कुणाल कपूर का 49वाँ जन्मदिन: 'अक्स' के सहायक निर्देशक से 'रंग दे बसंती' तक का सफर
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेता कुणाल कपूर 18 अक्टूबर 2026 को अपना 49वाँ जन्मदिन मनाएँगे। 18 अक्टूबर 1977 को मुंबई में जन्मे कुणाल ने फ़िल्मी दुनिया में एक अभिनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक सहायक निर्देशक के रूप में कदम रखा था। आज भले ही वे रुपहले पर्दे पर कम दिखते हों, लेकिन उनके करियर की बुनावट बेहद दिलचस्प रही है।
परिवार और शुरुआती जीवन
कुणाल कपूर के पिता अविकिशोर कपूर एक कंस्ट्रक्शन व्यवसायी थे, जबकि उनकी माँ कानन एक गायिका हैं। परिवार की जड़ें पंजाब से जुड़ी हैं। बचपन से ही अभिनय में गहरी रुचि रखने वाले कुणाल ने अपने सपने को दिशा देने के लिए एक्टिंग क्लासेज़ ज्वाइन कीं।
सहायक निर्देशक से अभिनेता तक का सफर
कुणाल ने अपने करियर की शुरुआत अमिताभ बच्चन और मनोज बाजपेयी अभिनीत फ़िल्म 'अक्स' में सहायक निर्देशक की भूमिका में की। परदे के पीछे रहकर फ़िल्मनिर्माण की बारीकियाँ सीखने के बाद उन्होंने वर्ष 2004 में 'मीनाक्षी — ए टेल ऑफ थ्री सिटीज़' से बतौर अभिनेता शुरुआत की, जिसमें वे तब्बू के साथ नज़र आए।
रंग दे बसंती और बड़ी पहचान
अभिनेता को असली पहचान 2006 में आई राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फ़िल्म 'रंग दे बसंती' से मिली, जिसमें आमिर खान ने मुख्य भूमिका निभाई थी। इस फ़िल्म में उनके अभिनय को दर्शकों और आलोचकों दोनों ने सराहा। इसी फ़िल्म के लिए उन्हें जूरी अवॉर्ड और 2006 का ज़ूम ग्लैम अवॉर्ड (डेब्यू एक्टर) से नवाज़ा गया। गौरतलब है कि इस फ़िल्म की कामयाबी के बाद यशराज फ़िल्म्स ने उन्हें एक साथ तीन बड़ी फ़िल्मों — 'लागा चुनरी में दाग', 'आजा नचले' और 'बचना ऐ हसीनों' — के लिए साइन किया।
अन्य उल्लेखनीय फ़िल्में और पुरस्कार
वर्ष 2010 में उन्होंने निर्देशक राहुल ढोलकिया की फ़िल्म 'लम्हा' में काम किया, जिसमें संजय दत्त और बिपाशा बसु लीड रोल में थे। 2007 में फ़िल्म 'वीरम' के लिए उन्हें बेस्ट परफॉर्मेंस का पुरस्कार मिला। वर्ष 2022 में वेब सीरीज़ 'द एम्पायर' में डेब्यू के लिए उन्हें बेस्ट डेब्यू सीरीज़ एक्टर का अवॉर्ड मिला। हाल ही में उन्होंने फ़िल्म 'ज्वेल थीफ' में एक पुलिसकर्मी की भूमिका निभाई है।
निजी जीवन
कुणाल कपूर ने वर्ष 2015 में नैना बच्चन से विवाह किया। नैना, अमिताभ बच्चन के भाई अजिताभ बच्चन की पुत्री हैं, जिससे कुणाल बॉलीवुड के महानायक के भतीजी-दामाद बन गए। फ़िल्मों में कम दिखने के बावजूद कुणाल कपूर का चुनिंदा और विविध भूमिकाओं में काम करने का स्वभाव उन्हें अपनी पीढ़ी के उल्लेखनीय अभिनेताओं में रखता है।