क्या 'धुरंधर' ने रचा इतिहास, प्रोपेगेंडा कहने वालों का कोई इलाज नहीं? : विवेक रंजन अग्निहोत्री
सारांश
Key Takeaways
- धुरंधर ने बॉक्स ऑफिस पर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
- विवेक रंजन अग्निहोत्री ने इसे असाधारण फिल्म बताया।
- फिल्म के निर्देशक आदित्य धर की प्रशंसा की गई।
- प्रोपेगेंडा कहने वालों का विवेक ने किया विरोध।
- कश्मीरी पंडितों के मुद्दे पर विवेक की गहरी समझ है।
मुंबई, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। फिल्म निर्माता-निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री किसी भी मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म धुरंधर की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इसे प्रोपेगेंडा कहने वालों को करारा जवाब दिया।
उन्होंने धुरंधर फिल्म की तारीफ करते हुए इसे एक अद्वितीय और असाधारण फिल्म बताया, जिसने बॉक्स ऑफिस पर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विवेक रंजन का कहना है कि यह फिल्म हर विभाग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करती है और इसकी गुणवत्ता बेमिसाल है।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में विवेक ने साझा किया, "धुरंधर एक अत्यंत अद्भुत फिल्म है। इसने भारत में बॉक्स ऑफिस पर नया रिकॉर्ड बनाया है। फिल्म की गुणवत्ता हर विभाग में उत्कृष्ट है। मैं आदित्य धर की भी प्रशंसा करता हूं। जब मैंने आदित्य से बात की तो मैंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस फिल्म की किसी और फिल्म से तुलना नहीं की जा सकती। यह अपने आप में एक इंस्टीट्यूशन बनेगी।"
विवेक ने आगे कहा कि उन्हें आदित्य धर से विशेष लगाव है क्योंकि वह कश्मीरी पंडित हैं और विवेक खुद इस मुद्दे से गहराई से जुड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा, "मेरे दिल में आदित्य के लिए काफी प्यार है। यह एक अद्भुत फिल्म है और जो लोग इसे प्रोपेगेंडा कहते हैं, उनका काम ही कुछ न कुछ कहना है। हर हिट फिल्म के साथ ऐसा होता है। मुझसे ज्यादा कौन जानता है कि मेरी फिल्म आने से पहले ही लोग इसे प्रोपेगेंडा कह देते हैं।"
विवेक ने आगे कहा, "जिन लोगों को भारत का पार्टिशन ही प्रोपेगेंडा लगता है, उन्हें तो यह फिल्म प्रोपेगेंडा लगेगी ही। उनके पास कोई इलाज नहीं है।"
विवेक रंजन अग्निहोत्री पहले भी कई गंभीर मुद्दों पर फिल्में बना चुके हैं। उन्होंने द कश्मीर फाइल्स के माध्यम से कश्मीरी पंडितों के दर्द को दर्शाया है। इसके अलावा, द बंगाल फाइल्स के जरिए पश्चिम बंगाल में हिंदू नरसंहार की स्थिति को उजागर किया है।