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क्या भूमि पेडनेकर की मां का आर्मी में जाने का सपना अधूरा रह गया?

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क्या भूमि पेडनेकर की मां का आर्मी में जाने का सपना अधूरा रह गया?

सारांश

भूमि पेडनेकर ने स्वतंत्रता दिवस पर अपनी मां का एक वीडियो साझा किया है जिसमें उनके मां के आर्मी में जाने के सपने की कहानी बयां की गई है। जानें इस भावुक वीडियो में क्या कहा गया है।

मुख्य बातें

भूमि पेडनेकर की माँ का आर्मी में जाने का सपना अधूरा रह गया।
महिलाओं को इंडियन आर्मी में सेवा का अवसर मिल रहा है।
संघर्ष और मेहनत से सपने पूरे हो सकते हैं।
देशभक्ति का जज़्बा हर नागरिक में होना चाहिए।
बचपन से अपने माता-पिता की कहानियों से प्रेरणा मिलती है।

मुंबई, 15 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपनी माँ का एक भावुक वीडियो साझा किया है। इस वीडियो के माध्यम से यह जानकारी मिली कि उनकी माँ सुमित्रा हुड्डा देश की सेवा करने की इच्छा रखती थीं और वे इंडियन आर्मी में शामिल होना चाहती थीं, लेकिन यह सपना अधूरा रह गया।

वीडियो के साथ भूमि ने लिखा, "जब माँ फैक्ट्री जा रही थीं, मैंने उनका एक भावुक वीडियो बनाया। इसमें वे कह रही हैं कि वे इंडियन आर्मी में जाना चाहती थीं।"

वीडियो में भूमि की माँ सुमित्रा पेडनेकर कहती हैं, "मैं अब 70 वर्ष की हो गई हूँ और अपने देश को बहुत प्यार करती हूँ। हमारे समय में लड़कियों को इंडियन आर्मी में सेवा करने का मौका नहीं मिलता था। मेडिकल के अलावा अन्य क्षेत्रों में महिलाओं को सेवा का अवसर नहीं मिलता था। मैंने इसके लिए संघर्ष किया, क्योंकि मैं एक पैराट्रूपर रही हूँ। मैंने दो गणतंत्र दिवस परेड में भाग लिया था, जबकि यह अवसर बहुत कम लोगों को मिलता है।"

उन्होंने आगे कहा, "मैंने अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी। मैंने उनसे पूछा कि हमें इंडियन आर्मी में क्यों नहीं लिया जाता। हमने इतनी मेहनत की है, और पैराट्रूपर बनने के लिए कठिनाई से गुजरना पड़ता है। अब मैं खुश हूँ कि महिलाओं को भी आर्मी में शामिल किया जा रहा है और वे हमारी सेना का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।"

भूमि पेडनेकर ने इस पोस्ट में साझा किया, "मैंने अपनी माँ और पिता की कहानियों को सुना है जब अवसर सीमित थे, लेकिन उनके देश के प्रति सपनों और प्रेम में कोई कमी नहीं आई। उनके लिए भारत हमेशा सर्वोपरि रहा है। मेरा भारत के प्रति प्रेम उनसे विरासत में मिला है और मैं इसे सम्मान का प्रतीक मानती हूँ।"

–राष्ट्र प्रेस

जेपी/जीकेटी

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना है कि देश की सेवा का जज़्बा हर नागरिक में होना चाहिए। भूमि पेडनेकर की माँ की कहानी हमें यह सिखाती है कि उम्र कोई बाधा नहीं है, और आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी जगह बना रही हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भूमि पेडनेकर की मां का क्या सपना था?
भूमि पेडनेकर की माँ इंडियन आर्मी में भर्ती होना चाहती थीं, लेकिन यह सपना अधूरा रह गया।
भूमि ने वीडियो में क्या कहा?
भूमि ने बताया कि उनकी मां का आर्मी में जाने का सपना था और उन्होंने इसके लिए संघर्ष किया।
क्या आज महिलाएं आर्मी में शामिल हो सकती हैं?
हाँ, आज महिलाएं इंडियन आर्मी में सेवा कर रही हैं और यह एक सकारात्मक बदलाव है।
राष्ट्र प्रेस
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