'अमर अकबर एंथोनी' के 49 साल: नीतू कपूर ने मनमोहन देसाई को किया याद, बोलीं — 'दिल से शुक्रिया'
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड की कल्ट क्लासिक फिल्म 'अमर अकबर एंथोनी' ने 27 मई 2026 को अपनी रिलीज के 49 साल पूरे कर लिए। 1977 में परदे पर आई इस मसाला ब्लॉकबस्टर ने भारतीय सिनेमा में एकता में अनेकता के संदेश को जिस अंदाज़ में पेश किया, वह आज भी दर्शकों के दिलों में ज़िंदा है। इस मौके पर फिल्म की अभिनेत्री नीतू कपूर ने निर्देशक मनमोहन देसाई के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।
नीतू कपूर की भावभीनी श्रद्धांजलि
नीतू कपूर ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज़ सेक्शन पर फिल्म का पोस्टर साझा करते हुए लिखा, 'अमर अकबर एंथोनी' 27 मई 1977 को रिलीज हुई थी, जिसके लिए निर्देशक मनमोहन देसाई का दिल से शुक्रिया। यह संदेश उन लाखों फिल्म-प्रेमियों की भावनाओं की आवाज़ बन गया, जो इस फिल्म को भारतीय सिनेमा की अमूल्य धरोहर मानते हैं।
फिल्म में नीतू कपूर ने 'डॉ. सलमा अली' की भूमिका निभाई थी — एक दयालु और समझदार मुस्लिम डॉक्टर, जिनकी प्रेम कहानी अभिनेता ऋषि कपूर के किरदार 'अकबर' के साथ दिखाई गई।
फिल्म की कहानी और विरासत
'अमर अकबर एंथोनी' बचपन में बिछड़े तीन सगे भाइयों की कहानी है, जिन्हें तीन अलग-अलग धर्मों के परिवारों ने पाला-पोसा। विनोद खन्ना ने हिंदू पुलिस अफसर 'अमर', ऋषि कपूर ने मुस्लिम कव्वाल 'अकबर', और अमिताभ बच्चन ने ईसाई युवक 'एंथोनी' की भूमिका निभाई। तीनों भाई अंततः एकजुट होकर अपने दुश्मन का पर्दाफाश करते हैं।
फिल्म में तर्क से ऊपर भावना और ड्रामा को प्राथमिकता दी गई, लेकिन यही इसकी सबसे बड़ी ताकत बनी। एक्शन, कॉमेडी, रोमांस और यादगार संगीत के इस अनूठे संगम ने बॉक्स ऑफिस के तमाम रिकॉर्ड तोड़ दिए थे।
भारतीय सिनेमा में मील का पत्थर
यह फिल्म केवल मनोरंजन का साधन नहीं थी — इसने 'एकता में अनेकता' के भारतीय मूल्य को जन-जन तक पहुँचाया। गौरतलब है कि 1977 का दशक हिंदी सिनेमा के लिए बदलाव का दौर था, और 'अमर अकबर एंथोनी' उस युग की सबसे प्रतिनिधि फिल्मों में से एक बनकर उभरी। आज, 49 साल बाद भी, यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और टेलीविज़न पर नई पीढ़ी को उतनी ही आकर्षित करती है।
नीतू कपूर का मौजूदा सफर
नीतू कपूर हाल ही में कॉमेडी-ड्रामा फिल्म 'दादी की शादी' में नज़र आईं, जिसका निर्देशन आशीष आर. मोहन ने किया है। इस फिल्म में उनके साथ कपिल शर्मा और आर. सरथकुमार मुख्य भूमिकाओं में हैं। इसके अलावा, उनकी बेटी रिद्धिमा कपूर साहनी ने इसी फिल्म से बॉलीवुड में अपना डेब्यू किया है।
'अमर अकबर एंथोनी' की यह वर्षगाँठ न केवल एक फिल्म का उत्सव है, बल्कि उस सिनेमाई दर्शन का जश्न है जो भारत की साझी सांस्कृतिक विरासत को परदे पर जीवंत करता है।