'गुल्लक' सीजन 5: जमील खान बोले — संतोष मिश्रा में पिता की छाया, नकारात्मकता को कोई जगह नहीं
सारांश
मुख्य बातें
जमील खान, जो सोनी लिव की चर्चित वेब सीरीज़ 'गुल्लक' के पाँचवें सीजन में संतोष मिश्रा का किरदार निभा रहे हैं, ने हाल ही में एक विशेष बातचीत में अपनी अभिनय-दृष्टि और जीवन-दर्शन को खुलकर साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस किरदार को महज़ एक भूमिका नहीं, बल्कि अपने निजी अनुभवों और पारिवारिक संस्कारों का विस्तार मानते हैं। 'गुल्लक' को दर्शकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है, और इसकी सबसे बड़ी ताकत आम भारतीय परिवार की सादगी को वास्तविकता के साथ पर्दे पर उतारना है।
पिता से मिली प्रेरणा, जीवन के अनुभव बने किरदार की नींव
जमील खान ने बताया, 'मैं किरदार संतोष मिश्रा को सिर्फ अभिनय के तौर पर नहीं देखता, बल्कि उसे अपने निजी जीवन से भी जोड़ता हूँ। इस किरदार की प्रेरणा मुझे अपने पिता से मिली है और मैंने जीवन के कई अनुभव को इस भूमिका में शामिल किया है।' उनके अनुसार, जब कोई कलाकार जीवन की सच्ची भावनाओं को किरदार में उतारता है, तो वह कहीं अधिक वास्तविक और प्रभावशाली बन जाता है। यही वजह है कि 'गुल्लक' का हर एपिसोड दर्शकों को अपनी ज़िंदगी का आईना दिखाता है।
सकारात्मकता और संवेदनशीलता — जमील खान का अभिनय-मंत्र
खान ने कहा, 'मेरी सोच हमेशा से सकारात्मकता, संवेदनशीलता और प्यार पर आधारित रही है। मैं मानता हूँ कि जीवन में इन मूल्यों को बनाए रखना बहुत जरूरी है। इसी वजह से मैं अपने किरदार संतोष मिश्रा को भी इसी सोच के साथ निभाता हूँ। मैं नहीं चाहता कि मेरे किरदार से कोई भी नकारात्मक संदेश समाज में जाए।' यह बयान उस दौर में विशेष रूप से उल्लेखनीय है जब ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर अक्सर डार्क और हिंसक कंटेंट की भरमार देखी जाती है।
समाज में नकारात्मकता बढ़ रही है, अच्छाई दिखाना असली चुनौती
जमील खान ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक टिप्पणी करते हुए कहा, 'आज के समय में समाज में नकारात्मक बातें तेजी से बढ़ रही हैं, जबकि सकारात्मक चीजें धीरे-धीरे कम हो रही हैं। ऐसे माहौल में मेरा मानना है कि लोगों को अच्छी और सकारात्मक कहानियों की ओर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। नकारात्मकता दिखाना आसान होता है, लेकिन असली चुनौती अच्छाई को सामने लाना है और उसे लोगों तक पहुँचाना है।' यह विचार 'गुल्लक' जैसी सीरीज़ की लोकप्रियता को और अधिक सार्थक बनाता है।
परिवार को समाज की नींव मानते हैं जमील खान
अभिनेता ने अपने व्यापक जीवन-दृष्टिकोण को साझा करते हुए कहा, 'मैं जीवन को एक बड़े दृष्टिकोण से देखता हूँ। परिवार सिर्फ एक छोटा समूह नहीं है, बल्कि यह समाज की नींव है। अगर परिवार में सही सोच और व्यवहार है तो वही आगे चलकर समाज और शहर को भी प्रभावित करता है।' इसी दर्शन के आधार पर वे अपने हर किरदार को गहराई से समझने और उसे ईमानदारी से निभाने का प्रयास करते हैं। 'गुल्लक' का पाँचवाँ सीजन इस सोच का जीवंत प्रमाण बनकर सामने आया है।