अंजलि पाटिल की 'सेल्वी' 50वें साओ पाउलो फिल्म फेस्टिवल में, वाल्टर सेल्स से देखने की अपील
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल अवॉर्ड विजेता अभिनेत्री अंजलि पाटिल की फिल्म 'सेल्वी' ने अंतरराष्ट्रीय सिनेमा जगत में अपनी पहचान और मज़बूत की है। बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में वर्ल्ड प्रीमियर के बाद अब इस फिल्म को 50वें साओ पाउलो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी चुना गया है, जहाँ यह न्यू फिल्ममेकर्स कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेगी। यह 'सेल्वी' का दूसरा प्रमुख अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में चयन है।
सोने की जयंती पर खास सम्मान
अंजलि पाटिल ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, 'साओ पाउलो फिल्म फेस्टिवल के 50 साल पूरे होने के मौके पर फिल्म का हिस्सा बनना वाकई खास है। यह दक्षिण अमेरिका के सबसे चर्चित और बड़े फिल्म फेस्टिवल्स में से एक है और इसके गोल्डन जुबली एडिशन में 'सेल्वी' का चुना जाना पूरी टीम के लिए गर्व की बात है।'
गौरतलब है कि साओ पाउलो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल को दक्षिण अमेरिका के सबसे प्रतिष्ठित सिनेमाई मंचों में गिना जाता है। इस वर्ष का संस्करण इसलिए भी खास है क्योंकि यह उत्सव का स्वर्ण जयंती वर्ष है।
वाल्टर सेल्स से व्यक्तिगत जुड़ाव और खुली अपील
अंजलि ने बताया कि ब्राज़ील उनके लिए एक भावनात्मक महत्व रखता है। उन्होंने कहा, 'ब्राज़ीलियाई फिल्ममेकर वाल्टर सेल्स की फिल्मों से मेरा पुराना जुड़ाव रहा है। उनकी खास तौर पर 'द मोटरसाइकिल डायरीज़' और 'आई एम स्टिल हियर' जैसी फिल्मों ने एनएसडी के दिनों से मेरी सोच और फिल्म देखने के नज़रिए पर काफी असर डाला है।'
अंजलि ने सेल्स को सूचित किया है कि उनकी फिल्म साओ पाउलो पहुँच रही है। उन्होंने कहा, 'अगर वह वहाँ 'सेल्वी' देख पाएँ तो यह मेरे लिए सम्मान की बात होगी।' यह अपील इस मायने में भी उल्लेखनीय है कि सेल्स की फिल्मों ने अंजलि के अभिनय और सोच दोनों को गढ़ने में भूमिका निभाई।
राजामौली की मौजूदगी से टीम को उम्मीद
अंजलि ने यह भी खुलासा किया कि मशहूर फिल्ममेकर एस.एस. राजामौली साओ पाउलो फिल्म फेस्टिवल में मौजूद रहेंगे और इस दौरान 'सेल्वी' देखेंगे। उन्होंने बताया, 'बुसान और साओ पाउलो फिल्म फेस्टिवल की तारीखों में आपसी टकराव के कारण फिल्म की टीम का कोई सदस्य साओ पाउलो में 'सेल्वी' को रिप्रज़ेंट नहीं कर पाएगा। ऐसे में अगर एस.एस. राजामौली फिल्म देख पाते हैं तो यह टीम के लिए बेहद खास होगा।'
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय सिनेमा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। बुसान से साओ पाउलो तक का सफर 'सेल्वी' की वैश्विक पहुँच को रेखांकित करता है।
फिल्म की कहानी और निर्देशन
'सेल्वी' में अंजलि पाटिल एक मिडिल क्लास परिवार की लड़की का किरदार निभाती हैं, जो अपनी नौकरी में असंख्य मुश्किलों से जूझती है। कभी 12 घंटे तो कभी उससे भी लंबी शिफ्ट के बीच सेल्वी के पास न आराम का वक्त बचता है, न अपनी मर्ज़ी से जीने की आज़ादी। फिल्म धीरे-धीरे एक रहस्यमयी मोड़ लेती है, जो इसे एक साधारण सामाजिक कथा से अलग बनाती है।
फिल्म का निर्देशन शेलैश रत्नाकुमार ने किया है। 'सेल्वी' का बुसान से साओ पाउलो तक का यह सफर पूरी टीम के लिए एक यादगार अनुभव बन रहा है।