अमेरिका ने ईरान के खिलाफ पहली बार 'प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल' का इस्तेमाल किया: जनरल डैन केन
सारांश
Key Takeaways
- प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल का पहली बार युद्ध में उपयोग किया गया।
- ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल की गईं।
- आर्टिलरी फोर्स ने टैक्टिकल मिसाइल का उपयोग कर दुश्मन के जहाजों को नष्ट किया।
- कम उम्र के सैनिकों ने पेशेवर तरीके से मिशन पूरा किया।
- यह मिसाइल अमेरिकी सेना की लंबी दूरी की मारक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होगी।
वॉशिंगटन, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका ने पहली बार अपने नए 'प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल' (सटीक मार करने वाली मिसाइल) का युद्ध में उपयोग किया है। यह हमला ईरान के खिलाफ एक सैन्य अभियान के दौरान किया गया।
अमेरिकी सेना के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने एक ब्रीफिंग में अभियान की प्रगति को साझा करते हुए यह महत्वपूर्ण जानकारी दी।
उन्होंने बताया, “इस ऑपरेशन के पहले 13 दिनों में हमारी आर्टिलरी फोर्स ने ऐतिहासिक काम किया। उन्होंने पहली बार युद्ध में प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल दागी, जो दुश्मन के क्षेत्र में पहुंची।”
यह मिसाइल अमेरिकी सेना की आर्टिलरी यूनिट्स द्वारा दागी गई थी, जो ईरान के सैन्य ढांचे के खिलाफ चल रहे अभियान को समर्थन दे रही थीं।
केन ने कहा कि अमेरिकी सैनिक और मरीन अत्याधुनिक रॉकेट और मिसाइल सिस्टम का संचालन कर रहे हैं, जो युद्ध क्षेत्र से काफी दूर तक निशाना लगा सकते हैं।
उन्होंने कहा, “हमारी आर्टिलरी फोर्स, जिसमें अमेरिकी सैनिक और मरीन शामिल हैं, दुश्मन के जहाजों को डुबो रही हैं, हथियारों के भंडार को नष्ट कर रही हैं और ईरान के बाहर से आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम, प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल और हिमार्स मिसाइल दाग रही हैं।”
जनरल के अनुसार, सेना ने आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम (एटीएसीएमएस) का इस्तेमाल करके ईरान की नौसैनिक संपत्तियों को नष्ट किया।
उन्होंने बताया, “एटीएसीएमएस का उपयोग करके कई जहाजों को डुबोया गया, जिसमें एक पनडुब्बी भी शामिल है।”
केन ने कहा कि हाल ही में उन्होंने नॉर्थ कैरोलिना के फोर्ट ब्रैग में तैनात तीसरी बटालियन, 27वीं फील्ड आर्टिलरी रेजिमेंट के सैनिकों से बात की, जिसमें वह टीम भी शामिल थी, जिसने पहली प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल दागी।
उन्होंने बताया कि उस टीम के एक सैनिक ने केवल 6 महीने पहले ही सेना में भर्ती लिया था और उसे यूनिट में आए केवल 2 महीने हुए थे, लेकिन उसे पहले ही तैनाती पर भेज दिया गया था। सबसे छोटा सैनिक 20 साल का था, जबकि बाकी 22 और 28 साल के थे।
कम उम्र के बावजूद जनरल ने कहा कि सैनिकों ने अपना मिशन शांति और पेशेवर तरीके से पूरा किया। उन्होंने कहा, “उनकी बातों में शांति, गर्व, उद्देश्य और स्पष्टता का अनुभव होता था।”
उन्होंने बताया, “जब फायर मिशन का आदेश मिलता है, तो वे बख्तरबंद दरवाजे बंद कर देते हैं और सिस्टम को प्रोग्राम करना शुरू करते हैं। इसके बाद वे तीन साधारण टॉगल स्विच दबाते हैं, रॉकेट मोटर चालू हो जाती है और मिसाइल अपने लक्ष्य की ओर बढ़ जाती है।”
युद्ध में प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल का उपयोग अमेरिकी सेना की लंबी दूरी की मारक क्षमता को आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह मिसाइल भविष्य में एटीएसीएमएस सिस्टम की जगह लेने और अमेरिकी आर्टिलरी की रेंज और सटीकता बढ़ाने के लिए विकसित की गई है।