अक्षय कुमार ने बच्चों की मोबाइल लत पर चिंता जताई, कहा- माता-पिता की बड़ी गलती
सारांश
Key Takeaways
- मोबाइल की लत बच्चों के लिए खतरनाक है।
- अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को सही मार्ग दिखाएं।
- डिजिटल रिहैब में लोगों की संख्या बढ़ रही है।
- अक्षय ने अपने दोस्त का उदाहरण देकर समस्या को स्पष्ट किया।
- बच्चों की सुरक्षा और विकास के लिए माता-पिता को जागरूक रहना चाहिए।
मुंबई, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता अक्षय कुमार ने शो 'व्हील ऑफ फॉर्च्यून इंडिया' के हालिया एपिसोड में मोबाइल फोन की लत पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इसे बच्चों के लिए एक बड़ा खतरा बताया और माता-पिता से जागरूक रहने की अपील की।
इस चर्चा में कंटेस्टेंट्स आकाश सिंह, प्रियांशी सिंह और प्रतीक चतुर्वेदी शामिल थे, जहां डिजिटल युग, तकनीक और पेरेंटिंग पर गहरी बातें हुईं। अक्षय ने बताया कि आजकल लोग एक रील या वीडियो देखना शुरू करते हैं, लेकिन फिर घंटों तक फोन पर लगे रहते हैं। उन्होंने कहा, "छोटे-छोटे वीडियो देखने में लोग औसतन छह घंटे मोबाइल स्क्रीन पर रहते हैं।"
उन्होंने इसे बच्चों के लिए एक 'जाल' करार दिया, जिसमें फंसना बहुत आसान है। अक्षय ने प्रियांशी से सोशल मीडिया ऐप्स के प्रभाव पर सवाल किया और स्टूडियो में मौजूद दर्शकों से पूछा, "यहां कितने माता-पिता हैं जिन्हें लगता है कि उनके बच्चे मोबाइल की लत में फंस चुके हैं?"
इस पर एक दर्शक ने कहा, "सर, आजकल बच्चे खाना भी मोबाइल देखकर ही खाते हैं।" अक्षय ने कहा कि समस्या की जड़ माता-पिता में है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चे छोटी उम्र में फोन नहीं मांगते, बल्कि माता-पिता ही उन्हें हाथ में थमा देते हैं। कम उम्र में मोबाइल फोन बच्चों के लिए एक खतरनाक जाल की तरह काम करता है, जो उनकी पढ़ाई, स्वास्थ्य और विकास को प्रभावित करता है।
इससे संबंधित एक किस्सा सुनाते हुए अक्षय ने कहा, "मेरे एक दोस्त ने लगातार साढ़े छह घंटे रील्स देखने की आदत बना ली थी। इससे उनकी डायबिटीज काफी बढ़ गई और स्थिति गंभीर हो गई।"
अक्षय ने आगे कहा, "आजकल कितने लोग डिजिटल रिहैब में एडमिट हो रहे हैं। मैं सभी बच्चों के माता-पिता से अपील करता हूं कि अगर उन्हें लगे कि बच्चा लत का शिकार हो रहा है, तो पहला कदम खुद उठाना होगा। बच्चे निर्दोष हैं, उन्हें सही-गलत समझाने की जिम्मेदारी माता-पिता की है। शुरुआती संकेतों को पकड़ना और बच्चे को सही रास्ता दिखाना जरूरी है।"
अक्षय ने अंत में कहा, "मैं किसी को सिखा नहीं रहा। जिसको सही लगे, वो अपनाएं। ठीक नहीं लगे, तो आप माता-पिता हैं। आपसे ज्यादा समझदार कोई नहीं।"