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'मैं वापस आऊंगा' के डेब्यू अभिनेता हर्षुल कौल बोले — 'वेदांग रैना के साथ काम करना सपने जैसा था'

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'मैं वापस आऊंगा' के डेब्यू अभिनेता हर्षुल कौल बोले — 'वेदांग रैना के साथ काम करना सपने जैसा था'

सारांश

डेब्यू अभिनेता हर्षुल कौल ने खुलासा किया कि 'मैं वापस आऊंगा' की शूटिंग के दौरान वेदांग रैना बीमार थे, फिर भी 'इश्क मस्ताना' गाने में पूरी ऊर्जा से परफॉर्म किया। एक कश्मीरी परिवार से आए हर्षुल के लिए कश्मीरी पंडित समुदाय के इस सितारे के साथ पर्दा साझा करना सपने जैसा अनुभव रहा।

मुख्य बातें

हर्षुल कौल ने फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' से बॉलीवुड में डेब्यू किया और वेदांग रैना के किरदार कीनू के दोस्त आफताब की भूमिका निभाई।
हर्षुल ने बताया कि 'इश्क मस्ताना' गाने की शूटिंग के दौरान वेदांग की तबीयत खराब थी, लेकिन उन्होंने पूरी ऊर्जा से परफॉर्म किया।
हर्षुल एक कश्मीरी परिवार से हैं और कश्मीरी पंडित समुदाय के कलाकार वेदांग की सफलता उनके लिए व्यक्तिगत प्रेरणा रही है।
दोनों अभिनेताओं ने सेट पर कश्मीरी भाषा में बातें कीं और टेक के बीच साथ समय बिताया।
दर्शकों ने सोशल मीडिया पर हर्षुल के किरदार आफताब की मासूमियत और भावनात्मक सफर की सराहना की।

फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' से बॉलीवुड में कदम रखने वाले नए अभिनेता हर्षुल कौल ने अपने सह-कलाकार वेदांग रैना की भरपूर तारीफ की है। हर्षुल ने बताया कि वेदांग के साथ पर्दे पर उतरना उनके लिए किसी सपने के सच होने से कम नहीं था — और यह अनुभव उन्हें एक अभिनेता के रूप में गहराई से बदल गया।

आफताब का किरदार और दर्शकों की प्रतिक्रिया

फिल्म में हर्षुल कौल ने वेदांग रैना के किरदार कीनू के절친한 दोस्त आफताब की भूमिका निभाई। फिल्म के रिलीज होने के बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया उनके लिए बेहद भावनात्मक रही। हर्षुल ने कहा, 'फिल्म रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया और मैसेज के ज़रिए कई लोगों ने मुझसे संपर्क किया। बहुत से लोगों ने कहा कि आफताब की मासूमियत और उसका भावनात्मक सफर फिल्म खत्म होने के बाद भी उनके दिलों में बना रहा। कुछ लोगों ने तो यह भी कहा कि उन्हें लगा जैसे वे इन किरदारों को व्यक्तिगत रूप से जानते हों।'

हर्षुल के अनुसार, ऐसे संदेश उनके लिए बेहद अहम हैं, क्योंकि उनका मानना है कि सिनेमा का असली उद्देश्य दर्शकों को कुछ महसूस कराना है।

कश्मीरी पंडित समुदाय का गर्व

हर्षुल ने बताया कि एक कश्मीरी परिवार से ताल्लुक रखने के नाते वेदांग रैना की सफलता उनके लिए व्यक्तिगत रूप से प्रेरणादायी रही है। उन्होंने कहा, 'मैंने हमेशा देखा कि हमारे आसपास लोग उनकी सफलता का जश्न मनाते थे। 'द आर्चीज' और फिर 'जिगरा' के बाद हर जगह उनके बारे में बातें होती थीं। इतनी कम उम्र में कश्मीरी पंडित समुदाय का कोई कलाकार इतनी बड़ी सफलता हासिल कर रहा था, यह देखकर मुझे बेहद गर्व होता था।'

हर्षुल ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि महज डेढ़ साल बाद वे वेदांग के साथ पर्दा साझा करेंगे और अपनी पहली ही फिल्म में उनके सबसे करीबी दोस्त का किरदार निभाएंगे।

