'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' पब्लिक रिव्यू: जैकी श्रॉफ की दादा वाली भूमिका ने जीता दर्शकों का दिल
सारांश
मुख्य बातें
जैकी श्रॉफ अभिनीत फिल्म 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' 30 मई 2025 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई और दर्शकों ने इसे हाथोंहाथ लिया। फिल्म में जैकी श्रॉफ एक ऐसे दादा की भूमिका में हैं, जो अपने पोते की कल्पनाओं में 'सुपरहीरो' बन जाता है। पहले दिन के शुरुआती सार्वजनिक रिव्यू बेहद उत्साहजनक रहे, और दर्शकों ने फिल्म को पारिवारिक मनोरंजन की एक ताज़ी हवा बताया।
दर्शकों की पहली प्रतिक्रिया
सिनेमाघर से बाहर निकले दर्शकों ने फिल्म को एकमत से सराहा। एक दर्शक ने कहा, 'फिल्म ने बाकी सुपरहीरो फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है। इसमें दादा-पोते की शानदार केमिस्ट्री दिखाई गई है। फिल्म बहुत लंबी नहीं है, सिनेमैटोग्राफी अच्छी है और यह अपने विषय पर केंद्रित रहती है। इसका क्लाइमैक्स भी मजेदार है।' एक अन्य दर्शक ने कहा कि बीच में थोड़ा भ्रम ज़रूर था, लेकिन कुल मिलाकर फिल्म बेहतरीन है और ऐसी फिल्में बनती रहनी चाहिए।
जैकी श्रॉफ के अभिनय की तारीफ
लगभग हर दर्शक ने जैकी श्रॉफ के अभिनय को फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बताया। दो युवा दर्शकों ने कहा, 'जैकी श्रॉफ ने दादा का किरदार बहुत अच्छे ढंग से निभाया है। परिवार के साथ ऐसी फिल्में देखने को कम ही मिलती हैं।' एक और दर्शक ने कहा कि फिल्म देखकर उन्हें अपने बचपन की याद आ गई — बहुत दिनों बाद ऐसी फिल्म देखने को मिली।
फिल्म का संदेश और सेकंड हाफ
कई दर्शकों ने फिल्म के सेकंड हाफ को पहले हाफ से बेहतर बताया। एक दर्शक ने कहा कि इंटरवल से पहले फिल्म उतनी खास नहीं लगी, लेकिन बाद में काफी मज़ा आया। फिल्म एक महत्त्वपूर्ण पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देती है। एक दर्शक ने कहा, 'फिल्म ने यह बताया कि सुपरहीरो वह नहीं होता जिसके पास कोई विशेष शक्ति हो, बल्कि वह होता है जो दिल से अच्छा इंसान हो।'
असल जिंदगी से जुड़ाव
एक दर्शक ने यह भी कहा कि वे जैकी श्रॉफ की असल जिंदगी से भी खुद को जोड़ पा रहे थे — जैसे वे वास्तविक जीवन में पेड़-पौधों को बचाने की बात करते हैं, वैसा ही संदेश फिल्म में भी देखने को मिला। गौरतलब है कि हिंदी सिनेमा में पारिवारिक और बाल-केंद्रित फिल्मों की कमी के बीच यह फिल्म एक अलग राह पकड़ती है।
फिल्म किसके लिए है
दर्शकों ने एकस्वर से इसे फैमिली फ्रेंडली फिल्म करार दिया। बच्चों के मनोरंजन के लिहाज से भी इसे उपयुक्त बताया गया — खासतौर पर ऐसे समय में जब बच्चे कार्टून और मोबाइल स्क्रीन पर ज़्यादा समय बिता रहे हैं। आने वाले सप्ताहांत में फिल्म की बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर नज़रें टिकी रहेंगी।