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क्या अक्षय कुमार ने बताया असली खुशी कहाँ छिपी है?

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क्या अक्षय कुमार ने बताया असली खुशी कहाँ छिपी है?

सारांश

बॉलीवुड के 'खिलाड़ी' अक्षय कुमार ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया है कि असली खुशी शोहरत या धन में नहीं, बल्कि छोटे-छोटे पलों में है। जानें उनकी इस प्रेरणादायक सोच के बारे में।

मुख्य बातें

असली खुशी छोटे-छोटे पलों में है।
सादगी में जीवन का असली अर्थ छिपा है।
खुशियों की चुराई हुई पल हमारी असली दौलत हैं।
प्रियजनों के साथ बिताए गए पल महत्वपूर्ण होते हैं।
फिल्म 'कन्नप्पा' में भगवान शिव का किरदार निभा रहे हैं।

मुंबई, 30 जून (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड के 'खिलाड़ी' अक्षय कुमार ने हाल ही में जीवन के बारे में अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि असली खुशी न तो शोहरत में है और न ही भौतिक चीजों में, बल्कि यह छोटे-छोटे पलों और सादगी में छिपी होती है।

अक्षय कुमार ने अपने इंस्टाग्राम पर एक नोट साझा किया, जिसमें उन्होंने जीवन की छोटी-छोटी खुशियों को संजोने की अहमियत बताई। उनका कहना है कि असली दौलत पैसे या वस्तुओं में नहीं, बल्कि उन चुपचाप चुराए गए खुशियों के पलों में होती है, जो हम अपने प्रियजनों के साथ बिताते हैं।

अक्षय ने इंस्टाग्राम पोस्ट पर अपनी एक ब्लैक एंड व्हाइट फोटो साझा की, जिसमें वह मजेदार अंदाज में कैमरा के लिए पोज दे रहे हैं। यह तस्वीर उनके करियर के शुरुआती दिनों की है।

इस तस्वीर को साझा करते हुए अक्षय ने लिखा, "जिंदगी में हम छोटी-छोटी चुराई हुई खुशियों को जमा करते हैं। वही आपकी असली दौलत होती है। खुलकर हंसिए, दिल से प्यार कीजिए और शांत पलों का भी मजा लीजिए।"

काम के मोर्चे पर, वह हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'कन्नप्पा' में भगवान शिव के किरदार में नजर आ रहे हैं। इससे पहले, उन्होंने 'ओ माई गॉड 2' में भी भगवान शिव की भूमिका निभाई थी।

'कन्नप्पा' में विष्णु मांचू, प्रभास, अक्षय कुमार, सरथकुमार, मोहनलाल, काजल अग्रवाल, प्रीति मुकुंदन, मोहन बाबू, आर. सरथकुमार, अर्पित रांका, ब्रह्मानंदम, ब्रह्माजी, शिव बालाजी, कौशल मंदा, राहुल माधव, देवराज, मुकेश ऋषि, रघु बाबू, और मधु जैसे कलाकार शामिल हैं।

फिल्म की कहानी भगवान शिव के भक्त कन्नप्पा की पौराणिक कथा पर आधारित है। इसमें विष्णु मांचू ने कन्नप्पा का किरदार निभाया है, जो एक आदिवासी योद्धा है। वह पहले ईश्वर में विश्वास नहीं करता, लेकिन बाद में वह सबसे बड़ा शिव भक्त बनता है। यह कहानी एक नास्तिक के आस्तिक बनने की यात्रा को दर्शाती है।

'कन्नप्पा' फिल्म 27 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। इसे तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, हिंदी, और अंग्रेजी में प्रस्तुत किया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाती है कि भौतिक चीजों से परे, असली सुख उन पलों में है जिन्हें हम अपने प्रियजनों के साथ बिताते हैं। यह संदेश सभी के लिए प्रेरणादायक है, खासकर आज के समाज में जहाँ भौतिकता का बोलबाला है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्षय कुमार ने असली खुशी के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि असली खुशी शोहरत या धन में नहीं, बल्कि छोटे-छोटे पलों और सादगी में होती है।
फिल्म 'कन्नप्पा' की कहानी क्या है?
यह फिल्म शिव भक्त कन्नप्पा की पौराणिक कथा पर आधारित है, जो अपने विश्वास के सफर को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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