पटना में एलपीजी नियमों के उल्लंघन के लिए चार नई एफआईआर दर्ज, जिला प्रशासन की सख्ती बढ़ी

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पटना में एलपीजी नियमों के उल्लंघन के लिए चार नई एफआईआर दर्ज, जिला प्रशासन की सख्ती बढ़ी

सारांश

पटना में एलपीजी नियमों के उल्लंघन के चलते जिला प्रशासन ने चार नई एफआईआर दर्ज की हैं। प्रशासन ने उपभोक्ताओं के हित में कार्रवाई की है और निगरानी को मजबूत किया है। जानें विस्तार में।

Key Takeaways

  • पटना में चार एफआईआर दर्ज की गई हैं।
  • एलपीजी नियमों का उल्लंघन गंभीर समस्या है।
  • जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ाई है।
  • उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निवारण होगा।
  • सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

पटना, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के पटना में घरेलू लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की निर्बाध आपूर्ति और वितरण को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है।

अब तक एलपीजी नियमों के उल्लंघन के चलते चार मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से तीन एफआईआर बरह उपमंडल में और एक दानापुर उपमंडल में की गई है।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि बरह में रेस्तरां और कैफे के संचालकों के खिलाफ घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का उपयोग करने का आरोप लगाया गया है, जो मौजूदा नियमों का उल्लंघन है।

दानापुर में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।

जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि प्रशासन उपभोक्ताओं के हित में घरेलू एलपीजी की पारदर्शी और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेटों, जिला स्तरीय अधिकारियों, उप-मंडल अधिकारियों और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को एलपीजी डीलरों और वितरकों के ठिकानों पर नियमित निरीक्षण और छापेमारी करने की निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों ने उपभोक्ताओं और आम जनता से प्रतिक्रिया भी प्राप्त की जा रही है।

डीएम ने अधिकारियों को कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक कीमत वसूलने की शिकायतें मिलने पर तुरंत एफआईआर दर्ज करने और दोषियों को गिरफ्तार करने के आदेश दिए हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की ढिलाई, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ईएसएमए) के तहत उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

निगरानी को और मजबूत करने के लिए, प्रशासन ने घरेलू एलपीजी सिलेंडरों से संबंधित शिकायतों के निवारण और जमाखोरी को रोकने के लिए ब्लॉक स्तर पर २८ प्रवर्तन दस्ते (धवा दल) गठित किए हैं।

इन दस्तों में ब्लॉक आपूर्ति अधिकारियों, ब्लॉक आपूर्ति निरीक्षकों और सहायक जिला आपूर्ति अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

इन अधिकारियों को उपभोक्ताओं और नियंत्रण कक्षों से प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई करने और तुरंत समाधान निकालने का कार्य सौंपा गया है।

एलपीजी से संबंधित शिकायतों के प्रभावी निवारण को सुनिश्चित करने के लिए सभी उप-मंडल अधिकारियों को उनके अधिकार क्षेत्र में कार्यरत प्रवर्तन टीमों के वरिष्ठ प्रभारी अधिकारी नामित किया गया है।

जिला प्रशासन ने जनता से किसी भी अनियमितता की सूचना देने की अपील की है ताकि अवैध एलपीजी व्यापार में शामिल लोगों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा सके।

Point of View

लेकिन प्रशासन को लगातार निगरानी रखने की आवश्यकता है।
NationPress
15/03/2026

Frequently Asked Questions

पटना में एलपीजी नियमों के उल्लंघन के लिए कितनी एफआईआर दर्ज की गई हैं?
पटना में अब तक चार एफआईआर दर्ज की गई हैं।
इन एफआईआर में किस प्रकार के उल्लंघन शामिल हैं?
इन एफआईआर में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का उपयोग और कालाबाजारी के मामले शामिल हैं।
जिला प्रशासन ने इस मुद्दे पर क्या कदम उठाए हैं?
जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ाई है और नियमित निरीक्षण और छापेमारी का आदेश दिया है।
उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन क्या कर रहा है?
प्रशासन ने उपभोक्ताओं की शिकायतों को सुनने और त्वरित कार्रवाई करने के लिए प्रवर्तन दस्ते गठित किए हैं।
क्या प्रशासन ने उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कोई चेतावनी दी है?
हाँ, प्रशासन ने किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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