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क्या डब्बू मलिक ने जिंदगी की चुनौतियों को स्वीकार किया?

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क्या डब्बू मलिक ने जिंदगी की चुनौतियों को स्वीकार किया?

सारांश

डब्बू मलिक ने अपने जीवन के संघर्षों को साझा किया है। वह बताते हैं कि उन्हें कई असफलताओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनकी नई किताब 'नेवर टू लेट' युवा कलाकारों को प्रेरित करने का माध्यम है। जानें उनकी कहानी और सफलता की राह में आने वाली बाधाओं के बारे में।

मुख्य बातें

सपनों का पीछा कभी नहीं छोड़ना चाहिए।
असफलताएं जीवन का हिस्सा हैं।
हर अनुभव से सीखना महत्वपूर्ण है।
युवाओं को प्रेरित करने के लिए साझा करना चाहिए।
कर्म करते रहना चाहिए।

मुंबई, २५ जुलाई (आईएए)। प्रसिद्ध संगीतकार डब्बू मलिक ने अपनी जिंदगी और करियर की चुनौतियों को बेबाकी से स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि उनका सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था और उन्हें कई बार असफलताओं का सामना करना पड़ा।

डब्बू ने कहा कि वह उस मुकाम तक नहीं पहुंच पाए, जिसका उन्होंने सपना देखा था, लेकिन इन अनुभवों ने उन्हें व्यक्तिगत और पेशेवर रूप से मजबूत बनाया।

अपनी नई किताब 'नेवर टू लेट' को डब्बू ने प्रेरणादायक बताया।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा, “यदि मेरी कहानी का एक भी पन्ना किसी युवा संगीतकार, संघर्ष कर रहे व्यक्ति या किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रेरित कर सके तो यह मेरे लिए काफी है। मैंने कई असफलताएं और बाधाएं देखीं। शायद मुझे वह सफलता नहीं मिली जो मैं चाहता था, लेकिन मैंने हमेशा आगे बढ़ने, उठने और कर्म करने में विश्वास रखा।”

किताब के बारे में डब्बू ने कहा कि 'नेवर टू लेट' व्यक्तिगत अनुभवों और सार्वभौमिक विषयों का मिश्रण है, जो हर उम्र के लोगों से जुड़ता है। उन्होंने कहा, “हर अध्याय अपने आप में एक कहानी है, जो जीवन के अलग-अलग पड़ावों पर लोगों को प्रेरित कर सकती है। मैं अपनी कम्युनिटी लेबल एमडब्ल्यूएम के जरिए नए कलाकारों को मौका देना चाहता हूं। मेरा मानना है कि हर दशक में इंसान को खुद को फिर से निखारना चाहिए और अपनी स्थिति का मूल्यांकन करना चाहिए। मैं युवा संगीतकारों, गीतकारों और वीडियो निर्देशकों के साथ चलना चाहता हूं।”

डब्बू ने माना कि म्यूजिक इंडस्ट्री में विवाद और अटकलें आम हैं, लेकिन वह इनसे दूर रहते हैं। उन्होंने बताया, “इंडस्ट्री में कई मुश्किले हैं। मैंने कई मौके गंवाए, जो मेरे नियंत्रण में नहीं थे। लेकिन, मैंने अपनी किताब में कड़वाहट नहीं, बल्कि प्रेरणा डाली है। मैं अपनी यात्रा साझा करना चाहता था, शिकायतें नहीं।”

संपादकीय दृष्टिकोण

संघर्ष, और कड़ी मेहनत ने उन्हें एक मजबूत व्यक्तित्व बनाया है। हमेशा आगे बढ़ने की इच्छा उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह कहानी न केवल संगीतकारों के लिए, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए है जो अपने सपनों का पीछा कर रहा है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डब्बू मलिक की नई किताब का नाम क्या है?
डब्बू मलिक की नई किताब का नाम ' नेवर टू लेट ' है।
डब्बू मलिक ने किन चुनौतियों का सामना किया?
डब्बू मलिक ने जीवन में कई असफलताओं और बाधाओं का सामना किया, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
डब्बू मलिक का संदेश क्या है?
डब्बू का संदेश है कि कभी हार नहीं माननी चाहिए और हमेशा आगे बढ़ते रहना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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