क्या असली आर्मी लोकेशन पर शूटिंग करना आसान था? अहान शेट्टी ने 'बॉर्डर 2' में काम करने का अनुभव बताया
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 22 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। हिंदी सिनेमा के प्रशंसकों के लिए नए साल की शुरुआत एक देशभक्ति से भरपूर फिल्म "बॉर्डर 2" से होने जा रही है, जिसमें सनी देओल, दिलजीत सिंह दोसांझ, वरुण धवन और अहान शेट्टी सैनिक के किरदार में नजर आएंगे।
यह फिल्म अहान शेट्टी के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि उनकी पहली फिल्म 'तड़प' उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी थी। अब 'बॉर्डर 2' उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। इस फिल्म में अभिनेता ने नेवी अफसर का रोल निभाया है और उन्होंने राष्ट्र प्रेस के साथ एक विशेष बातचीत में अपने किरदार और फिल्म की शूटिंग के अनुभव साझा किए हैं।
कड़ी मिलिट्री ट्रेनिंग और चुनौतीपूर्ण एक्शन दृश्यों के लिए अहान ने बहुत मेहनत की। उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग उस स्थान पर हुई, जहां असली सैनिकों की ट्रेनिंग होती है। अहान ने कहा कि फिल्म की शूटिंग एनडीए खड़कवासला में हुई और इसका उद्देश्य केवल असली दृश्यों को कैप्चर करना नहीं था, बल्कि उस माहौल को समझना भी था जिसने उनके किरदार को पूरी तरह से बदल दिया। वहाँ की ट्रेनिंग में आप असली ऑफिसर की तरह ढल जाते हैं।
शूटिंग का अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि शूटिंग लोकेशन बदलती रहती थी लेकिन उनका रूटीन वही रहता था। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, एजिलिटी, कार्डियो, आइस बाथ, स्टीम, सौना और रेड लाइट थेरेपी रोजाना का हिस्सा बन गए थे। आराम का समय नहीं था क्योंकि ट्रेनिंग का सिलसिला जारी रखना होता था और हर दिन युद्ध के दृश्य शूट करना होता था।
असली मिलिट्री स्थानों पर शूटिंग के दौरान अहान को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि 40 डिग्री तापमान में युद्ध दृश्य की शूटिंग की और 12 घंटे तक टेक्निकल गियर पहनकर काम करना पड़ा।
यह ध्यान देने योग्य है कि 'बॉर्डर 2' में अहान शेट्टी एक नेवी ऑफिसर का रोल निभा रहे हैं। यह फिल्म और उनका किरदार उनके लिए विशेष हैं क्योंकि उनके पिता सुनील शेट्टी ने भी फिल्म 'बॉर्डर' में एक सीमावर्ती सैनिक का किरदार निभाया था। फिल्म के दर्शकों ने उनके पिता के किरदार को बेहद पसंद किया था, अब यह देखना होगा कि दर्शक उनके बेटे अहान को कितना प्यार देते हैं।