क्या योडलिंग के 'बादशाह' अनूप कुमार में अभिनय के साथ संगीत का जादू झलकता था?

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क्या योडलिंग के 'बादशाह' अनूप कुमार में अभिनय के साथ संगीत का जादू झलकता था?

सारांश

अनूप कुमार, जो योडलिंग के बादशाह माने जाते हैं, ने हिंदी सिनेमा में अदाकारी और संगीत दोनों में अपनी छाप छोड़ी। जानिए कैसे उनके अभिनय में संगीत की गहराई झलकती थी और उनके भाईयों के साथ उनकी लोकप्रियता में क्या योगदान रहा।

Key Takeaways

  • अनूप कुमार का अभिनय और संगीत का अद्भुत संगम।
  • उन्होंने योडलिंग में विशेष महारत हासिल की।
  • उनकी प्रसिद्धि चलती का नाम गाड़ी फिल्म से बढ़ी।
  • अनूप ने लगभग 75 फ़िल्मों में काम किया।
  • टीवी शो में भी उनकी पहचान बनी।

मुंबई, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हिंदी सिनेमा में कई कलाकारों ने अपनी अदाकारी से लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाया है। उनमें से एक हैं अनूप कुमार, जो न केवल एक प्रतिभाशाली अभिनेता थे, बल्कि संगीत के प्रति उनका प्रेम भी अद्भुत था। उन्होंने अपने बचपन में संगीत की शिक्षा प्राप्त की थी और विशेष रूप से योडलिंग में उनकी महारत अद्वितीय थी।

हालांकि उन्होंने फिल्मों में गायक के रूप में अधिक काम नहीं किया, लेकिन उनके अभिनय में संगीत की गहरी समझ हमेशा दिखाई देती थी। यह उन्हें अपने भाइयों, अशोक कुमार और किशोर कुमार से अलग बनाता था।

अनूप कुमार का जन्म 9 जनवरी 1926 को मध्य प्रदेश में एक हिंदू बंगाली परिवार में हुआ था। उनके पिता, कुंजालाल गांगुली, एक वकील थे, जबकि उनकी माँ, गौरी देवी, एक गृहिणी थीं। अनूप को बचपन से ही अभिनय और संगीत में गहरी रुचि थी। उन्होंने संगीत की पढ़ाई की और गायन की तकनीक सीखी, लेकिन बाद में उन्होंने फिल्मों में करियर बनाने का निर्णय लिया।

अनूप कुमार ने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत 1950 में आई फ़िल्म 'गौना' से की। प्रारंभिक करियर में उन्होंने कई फ़िल्मों में छोटे-छोटे रोल किए, लेकिन धीरे-धीरे उनकी अदाकारी ने उन्हें पहचान दिलाई। उनकी प्रसिद्धि फ़िल्म 'चलती का नाम गाड़ी' के माध्यम से हासिल हुई। इस फ़िल्म में उन्होंने अपने दोनों भाइयों, अशोक और किशोर, के साथ काम किया।

इस फ़िल्म में उनकी कॉमिक टाइमिंग, मासूमियत और एक्टिंग में संगीत की गहरी समझ ने दर्शकों का दिल जीत लिया। यह फ़िल्म आज भी दर्शकों के बीच एक क्लासिक मानी जाती है।

अनूप कुमार ने अपने करियर में लगभग 75 फ़िल्मों में काम किया। 'खिलाड़ी', 'देख कबीरा रोया', 'जीवन साथी', 'जंगली', 'कश्मीर की कली', 'प्रेम पुजारी', और 'अमर प्रेम' जैसी फ़िल्में आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं। फ़िल्मों में उनकी विशेषता थी कि चाहे वे कॉमिक रोल करें या गंभीर, उनके हर किरदार में संगीत की समझ कहीं न कहीं झलकती थी। कई बार उनके फ़िल्मों में गानों का चयन और उनका अभिनय एक साथ मिलकर दर्शकों को और भी पसंद आता था।

टीवी में भी अनूप कुमार ने अपनी छाप छोड़ी। 1980 और 1990 के दशक में उन्होंने 'भीम भवानी', 'दादा दादी की कहानियां', और 'एक राजा एक रानी' जैसे शो में काम किया। वे हमेशा अभिनय और संगीत के प्रति गंभीर रहे। उनका निधन 20 सितंबर 1997 को दिल का दौरा पड़ने से हुआ।

Point of View

अनूप कुमार का योगदान हिंदी सिनेमा में अद्वितीय है। उनका जीवन संगीत और अभिनय का अनूठा मेल था, जिसने उन्हें एक विशेष पहचान दिलाई। उनकी फिल्में आज भी दर्शकों के दिलों में जीवित हैं, जो उनके कार्य के प्रति सम्मान व्यक्त करती हैं।
NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

अनूप कुमार ने कितनी फिल्मों में काम किया था?
अनूप कुमार ने लगभग 75 फिल्मों में काम किया।
अनूप कुमार का जन्म कब हुआ?
अनूप कुमार का जन्म 9 जनवरी 1926 को हुआ था।
अनूप कुमार को किस चीज में महारत थी?
अनूप कुमार को योडलिंग में विशेष महारत हासिल थी।
अनूप कुमार का निधन कब हुआ?
अनूप कुमार का निधन 20 सितंबर 1997 को हुआ।
क्या अनूप कुमार ने गायक के रूप में काम किया?
अनूप कुमार ने फिल्मों में गायक के रूप में ज्यादा काम नहीं किया, लेकिन उनके अभिनय में संगीत की गहरी समझ थी।
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