क्या रजनीकांत-शत्रुघ्न सिन्हा की 'हम में शहंशाह कौन' 37 साल बाद रिलीज होगी?
सारांश
Key Takeaways
- फिल्म 'हम में शहंशाह कौन' 37 साल बाद रिलीज हो रही है।
- रजनीकांत और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे दिग्गज कलाकारों की विशेषता।
- फिल्म को आधुनिक तकनीक के माध्यम से रीस्टोर किया गया है।
- फिल्म में 80-90 के दशक का बॉलीवुड जादू है।
- यह फिल्म ओटीटी प्लेटफार्मों पर भी उपलब्ध होगी।
रांची, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दशकों की लंबी प्रतीक्षा के बाद, कई वर्षों से रुकी हुई मल्टी-स्टारर फिल्म 'हम में शहंशाह कौन' अब बड़े पर्दे पर प्रदर्शित होने के लिए तैयार है। सुपरस्टार रजनीकांत और शत्रुघ्न सिन्हा की प्रमुख भूमिकाओं वाली इस फिल्म का 37 साल बाद दर्शकों को इंतजार खत्म होने वाला है।
प्रोड्यूसर राजा रॉय का यह ख्वाब अब हकीकत में बदल रहा है, जिन्होंने व्यक्तिगत समस्याओं और अनेक बाधाओं के बावजूद इस फिल्म को जीवित रखने में सफलता प्राप्त की। फिल्म में रजनीकांत और शत्रुघ्न सिन्हा के साथ-साथ हेमा मालिनी, अनीता राज, प्रेम चोपड़ा, शरद सक्सेना, दिवंगत अमरीश पुरी, और जगदीप जैसे कई दिग्गज कलाकार भी शामिल हैं।
इस क्लासिक फिल्म का निर्देशन दिवंगत हरमेश मल्होत्रा ने किया था। इसके डायलॉग सलीम-फैज ने लिखे, संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने दिया, गाने आनंद बख्शी ने लिखे और कोरियोग्राफी सरोज खान ने की। एसोसिएट प्रोड्यूसर के रूप में असलम मिर्जा और शबाना मिर्जा शामिल हैं। यह फिल्म राजा रॉय फिल्म्स के बैनर तले बनी और रेक्स म्यूज़िक एंटरटेनमेंट द्वारा प्रस्तुत की गई। फिल्म की पूरी शूटिंग हो चुकी थी, लेकिन इसे सर्टिफिकेशन के लिए कभी सबमिट नहीं किया गया। इसका कारण प्रोड्यूसर राजा रॉय की व्यक्तिगत समस्याएं थीं। शूटिंग के बाद वे लंदन गए, जहां उनके छोटे बेटे का निधन हो गया, जिससे फिल्म की रिलीज रुक गई। इसके बाद, निर्देशक हरमेश मल्होत्रा की असामयिक मृत्यु ने भी इस प्रोजेक्ट को प्रभावित किया।
फिर भी, निर्माताओं ने हार नहीं मानी। असलम मिर्जा और शबाना मिर्जा ने इसे पुनः प्रारंभ करने की ठानी। आधुनिक तकनीक की सहायता से फिल्म को एआई के माध्यम से रीस्टोर किया गया है। 4के रीमास्टरिंग और 5.1 सराउंड साउंड मास्टरिंग की गई है। एआई का उपयोग केवल दृश्य और ऑडियो को बेहतर बनाने के लिए किया गया है, ताकि मूल परफॉर्मेंस, स्क्रीनप्ले और कहानी की मुख्य बातें बनी रहें।
प्रोड्यूसर राजा रॉय ने कहा, “हमने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी। इस फिल्म ने दुख, रुकावटें और लंबी खामोशी झेली है। आज खुशी है कि यह दर्शकों तक पहुंच रही है। यह किस्मत का पूरा होना है।”
असलम मिर्जा ने बताया कि तकनीक का उपयोग संयम से किया गया है। उद्देश्य फिल्म को फिर से बनाना नहीं, बल्कि इसकी विरासत को बचाना था। यह फिल्म अब एक शानदार सिनेमैटिक वापसी है, जो एक अनरिलीज्ड क्लासिक है जिसे आधुनिक दर्शकों के लिए बहाल किया गया है, लेकिन इसका पुराना जादू बरकरार है। यह फिल्म देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी और बाद में ओटीटी और अन्य प्लेटफार्मों पर भी उपलब्ध होगी। दर्शकों को इसमें 80-90 के दशक की बॉलीवुड की झलक मिलेगी—बड़े सितारे, शानदार संगीत, और एक्शन और ड्रामा का मिश्रण।