27 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मराठी फिल्म 'जयंती 2' पर अभिनेता किरण मेशराम बोले — आरक्षण अधिकार है, खैरात नहीं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मराठी फिल्म 'जयंती 2' पर अभिनेता किरण मेशराम बोले — आरक्षण अधिकार है, खैरात नहीं

सारांश

'जयंती 2' सिर्फ एक फिल्म नहीं — आरक्षण की जड़ों और ज़रूरत पर एक खुला सवाल है। अभिनेता किरण मेशराम ने चंद्रपुर में दो टूक कहा: यह खैरात नहीं, अधिकार है। युवाओं में फिल्म की गूँज बता रही है कि यह सामाजिक बहस अभी खत्म नहीं हुई।

मुख्य बातें

मराठी फिल्म 'जयंती 2' 11 सितंबर 2026 को रिलीज हुई; निर्देशक शैलेश नरवाडे ।
अभिनेता किरण मेशराम ने कहा — 'आरक्षण कोई खैरात नहीं, यह पीछे रहे लोगों का अधिकार है।' 27 सितंबर 2026 को चंद्रपुर के राधाकृष्ण टॉकीज में विशेष स्क्रीनिंग आयोजित हुई।
शुरुआती सीमित रिलीज के बाद अमरावती, नागपुर, मुंबई और पुणे में थिएटर व शोज बढ़े।
फिल्म आदिवासी छात्रा पायल की कहानी के ज़रिए शिक्षा में भेदभाव और समान अवसर पर सवाल उठाती है।

मराठी सोशल ड्रामा 'जयंती 2' को लेकर दर्शकों के बीच चर्चा थमने का नाम नहीं ले रही। 27 सितंबर 2026 को चंद्रपुर के राधाकृष्ण टॉकीज में आयोजित एक विशेष स्क्रीनिंग के दौरान फिल्म के अभिनेता किरण मेशराम और ऋतुराज वानखेड़े ने दर्शकों से सीधा संवाद किया और बताया कि यह फिल्म खासतौर पर युवाओं में जबरदस्त प्रतिक्रिया पा रही है। आरक्षण जैसे संवेदनशील सामाजिक विषय को केंद्र में रखकर बनी यह फिल्म 11 सितंबर 2026 को रिलीज हुई थी।

चंद्रपुर से किरण मेशराम का खास रिश्ता

अभिनेता किरण मेशराम का चंद्रपुर से गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। उन्होंने कहा, 'मैं इसी शहर में पला-बढ़ा हूँ और मेरा बचपन यहीं की गलियों में बीता है। बड़े होने के बाद मैं नागपुर चला गया, जहाँ मैंने थिएटर में काम किया। इसके बाद मुझे 'जयंती' और अब 'जयंती 2' में काम करने का मौका मिला।' उन्होंने आगे कहा, 'अपने ही शहर में लोगों के बीच फिल्म को सेलिब्रेट होते देखना भावुक कर देने वाला अनुभव है।'

आरक्षण पर फिल्म का सीधा बयान

फिल्म के सामाजिक संदेश पर बात करते हुए किरण मेशराम ने कहा, 'आरक्षण एक संवेदनशील विषय है। आज भी कई लोग इस मुद्दे पर खुलकर बात करने से हिचकते हैं, लेकिन 'जयंती 2' इस विषय को सीधे तौर पर सामने रखती है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि फिल्म केवल आरक्षण की माँग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल भी उठाती है कि आरक्षण की जरूरत क्यों पड़ी और समाज में पीछे रहे लोगों को समान स्तर पर लाने की कोशिश कैसे की जा सकती है।

मेशराम ने दो टूक शब्दों में कहा, 'आरक्षण कोई खैरात में मिली हुई चीज नहीं है — यह उन लोगों का अधिकार है जो पीछे रह गए हैं और जिन्हें आगे आने में समय लग रहा है।' यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि आरक्षण-बनाम-मेरिट की बहस हाल के वर्षों में एक बार फिर तेज हुई है।

बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का सफर

अभिनेता ऋतुराज वानखेड़े ने फिल्म के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि शुरुआत में फिल्म को बहुत कम थिएटर मिले थे, लेकिन दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद शोज और थिएटरों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। उन्होंने कहा, 'अमरावती से लेकर नागपुर तक, और मुंबई व पुणे में भी फिल्म को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।' गौरतलब है कि मराठी सिनेमा में सामाजिक थीम वाली फिल्में अक्सर सीमित रिलीज से शुरू होकर वर्ड-ऑफ-माउथ के दम पर विस्तार पाती हैं — 'जयंती 2' उसी राह पर चलती दिख रही है।

