क्या यूके संसद में अली फजल की हॉलीवुड फिल्म 'रूल ब्रेकर्स' की स्क्रीनिंग ने सामाजिक बदलाव की चर्चा को जन्म दिया?

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क्या यूके संसद में अली फजल की हॉलीवुड फिल्म 'रूल ब्रेकर्स' की स्क्रीनिंग ने सामाजिक बदलाव की चर्चा को जन्म दिया?

सारांश

अभिनेता अली फजल की हॉलीवुड फिल्म 'रूल ब्रेकर्स' की यूके संसद में विशेष स्क्रीनिंग हुई, जहां सामाजिक परिवर्तन पर जीवंत चर्चा हुई। यह फिल्म अफगानिस्तान की साहसी महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियों पर आधारित है। अली फजल ने इस अनुभव को अविस्मरणीय बताया और वैश्विक स्तर पर बदलाव लाने की दिशा में अपने प्रयासों का जिक्र किया।

मुख्य बातें

अली फजल की फिल्म ' रूल ब्रेकर्स ' सामाजिक बदलाव का एक महत्वपूर्ण साधन है।
यूके संसद में स्क्रीनिंग ने महिलाओं के अधिकारों पर गहन चर्चा की।
फिल्म में अफगानिस्तान की महिलाओं की साहसिक कहानियाँ दर्शाई गई हैं।
अली फजल ने अपने सामाजिक कार्यों का उल्लेख किया।
सिनेमा की ताकत से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की संभावना है।

मुंबई, १२ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता अली फजल की आगामी हॉलीवुड फिल्म ‘रूल ब्रेकर्स’ की विशेष स्क्रीनिंग यूके संसद में आयोजित की गई, जिसकी तस्वीरें अभिनेता ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर साझा की।

अली फजल ने बताया कि यह डॉक्यूमेंट्री सामाजिक परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण साधन है।

अली ने इंस्टाग्राम पर स्क्रीनिंग की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि यूके संसद में इस कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहा। उन्होंने अफगानिस्तान की साहसी महिला रोया महबूब से भी मुलाकात की, जिनकी प्रेरणादायक कहानी को ऑस्कर विजेता निर्देशक बिल गुटेंटाग ने इस फिल्म में प्रदर्शित किया है। अली ने यूके की सांसद एलिस मैकडोनाल्ड और लॉर्ड वाजिद खान के सहयोग की सराहना की, जिनके बिना यह आयोजन संभव नहीं था।

स्क्रीनिंग के दौरान अफगानिस्तान की महिलाओं और बच्चों के पुनर्वास और युद्धग्रस्त क्षेत्रों में बच्चों के लिए (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, गणित) शिक्षा के महत्व पर गहन चर्चा हुई। अली ने बताया कि सिनेमा की ताकत से समाज में गलत धारणाओं और रूढ़ियों को तोड़ा जा सकता है। इससे पीड़ित समुदायों को समाज में सम्मान और नई पहचान मिल सकती है। यह फिल्म सामाजिक बदलाव का एक सशक्त साधन है। युद्ध प्रभावित क्षेत्रों की समस्याएं जटिल हैं, लेकिन बदलाव की शुरुआत हो चुकी है।

अली ने भारत में अपने सामाजिक कार्यों का भी जिक्र किया, जहां उन्होंने पर्यावरण और समाज के लिए छोटे-छोटे कदम उठाए हैं। अब उनका लक्ष्य इस मुहिम को वैश्विक स्तर पर फैलाना है। यह फिल्म और इसके पीछे का संदेश समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

‘रूल ब्रेकर्स’ एक ऐसी महिला की कहानी है, जो रूढ़िवादी समाज में लड़कियों की शिक्षा के लिए संघर्ष करती है। इसमें अभिनेत्री फोएबे वालर-ब्रिज भी शामिल होंगी।

अली फजल के आगामी प्रोजेक्ट की बात करें तो वह हाल ही में अनुराग बसु की ‘मेट्रो इन दिनों’, और निर्देशक मणिरत्नम की फिल्म ‘ठग लाइफ’ में नजर आए थे। ओटीटी की बात करें तो अली राज और डीके की पीरियड ड्रामा सीरीज ‘रक्त ब्रह्मांड’ में भी दिखाई देंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी बताता है कि कैसे कला का उपयोग समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए किया जा सकता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अली फजल की फिल्म 'रूल ब्रेकर्स' किस विषय पर है?
यह फिल्म अफगानिस्तान की महिलाओं की शिक्षा और उनके संघर्ष की कहानी पर आधारित है।
यूके संसद में इस फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान क्या चर्चा हुई?
स्क्रीनिंग के दौरान अफगानिस्तान की महिलाओं और बच्चों के पुनर्वास और शिक्षा की आवश्यकता पर चर्चा की गई।
अली फजल ने सामाजिक कार्यों के बारे में क्या कहा?
उन्होंने भारत में अपने छोटे-छोटे प्रयासों का उल्लेख किया और वैश्विक स्तर पर बदलाव लाने का लक्ष्य रखा।
राष्ट्र प्रेस
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