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जैकी श्रॉफ का GenZ कनेक्शन: 'उम्र नहीं, इंसानियत देखता हूं' — 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' से पहले खुलासा

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जैकी श्रॉफ का GenZ कनेक्शन: 'उम्र नहीं, इंसानियत देखता हूं' — 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' से पहले खुलासा

सारांश

जैकी श्रॉफ का GenZ कनेक्शन महज़ नॉस्टेल्जिया नहीं — यह उनकी उस सोच का नतीजा है जो उम्र की बजाय इंसानियत को तरजीह देती है। 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' में सुपरहीरो दादाजी की भूमिका के साथ वे हिंदी सिनेमा में एक नया कॉन्सेप्ट लेकर आ रहे हैं — और यह फिल्म 29 मई को रिलीज़ होगी।

मुख्य बातें

जैकी श्रॉफ ने GenZ में अपनी लोकप्रियता का कारण बताया — उम्र नहीं, इंसानियत और खुले दिल से मिलना।
उन्होंने कहा, 80 साल के बुज़ुर्ग और 8 साल के बच्चे — दोनों उनके लिए बराबर हैं।
फिल्म 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' में वे एक ऐसे दादाजी की भूमिका में हैं जो पोते के साथ दोस्त जैसा रिश्ता रखते हैं।
हिंदी सिनेमा में 'सुपरहीरो दादाजी' का यह कॉन्सेप्ट पहली बार आज़माया जा रहा है।
फिल्म 29 मई को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जैकी श्रॉफ आज भी नई पीढ़ी के बीच उतनी ही लोकप्रियता बनाए हुए हैं जितनी 80 और 90 के दशक में थी — और इसकी वजह वे खुद बताते हैं: उम्र की बजाय इंसानियत को तरजीह देना। अपनी आने वाली फिल्म 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' के प्रमोशन के दौरान श्रॉफ ने यह साफ किया कि जेनरेशन गैप उनके लिए कभी रुकावट नहीं रहा।

GenZ से जुड़ाव की असली वजह

जब उनसे पूछा गया कि युवा पीढ़ी उनसे इतना गहरा जुड़ाव क्यों महसूस करती है, तो जैकी श्रॉफ ने कहा, 'मैं खुद को हर इंसान के लिए खुला रखता हूं। मैं कभी किसी इंसान को उसकी उम्र के आधार पर नहीं आंकता। मेरे लिए कोई व्यक्ति 80 साल का हो या 8 साल का बच्चा, सब बराबर हैं। मैं हर किसी से उसी अपनापन और सम्मान के साथ मिलता हूं।'

उन्होंने आगे जोड़ा, 'मैं लोगों की बातें ध्यान से सुनता हूं और अपनी जिंदगी के अनुभव भी साझा करता हूं। रिश्ते तभी मजबूत होते हैं, जब इंसान अपने मन को खुला रखे। किसी की उम्र नहीं, बल्कि उसकी इंसानियत और सोच मायने रखती है।'

सीखने की कोई उम्र नहीं

श्रॉफ ने यह भी कहा कि वे कभी खुद को दूसरों से बड़ा या ज़्यादा समझदार नहीं मानते। उनके अनुसार, 'हर इंसान के पास सीखने के लिए कुछ न कुछ जरूर होता है। मेरी लोगों को सलाह है कि दूसरों को खुले दिल से अपनाओ और हर किसी का सम्मान करो।' यह सोच उन्हें हर पीढ़ी के साथ सहज बनाती है — चाहे वह मिलेनियल हों या GenZ

'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' — एक अनोखा कॉन्सेप्ट

फिल्म के बारे में बात करते हुए जैकी श्रॉफ ने कहा, 'फिल्म में निभाया गया मेरा किरदार मेरे दिल के बेहद करीब है। मैं एक ऐसे दादाजी की भूमिका निभा रहा हूं, जो अपने पोते के साथ दोस्त जैसा रिश्ता रखते हैं।' उन्होंने स्वीकार किया कि असल जिंदगी में भी वे बच्चों से दोस्त की तरह बात करते हैं।

फिल्म को चुनने की वजह बताते हुए उन्होंने कहा, 'हिंदी सिनेमा में इससे पहले सुपरहीरो दादाजी जैसा कॉन्सेप्ट देखने को नहीं मिला था। यही नई सोच मुझे फिल्म की ओर खींच लाई।' गौरतलब है कि भारतीय सुपरहीरो फिल्मों में बुज़ुर्ग नायक की यह अवधारणा अपने आप में एक ताज़ा प्रयोग है।

दादा-पोते का रिश्ता — फिल्म की असली ताकत

श्रॉफ ने खास तौर पर दादा और पोते के रिश्ते को फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बताया। उनका कहना था कि आज के दौर में जहां पीढ़ियों के बीच दूरी की बात होती है, वहीं यह फिल्म दिखाती है कि प्यार, दोस्ती और अपनापन हर उम्र की दीवार तोड़ सकता है। 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' 29 मई को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

श्रॉफ की 'इंसानियत-पहले' वाली सोच उन्हें अलग बनाती है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' का 'सुपरहीरो दादाजी' कॉन्सेप्ट ठीक उसी पीढ़ी-पाटने की थीम को परदे पर उतारता है जो श्रॉफ की असली ज़िंदगी में दिखती है। हालांकि, फिल्म की व्यावसायिक सफलता ही बताएगी कि यह भावनात्मक जुड़ाव टिकट खिड़की पर भी काम करता है या नहीं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जैकी श्रॉफ GenZ में इतने लोकप्रिय क्यों हैं?
जैकी श्रॉफ के अनुसार, वे हर इंसान को उसकी उम्र के आधार पर नहीं आंकते और सबसे खुले दिल से मिलते हैं। उनका मानना है कि इंसानियत और सोच उम्र से ज़्यादा मायने रखती है, जिससे वे हर पीढ़ी से आसानी से जुड़ पाते हैं।
'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' कब रिलीज़ होगी?
फिल्म 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' 29 मई को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। इसमें जैकी श्रॉफ एक सुपरहीरो दादाजी की भूमिका में हैं।
'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' में जैकी श्रॉफ का किरदार कैसा है?
इस फिल्म में जैकी श्रॉफ एक ऐसे दादाजी की भूमिका निभा रहे हैं जो अपने पोते के साथ दोस्त जैसा रिश्ता रखते हैं। यह हिंदी सिनेमा में 'सुपरहीरो दादाजी' का पहला कॉन्सेप्ट बताया जा रहा है।
जैकी श्रॉफ ने यह फिल्म क्यों चुनी?
जैकी श्रॉफ ने बताया कि इस फिल्म की अलग और नई कहानी ने उन्हें आकर्षित किया। हिंदी सिनेमा में इससे पहले सुपरहीरो दादाजी जैसा कॉन्सेप्ट नहीं आया था, और यही नई सोच उन्हें फिल्म की ओर खींच लाई।
जैकी श्रॉफ जेनरेशन गैप के बारे में क्या सोचते हैं?
जैकी श्रॉफ का मानना है कि प्यार, दोस्ती और अपनापन हर उम्र की दीवार तोड़ सकता है। वे कहते हैं कि मन को खुला रखने से रिश्ते मजबूत होते हैं और जेनरेशन गैप खुद-ब-खुद कम हो जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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