क्या 'टॉक्सिक' ने अक्षय ओबेरॉय के करियर की सबसे बड़ी चुनौती दी है?
सारांश
Key Takeaways
- अक्षय ओबेरॉय का अनुभव 'टॉक्सिक' के साथ एक नई चुनौती है।
- फिल्म की कहानी १९८० के दशक के गोवा पर आधारित है।
- एक्शन सीन में शारीरिक और मानसिक तैयारी की आवश्यकता है।
- कई बड़े नाम इस फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।
- फिल्म का उद्देश्य समाज के कई पहलुओं को छूना है।
मुंबई, १३ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कन्नड़ सुपरस्टार यश की अपकमिंग फिल्म 'टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' का फैंस बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। यह फिल्म अपने विशाल स्टारकास्ट, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के एक्शन और दूरदर्शी कहानी के लिए पहले ही चर्चा का विषय बन चुकी है, लेकिन अब इससे जुड़े कलाकारों के बयानों ने भी लोगों का ध्यान खींचा है। हाल ही में अभिनेता अक्षय ओबेरॉय ने फिल्म में अपने किरदार और उसकी तैयारी के बारे में खुलकर बात की है।
राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए अक्षय ने कहा कि 'टॉक्सिक' उनके करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण फिल्मों में से एक रही है और इस फिल्म के लिए उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से बिल्कुल नए स्तर पर तैयार करना पड़ा।
अक्षय ओबेरॉय ने कहा, "मैंने अपने करियर में पहले भी कई फिल्मों में एक्शन सीन किए हैं, लेकिन 'टॉक्सिक' में जिस तरह का एक्शन किया गया, वह पहले के अनुभवों से बिल्कुल भिन्न था। यह केवल फाइट सीन या स्टंट तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें अनुशासन, सहनशक्ति और गहरी मानसिक तैयारी की आवश्यकता थी। इस फिल्म ने मुझसे ऐसा प्रदर्शन मांगा, जैसा मैंने पहले कभी नहीं किया था।"
अपनी तैयारी को लेकर बात करते हुए अक्षय ने कहा, "'टॉक्सिक' का एक्शन एक अलग ही स्तर पर तैयार किया गया है। इस फिल्म के एक्शन सीन मुझे शारीरिक और मानसिक रूप से एक अलग जोन में ले गए। इसमें शरीर की ताकत के साथ-साथ दिमाग और शरीर के बीच बेहतर तालमेल होना भी बेहद जरूरी था। यही वजह है कि मेरे लिए यह अनुभव रोमांचक के साथ-साथ कठिन भी था।"
अक्षय ने कहा, "फिल्म की एक्शन शैली का अपना एक अलग नियम और भाषा है। हर मूवमेंट, हर एक्शन और हर सीन को बहुत बारीकी से डिजाइन किया गया है। फिल्म की कोरियोग्राफी और फिजिकल ट्रेनिंग इस तरह से तैयार की गई थी कि कलाकार केवल मजबूत न दिखें, बल्कि लंबे समय तक एक्शन करने की क्षमता भी उनमें नजर आए। इसके साथ ही सही टाइमिंग और फोकस पर भी विशेष ध्यान दिया गया।"
अक्षय ने बताया कि निर्देशक गीतू मोहनदास और एक्शन टीम की सोच बेहद स्पष्ट थी। 'टॉक्सिक' की दुनिया का अपना एक अलग अंदाज है, जिसे पर्दे पर सही तरीके से उतारने के लिए उन्होंने कई हफ्तों तक कड़ी ट्रेनिंग की। इस दौरान उन्हें रोज़ाना फिजिकल ड्रिल्स, मूवमेंट प्रैक्टिस और एक्शन रिहर्सल से गुजरना पड़ा, ताकि हर सीन में पूरी ईमानदारी दिखाई जा सके।
अपने अनुभव को साझा करते हुए अक्षय ओबेरॉय ने कहा, "'टॉक्सिक' मेरे करियर के सबसे मुश्किल लेकिन सबसे यादगार अनुभवों में से एक है। इस फिल्म ने मुझे न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाया, बल्कि मानसिक रूप से भी अधिक तैयार और आत्मविश्वासी किया।"
फिल्म 'टॉक्सिक' में यश के साथ कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी, रुक्मिणी वसंत और तारा सुतारिया जैसी कई बड़ी अभिनेत्रियां अहम भूमिकाओं में नजर आने वाली हैं। यह फिल्म एक पैन-इंडिया प्रोजेक्ट है, जिसे कन्नड़ और अंग्रेजी में एक साथ शूट किया गया है। इसके अलावा फिल्म को हिंदी, तेलुगु, तमिल, मलयालम और अन्य भाषाओं में भी डब किया जाएगा।
'टॉक्सिक' की कहानी १९८० के दशक के गोवा पर आधारित बताई जा रही है। कहानी के केंद्र में क्राइम और धोखे की थीम है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे एक ताकतवर ड्रग कार्टेल गोवा के खूबसूरत समुद्री तटों और रंगीन दुनिया की आड़ में लोगों की जिंदगियों को अपने हिसाब से चलाता है।
'टॉक्सिक' १९ मार्च को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।