अक्षय कुमार ने 'वक्त' फिल्म से सीखा समय का महत्व और जिम्मेदारी

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अक्षय कुमार ने 'वक्त' फिल्म से सीखा समय का महत्व और जिम्मेदारी

सारांश

अक्षय कुमार ने अपने शो 'व्हील ऑफ फॉर्च्यून' में समय की अहमियत पर चर्चा की है। उन्होंने 'वक्त: द रेस अगेंस्ट टाइम' फिल्म का उदाहरण देते हुए बताया कि असली जीवन में समय का कोई इंतज़ार नहीं करता।

Key Takeaways

  • समय की महत्वता को समझना
  • काम को आज ही करने की प्रेरणा
  • असली जीवन और फिल्मों में भिन्नता
  • जिम्मेदारी लेना आवश्यक है
  • बचपन से काम करने का अनुभव साझा करना

मुंबई, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता अक्षय कुमार वर्तमान में रियलिटी क्विज शो 'व्हील ऑफ फॉर्च्यून' की मेज़बानी कर रहे हैं। इस शो में उन्होंने सभी को समय की महत्वता को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ की फिल्म 'वक्त: द रेस अगेंस्ट टाइम' का उल्लेख करते हुए बताया कि असली ज़िंदगी फिल्मों की तरह नहीं होती।

इस फिल्म में ईश्वरचंद ठाकुर (अमिताभ बच्चन) एक जिम्मेदार पिता हैं, जो अपने बिगड़े हुए बेटे आदित्य (अक्षय कुमार) को जीवन का एक महत्वपूर्ण सबक सिखाना चाहते हैं। जब ईश्वरचंद को यह पता चलता है कि उन्हें कैंसर है, तो वह एक कठोर निर्णय लेते हैं ताकि उनका बेटा जिम्मेदार बने।

अक्षय ने कहा, "मैं एक ऐसी फिल्म का जिक्र करना चाहता हूँ, जो मेरी ज़िंदगी में बहुत खास थी। इस फिल्म में एक महत्वपूर्ण संवाद है, 'कोई बात नहीं बेटा है, सुधर जाएगा', लेकिन असलियत में ऐसा नहीं होता। हम अक्सर सोचते हैं कि कल सब ठीक हो जाएगा, लेकिन समय किसी का इंतज़ार नहीं करता।"

उन्होंने आगे 'सूरज चमकते समय घास बनाने' की कहावत का भी जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अवसर को तुरंत पकड़ लेना चाहिए, वरना पछतावा ही रह जाएगा।

एक प्रतियोगी रोहित को संबोधित करते हुए अक्षय ने कहा, "रोहित, मैं सच बता रहा हूँ बेटा, वक्त किसी का इंतज़ार नहीं करता।"

अक्षय ने अपनी पढ़ाई के अनुभव साझा करते हुए कहा, "मैं बचपन से ही पढ़ाई में अच्छा नहीं था, इसलिए 14 साल की उम्र से काम करना शुरू किया। मुझे धीरे-धीरे एहसास हुआ कि अपनी ज़िंदगी का जिम्मा खुद उठाना होगा।"

अक्षय ने अपने संदेश को एक दृढ़ निष्कर्ष के साथ समाप्त किया। उन्होंने कहा, "मैं सबको यह कहना चाहता हूँ कि कभी यह मत सोचिए कि सही वक्त आने पर कर लेंगे। अगर कुछ करना है तो आज ही शुरू कर दें। अन्यथा, वह काम कभी नहीं होगा। समय बहुत तेजी से गुजरता है और पीछे मुड़कर देखने पर सिर्फ अफसोस रह जाता है।"

2005 में रिलीज हुई फिल्म 'वक्त: द रेस अगेंस्ट टाइम' विपुल अमृतलाल शाह द्वारा निर्देशित एक सफल भावनात्मक बॉलीवुड पारिवारिक ड्रामा है, जिसमें अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार, प्रियंका चोपड़ा और शेफाली शाह ने अभिनय किया है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर काफी सफल रही थी।

Point of View

अन्यथा पछतावे के सिवा कुछ नहीं बचता।
NationPress
26/03/2026

Frequently Asked Questions

अक्षय कुमार ने किस फिल्म से जीवन का सबक सीखा?
अक्षय कुमार ने 'वक्त: द रेस अगेंस्ट टाइम' फिल्म से जीवन का महत्वपूर्ण सबक सीखा।
अक्षय कुमार का शो क्या है?
अक्षय कुमार वर्तमान में रियलिटी क्विज शो 'व्हील ऑफ फॉर्च्यून' की मेज़बानी कर रहे हैं।
समय की कीमत को लेकर अक्षय कुमार ने क्या कहा?
अक्षय कुमार ने कहा कि असली जीवन में समय किसी का इंतज़ार नहीं करता।
'वक्त' फिल्म का मुख्य संदेश क्या है?
'वक्त' फिल्म का मुख्य संदेश है कि हमें समय का सदुपयोग करना चाहिए।
कब रिलीज हुई थी 'वक्त: द रेस अगेंस्ट टाइम'?
'वक्त: द रेस अगेंस्ट टाइम' फिल्म साल 2005 में रिलीज हुई थी।
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