क्या योगी सरकार के सुशासन ने चौगुर्जी गांव में खुशियों का सवेरा ला दिया?
सारांश
Key Takeaways
- चौगुर्जी गांव में नए पुल का निर्माण हुआ।
- जल जीवन मिशन के तहत स्वच्छ पानी की सुविधा मिली।
- सौर ऊर्जा से गांव की रोशनी बढ़ी।
- शिक्षा के क्षेत्र में सुधार हुआ।
- योगी सरकार की नीतियों ने सीमांत क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा दिया।
लखनऊ/लखीमपुर खीरी, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित चौगुर्जी गांव ने वर्षों तक विकास के अभाव का सामना किया। नदी, दुरी और कठिन भूगोल ने यहां के 109 परिवारों को मुख्यधारा से अलग-थलग कर दिया था, लेकिन योगी सरकार के "हर गांव तक विकास" के संकल्प ने गुरुवार को इस सीमांत गांव के भविष्य को बदल दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कार्यरत सुशासन मॉडल का एक अद्भुत उदाहरण गुरुवार को देखा गया, जब जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल की प्रशासनिक तत्परता और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से चौगुर्जी गांव को वह जीवनदायिनी सौगात मिली, जिसकी इसे दशकों से प्रतीक्षा थी।
गुरुवार को कर्णाली और मोहना नदी पर बने नए पांटून पुल का उद्घाटन डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल और निघासन विधायक शशांक वर्मा ने किया। यह पुल केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि गांव के लिए एक जीवन-रेखा साबित हुआ है। पहले जहां गांव तक पहुंचने में दो घंटे लगते थे, अब एंबुलेंस, विद्यालय की बसें और आवश्यक सेवाएं कुछ ही मिनटों में उपलब्ध होंगी। यह बदलाव योगी सरकार की उस नीति का परिणाम है, जिसमें सीमांत और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंच प्राथमिकता है।
योगी सरकार के जल जीवन मिशन के तहत चौगुर्जी के 109 परिवारों को नल से शुद्ध पेयजल की सुविधा प्राप्त हुई। वर्षों से आर्सेनिक युक्त पानी पीने के लिए मजबूर ग्रामीणों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं। बटन दबाते ही नलों से निकला साफ पानी इस बात का प्रतीक बना कि सरकार की योजनाएं अब कागजों से निकलकर ज़मीन पर उतर चुकी हैं।
सीमांत गांव की गलियों में अब अंधेरा नहीं, बल्कि उम्मीद की रोशनी है। 20 सौर स्ट्रीट लाइटों के उद्घाटन से न केवल गांव जगमगाया, बल्कि सुरक्षा और सामाजिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आया। यह पहल योगी सरकार की ग्रीन एनर्जी और आत्मनिर्भर गांव की सोच को दर्शाती है।
परिषदीय विद्यालयों में सौर ऊर्जा, स्मार्ट क्लास और नया फर्नीचर उपलब्ध कराकर सरकार ने यह संदेश दिया कि सीमा पर रहने वाला बच्चा भी वही अवसर पाएगा जो शहरों में उपलब्ध हैं। अब चौगुर्जी के बच्चे भी डिजिटल शिक्षा से जुड़कर देश की मुख्यधारा का हिस्सा बनेंगे।
ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि यह दिन उनके जीवन का सबसे बड़ा पल है। इतने वर्षों बाद हमें पुल, साफ पानी, रोशनी और शिक्षा मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, विधायक और डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने हमारे गांव को पहचान दी है। चौगुर्जी गांव की यह तस्वीर लखीमपुर खीरी में चल रहे उस व्यापक बदलाव की कहानी कहती है, जहां योगी सरकार के नेतृत्व में सीमा, दूरी और संसाधनों की कमी अब विकास में बाधा नहीं बन रही।