वेदांग रैना से मिली सीख

हर्षुल ने वेदांग की मेहनत और अनुशासन को अपने करियर की सबसे बड़ी सीख बताया। उन्होंने एक विशेष किस्सा साझा करते हुए कहा, 'मुझे याद है कि 'इश्क मस्ताना' गाने की शूटिंग के दौरान उनकी तबीयत ठीक नहीं थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने पूरी ऊर्जा के साथ डांस किया, परफॉर्म किया और कभी भी अपनी परेशानी को काम पर हावी नहीं होने दिया।'

एक नए कलाकार के रूप में इस प्रतिबद्धता को इतने करीब से देखना हर्षुल के लिए एक अमूल्य अनुभव रहा।

सेट के बाहर भी बनी खास यादें

हर्षुल ने बताया कि वेदांग ने पहले ही दिन से उन्हें सेट पर सहज महसूस कराया और हमेशा सम्मान के साथ पेश आए। उन्होंने कहा, 'शूटिंग के दौरान सेट के बाहर भी हमने कई खूबसूरत पल साथ बिताए। हम कश्मीरी भाषा में बातें करते थे, टेक के बीच खूब हंसते थे और साथ समय बिताते थे। इन छोटे-छोटे पलों ने आफताब और कीनू की इस यात्रा को और भी खास बना दिया।'

यह पहली फिल्म हर्षुल कौल के लिए महज एक डेब्यू नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव है जो उनके अभिनय करियर की नींव बन सकता है — और वेदांग रैना जैसे सह-कलाकार की संगत इस सफर को और भी यादगार बनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे मुख्यधारा की मनोरंजन कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है। वेदांग रैना का 'द आर्चीज' से 'जिगरा' और अब 'मैं वापस आऊंगा' तक का सफर यह दिखाता है कि एक समुदाय किस तरह अपने प्रतिनिधित्व को पर्दे पर देखकर प्रेरणा लेता है। डेब्यू अभिनेताओं का यह खुलकर बोलना — कि उनके सह-कलाकार ने उन्हें किस तरह सहज बनाया — सेट संस्कृति पर एक सकारात्मक रोशनी डालता है, जो अक्सर विपरीत कारणों से चर्चा में आती है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हर्षुल कौल कौन हैं और उन्होंने किस फिल्म से डेब्यू किया?
हर्षुल कौल एक नए बॉलीवुड अभिनेता हैं जिन्होंने फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' से अभिनय की शुरुआत की। इस फिल्म में उन्होंने वेदांग रैना के किरदार कीनू के절친한 दोस्त आफताब की भूमिका निभाई।
हर्षुल कौल ने वेदांग रैना के बारे में क्या कहा?
हर्षुल ने कहा कि वेदांग रैना के साथ काम करना उनके लिए सपने जैसा था। उन्होंने वेदांग की मेहनत और अनुशासन की तारीफ करते हुए बताया कि 'इश्क मस्ताना' गाने की शूटिंग के दौरान वेदांग बीमार थे, फिर भी उन्होंने पूरी ऊर्जा से परफॉर्म किया।
हर्षुल कौल और वेदांग रैना का कश्मीरी कनेक्शन क्या है?
हर्षुल कौल एक कश्मीरी परिवार से हैं और वेदांग रैना कश्मीरी पंडित समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। हर्षुल ने बताया कि वेदांग की सफलता उनके समुदाय के लिए गर्व का विषय रही है और दोनों शूटिंग के दौरान कश्मीरी भाषा में भी बातें करते थे।
फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' में हर्षुल कौल का किरदार कैसा था?
फिल्म में हर्षुल कौल ने आफताब का किरदार निभाया, जो वेदांग रैना के किरदार कीनू का सबसे करीबी दोस्त है। दर्शकों ने आफताब की मासूमियत और भावनात्मक सफर की खूब सराहना की और सोशल मीडिया पर हर्षुल से संपर्क कर अपनी भावनाएं साझा कीं।
वेदांग रैना की पिछली फिल्में कौन-सी हैं?
वेदांग रैना ने 'द आर्चीज' और 'जिगरा' जैसी फिल्मों से पहचान बनाई, जिसके बाद 'मैं वापस आऊंगा' में उनकी भूमिका आई। इन फिल्मों ने उन्हें कश्मीरी पंडित समुदाय और व्यापक दर्शकों में एक प्रेरणादायी कलाकार के रूप में स्थापित किया।
राष्ट्र प्रेस
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