क्या रानी मुखर्जी ने फिल्म 'ब्लैक' के लिए सीखी थी 'साइन लैंग्वेज'?
सारांश
Key Takeaways
- रानी मुखर्जी ने 30 वर्षों का सफल करियर पूरा किया।
- फिल्म 'ब्लैक' में अमिताभ बच्चन के साथ काम करना एक अद्भुत अनुभव था।
- फिल्म के लिए साइन लैंग्वेज सीखनें का निर्णय लिया।
- फिल्म के भावनात्मक पल दर्शकों को छूने वाले थे।
- संजय लीला भंसाली के निर्देशन का खास असर रहा।
मुंबई, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस) बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने अपने करियर के 30 सालरानी ने अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म 'ब्लैक' में भी काम किया, जिसे उन्होंने अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रोजेक्ट्स में से एक माना। उन्होंने इसे अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया और इस अनुभव को अभिनय की उत्कृष्ट कक्षा के रूप में देखा, जिससे उन्हें बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला।
करियर के 30 साल पूरे होने पर रानी मुखर्जी ने अपने हिंदी सिनेमा के सफल और असफल अनुभवों को करण जौहर के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि 'ब्लैक' में अमिताभ बच्चन के साथ स्क्रीन साझा करना बेहद प्रेरणादायक था। उन्होंने कहा, "किसी भी अभिनेता के लिए, अमिताभ बच्चन के साथ काम करना करियर को परिभाषित करने वाला क्षण होता है। फिल्म 'ब्लैक' में देबराज सहाय के रूप में उन्हें हर दिन सेट पर अभिनय करते देखना किसी अभिनय की कक्षा में भाग लेने जैसा था, जहां खुद एक कला में निपुण बेहतरीन कलाकार आपको हर चीज के बारे में बता रहा है।"
अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'ब्लैक' के बारे में बात करते हुए रानी ने कहा कि यह फिल्म उनके जीवन की सबसे आध्यात्मिक और जादुई फिल्मों में से एक है। फिल्म के भावनात्मक पलों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि जब उन्होंने और अमिताभ बच्चन ने फिल्म का फाइनल कट देखा, तो "हम दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाया और फूट-फूटकर रो पड़े," क्योंकि दोनों अपने-अपने किरदारों में पूरी तरह डूब गए थे।
फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली के काम की सराहना करते हुए रानी ने कहा, "फिल्म ब्लैक के वक्त संजय लीला भंसाली ने एक ऐसी दुनिया बनाई थी, जिसमें हिस्सा लेने वाला हर किरदार, हर दिन खुद को बेहतर करने का काम कर रहा था। संजय लीला भंसाली ही हैं, जो फिल्म के सेट पर नई दुनिया और कलाकार रचने की ताकत रखते हैं।"
फिल्म के लिए की गई तैयारियों पर बात करते हुए रानी ने खुलासा किया कि फिल्म के लिए उन्होंने 6 महीने तक साइन लैंग्वेज सीखी थी और मूक और श्रवण बाधित लोगों के साथ समय भी बिताया था।