अर्जुन दास को बदलने से किया इनकार: निर्देशक विग्नेश श्रीकांत ने ठुकराए निर्माताओं के ऑफर, 28 अगस्त को रिलीज़ होगी 'वन्स मोर'
सारांश
मुख्य बातें
तमिल सिनेमा में अपनी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस के लिए जाने जाते अर्जुन दास इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'वन्स मोर' को लेकर सुर्खियों में हैं। 24 अगस्त 2026 को आयोजित ट्रेलर लॉन्च इवेंट में अर्जुन दास ने एक ऐसा किस्सा साझा किया, जो फिल्म इंडस्ट्री में निर्देशक की प्रतिबद्धता की मिसाल बन गया — निर्देशक विग्नेश श्रीकांत ने कई प्रोडक्शन कंपनियों के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, जिसमें अर्जुन दास की जगह किसी दूसरे अभिनेता को लेने की शर्त रखी गई थी। यह फिल्म 28 अगस्त 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली है।
कैसे हुई 'वन्स मोर' की शुरुआत
अर्जुन दास ने ट्रेलर लॉन्च पर बताया कि निर्देशक विग्नेश श्रीकांत काफी समय पहले उनके पास इस फिल्म की कहानी का विचार लेकर आए थे। उन्होंने कहा, 'निर्देशक सूर्या नारायण के ज़रिए हमारी मुलाकात हुई थी। जब श्रीकांत ने मुझे फिल्म का आइडिया सुनाया, तो मुझे वह बेहद खूबसूरत लगा।' उस पहली मुलाकात से ही श्रीकांत के मन में अर्जुन दास को मुख्य किरदार में रखने का फैसला पक्का हो गया था।
निर्माताओं की शर्त और निर्देशक का इनकार
अर्जुन दास के अनुसार, श्रीकांत इस कहानी को लेकर अलग-अलग प्रोडक्शन कंपनियों के पास गए और सहयोग माँगा। कई कंपनियाँ प्रोजेक्ट में रुचि दिखा रही थीं, लेकिन उनकी एक साझा शर्त थी — अर्जुन दास की जगह किसी और अभिनेता को कास्ट किया जाए।
अर्जुन दास ने बताया, 'उन सभी प्रोडक्शन कंपनियों को निर्देशक का जवाब एक ही था — नहीं, मैं यह फिल्म अर्जुन दास के साथ ही करूंगा।' यह ऐसे समय में था जब किसी भी प्रोजेक्ट के लिए निर्माता का मिलना एक अहम कदम होता है, और ऐसे में अपनी पसंद पर अडिग रहना आसान नहीं था।
निर्माता युवराज गणेशन से मिली सफलता
लंबे इंतजार के बाद निर्देशक विग्नेश श्रीकांत की मुलाकात निर्माता युवराज गणेशन से हुई। अर्जुन दास ने बताया कि युवराज को भी फिल्म का विचार पसंद आया और वह इस कहानी को लेकर उतने ही उत्साहित थे। दोनों की सोच मिलने के बाद 'वन्स मोर' का प्रोजेक्ट आगे बढ़ सका।
फिल्म की रिलीज़ और उम्मीदें
'वन्स मोर' 28 अगस्त 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली है। यह फिल्म इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसके पीछे एक निर्देशक की वह जिद है, जिसने व्यावसायिक दबाव के बावजूद अपनी कलात्मक दृष्टि से समझौता नहीं किया। तमिल सिनेमा प्रेमियों की नजरें इस फिल्म पर टिकी हैं।