भंसाली के जन्मदिन पर मनीषा कोइराला और संदीपा धर ने दी शानदार बधाई
सारांश
Key Takeaways
- संजय लीला भंसाली ने भारतीय सिनेमा में महिलाओं को सशक्त बनाने का कार्य किया है।
- मनीषा कोइराला और संदीपा धर ने भंसाली को जन्मदिन की बधाई दी।
- इन अभिनेत्रियों ने भंसाली के समर्पण और उत्कृष्टता की सराहना की।
- भंसाली की फिल्में भव्य और संवेदनशील होती हैं।
- भंसाली प्रोडक्शन ने कई अभिनेत्रियों को महत्वपूर्ण भूमिकाएं दी हैं।
मुंबई, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। मनोरंजन की दुनिया में ऐसे कई निर्देशकों ने अपनी अनोखी शैली से दर्शकों का दिल जीता है। संजय लीला भंसाली भी उनमें से एक हैं, जिन्होंने अपनी फिल्मों में महिलाओं को सशक्त रूप में प्रस्तुत किया है।
मंगलवार को, इस प्रतिभाशाली निर्देशक का जन्मदिन है। इस खास मौके पर, अभिनेत्री संदीपा धर और मनीषा कोइराला ने उन्हें अनूठे तरीके से बधाई दी।
मनीषा कोइराला ने अपने इंस्टाग्राम पर भंसाली के साथ एक तस्वीर साझा की और लिखा, "जन्मदिन की शुभकामनाएं, संजय। आपको सिर्फ प्रतिभाशाली कहना सरल है, लेकिन जो आपको सच में परिभाषित करता है, वह है आपका समर्पण। यह समर्पण सिनेमा, सौंदर्य, संगीत, भावनाओं और गुणवत्ता की निरंतर खोज में स्पष्ट है।"
उन्होंने आगे लिखा, "मैं हमेशा आपके काम की प्रशंसा करती हूं, जिसमें आप पूरी तरह से डूब जाते हैं। आपकी गंभीरता, अनुशासन, जुनून, और कवितामय दृष्टिकोण सब कुछ उस दुनिया का हिस्सा बन जाता है, जिसे आप खुद बनाते हैं और हम जैसी अभिनेत्रियों के लिए आपकी दुनिया में कदम रखना एक चुनौती और सम्मान दोनों है।"
अंत में, उन्होंने कहा, "आप केवल दृश्यों का निर्देशन नहीं करते, बल्कि भावनाओं को भी आकार देते हैं। आपकी फिल्में भव्य होने के साथ-साथ गहरी संवेदनशीलता भी रखती हैं। आपके जन्मदिन पर, मैं कामना करती हूं कि आपके दिल में हमेशा उत्साह बना रहे, आपकी दृष्टि में साहस बना रहे, और वही अडिग जुनून बना रहे जो आपको 'आप' बनाता है। मेरा स्नेह, प्रशंसा और सम्मान हमेशा आपके साथ है।"
वहीं, संदीपा धर ने भी भंसाली को जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज में संजय की तस्वीर साझा की और लिखा, "एक ऐसे व्यक्ति को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं, जिनके बैनर ने मुझे अपने करियर का सबसे यादगार अनुभव दिया।"
उन्होंने आगे कहा, "फिल्म 'दो दीवाने सहर में' ने मुझे ऐसा प्यार दिया जिसके लिए मैं तैयार नहीं थी, और यह सफर भंसाली प्रोडक्शन ने इस कहानी में भरोसा करके शुरू किया। इसका मेरे लिए अर्थ शब्दों से भी अधिक है।