते हैं।
उन्होंने कहा, "हम किसी अच्छी तस्वीर की वर्षों तक प्रशंसा करते हैं, लेकिन उस तस्वीर को सहारा देने वाली छोटी-सी कील को भूल जाते हैं। ठीक वैसे ही, मोमबत्ती जलाकर हम अपने गुजरे हुए लोगों को याद करते हैं, लेकिन उसी मोमबत्ती को बुझाकर जन्मदिन की खुशी मनाते हैं। पायल की कीमत हजारों में होती है, लेकिन उसे पैरों में पहनते हैं और बिंदी सस्ती होती है, लेकिन उसे माथे पर सजाते हैं।"
अंत में, उन्होंने गीता और कुरान का उदाहरण देते हुए कहा, "सबसे महत्वपूर्ण यह है कि घर में रखी गीता और कुरान कभी आपस में नहीं लड़ती हैं। वे शांति से सह-अस्तित्व में रहती हैं, लेकिन जो लोग इनके नाम पर झगड़ते हैं, उन्होंने इन्हें कभी सही से पढ़ा ही नहीं। इंसान, अपनी गलतियों को पहचानो। अभी भी सुधारने का समय है। बेहतर इंसान बनो, क्योंकि यही असली जीवन है।"