फिल्म की कहानी और सामाजिक संदर्भ

निर्देशक शैलेश नरवाडे की यह फिल्म पायल नाम की एक आदिवासी छात्रा की कहानी है जो उच्च शिक्षा का सपना लेकर कॉलेज पहुँचती है। वहाँ उसे अपनी सामाजिक और आदिवासी पहचान के कारण भेदभाव का सामना करना पड़ता है और विरोध जताने पर उसे कॉलेज से निलंबित कर दिया जाता है। इसके बाद संत्या और तनुजा उसके पक्ष में खड़े होते हैं और कॉलेज की राजनीति, राजनीतिक दबाव तथा सामाजिक भेदभाव के खिलाफ संघर्ष छेड़ते हैं।

फिल्म में ऋतुराज वानखेड़े, प्रियदर्शिनी इंदलकर, पायल जाधव और विजय निकम प्रमुख भूमिकाओं में हैं। यह ऐसे समय में आई है जब शिक्षा व्यवस्था में समान अवसर और आरक्षण नीति को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी है, जो फिल्म की प्रासंगिकता को और बढ़ा देता है।

आगे क्या

दर्शकों की सतत माँग और बढ़ते शोज को देखते हुए 'जयंती 2' की टीम आने वाले हफ्तों में और अधिक शहरों में विशेष स्क्रीनिंग की योजना बना रही है। यदि यह प्रदर्शन जारी रहा, तो यह मराठी सिनेमा में सामाजिक सरोकार वाली फिल्मों की परंपरा में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कोई नई बात नहीं — लेकिन एक लोकप्रिय मराठी फिल्म के मंच से इसे कहना इसकी पहुँच को कई गुना बढ़ा देता है। 'जयंती 2' उस परंपरा को आगे बढ़ाती है जिसमें मराठी सिनेमा ने दशकों से सामाजिक विषमता को परदे पर उठाया है — 'सैराट' से 'कोर्ट' तक। असली परीक्षा यह है कि क्या यह फिल्म आरक्षण-बनाम-मेरिट की परिचित बहस से आगे जाकर संरचनात्मक भेदभाव की जड़ों को भी टटोलती है, या केवल भावनात्मक अपील पर टिकी रहती है। दर्शकों की प्रतिक्रिया उत्साहजनक है, पर मुख्यधारा की बहस में असली बदलाव तब आता है जब सिनेमा नीतिगत प्रश्नों को भी उठाने का साहस दिखाए।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मराठी फिल्म 'जयंती 2' किस विषय पर आधारित है?
'जयंती 2' एक मराठी सोशल ड्रामा है जो आदिवासी छात्रा पायल की कहानी के ज़रिए शिक्षा व्यवस्था में भेदभाव, आरक्षण की आवश्यकता और समान अवसर जैसे मुद्दों को उठाती है। फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह एक छात्रा को उसकी सामाजिक पहचान के कारण कॉलेज से निलंबित किया जाता है और उसके साथी उसके पक्ष में संघर्ष करते हैं।
'जयंती 2' कब रिलीज हुई और इसके निर्देशक कौन हैं?
फिल्म 'जयंती 2' 11 सितंबर 2026 को रिलीज हुई। इसका निर्देशन शैलेश नरवाडे ने किया है और इसमें ऋतुराज वानखेड़े, प्रियदर्शिनी इंदलकर, पायल जाधव और विजय निकम प्रमुख भूमिकाओं में हैं।
किरण मेशराम ने आरक्षण को लेकर क्या कहा?
अभिनेता किरण मेशराम ने 27 सितंबर 2026 को चंद्रपुर में कहा कि 'आरक्षण कोई खैरात में मिली हुई चीज़ नहीं है — यह उन लोगों का अधिकार है जो पीछे रह गए हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म केवल आरक्षण की माँग नहीं करती, बल्कि इसकी ऐतिहासिक ज़रूरत और सामाजिक समानता के रास्ते पर भी सवाल उठाती है।
फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर कैसी प्रतिक्रिया मिल रही है?
अभिनेता ऋतुराज वानखेड़े के अनुसार शुरुआत में फिल्म को सीमित थिएटर मिले थे, लेकिन दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद अमरावती, नागपुर, मुंबई और पुणे में शोज और थिएटरों की संख्या बढ़ गई है।
फिल्म 'जयंती 2' में आरक्षण और मेरिट की बहस को कैसे दिखाया गया है?
फिल्म आरक्षण और मेरिट के बीच होने वाली बहस के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था में भेदभाव और समान अवसर पर सवाल उठाती है। यह महज़ एक पक्ष नहीं लेती, बल्कि सामाजिक असमानता की जड़ों और उसे दूर करने के उपायों पर विमर्श करती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले