क्या कॉमिक क्वीन प्रीति गांगुली का यह बड़ा कदम फैंस को चौंका गया?
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 1 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड में कुछ ही ऐसे कलाकार हैं, जिन्हें लोग सिर्फ नाम से नहीं, बल्कि उनके अद्भुत कार्यों के लिए याद करते हैं। प्रीति गांगुली भी ऐसी ही अदाकारा थीं, जिनका चेहरा हमेशा हंसी से भरा रहता था। उनकी कॉमिक टाइमिंग ने दर्शकों का दिल जीता, परंतु उनका जीवन केवल फिल्मों और हंसी-खुशी तक ही सीमित नहीं था।
प्रीति ने अपने जीवन में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखे और एक ऐसा कदम उठाया जिसने उनके जीवन की दिशा बदल दी।
प्रीति गांगुली का जन्म 17 मई 1953 को मुंबई में हुआ था। उनका परिवार बॉलीवुड से जुड़ा हुआ था। उनके पिता, अशोक कुमार, अपने समय के एक महान अभिनेता थे, जबकि उनके चाचा किशोर कुमार प्रसिद्ध गायक और अभिनेता थे। ऐसे फिल्मी परिवेश में पली-बढ़ी प्रीति ने बचपन से ही अभिनय में रुचि दिखाई, लेकिन उन्होंने नायिका बनने के बजाय कॉमिक रोल्स को चुना।
1970 के दशक में प्रीति ने फिल्म उद्योग में कदम रखा। प्रारंभिक दिनों में उन्होंने कई फिल्मों में काम किया, लेकिन सबसे अधिक पहचान उन्हें 1978 में आई फिल्म 'खट्टा मीठा' में फ्रेनी सेठना के किरदार से मिली। इस फिल्म में उनका रोल अमिताभ बच्चन की बड़ी फैन का था और उनकी कॉमिक टाइमिंग दर्शकों के लिए खास आकर्षण बनी। इस फिल्म में उनके साथ देवेन्द वर्मा भी थे।
प्रीति की फिल्मों में उनकी कॉमिक टाइमिंग और भोला चेहरा उन्हें अलग बनाता था। 70 और 80 के दशक में उन्होंने 'रानी और लालपरी', 'बालिका वधु', 'खेल खेल में', 'अनुरोध', 'आशिक हूं बहारों का', 'साहेब बहादुर', 'दिल्लगी', 'दामाद', 'झूठा कहीं का', 'क्रांति', और 'उत्तर दक्षिण' जैसी कई फिल्मों में काम किया। उनके द्वारा निभाए गए पात्र दर्शकों को हमेशा याद रहते थे।
एक महत्वपूर्ण परिवर्तन करते हुए उन्होंने लगभग 50 किलो वजन कम किया। यह उनके स्वास्थ्य और व्यक्तिगत जीवन के लिए एक बड़ा कदम था। वजन कम करने के बाद, फिल्मी ऑफ़र धीरे-धीरे घटने लगे। इसके चलते उन्होंने अपने पिता के नाम पर 1993 में अशोक कुमार एकेडमी ऑफ ड्रामेटिक आर्ट्स की स्थापना की, जहां वे छात्रों को अभिनय सिखाती थीं।
फिल्मों से ब्रेक के बाद, प्रीति ने फिल्म 'आशिक बनाया आपने' (2005) में इमरान हाशमी के साथ अभिनय किया। यह उनके करियर की आखिरी बड़ी फिल्म साबित हुई। 2 दिसंबर 2012 को मुंबई में हार्ट अटैक के कारण उनका निधन हो गया। उनके अभिनय ने उन्हें बॉलीवुड की दुनिया में अमर बना दिया।