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कुणाल खेमू का सफर: श्रीनगर से बॉलीवुड तक, चाइल्ड आर्टिस्ट से निर्देशक बनने की कहानी

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कुणाल खेमू का सफर: श्रीनगर से बॉलीवुड तक, चाइल्ड आर्टिस्ट से निर्देशक बनने की कहानी

सारांश

श्रीनगर से मुंबई तक का सफर, चाइल्ड आर्टिस्ट से लेकर डेब्यू डायरेक्टर तक — कुणाल खेमू की कहानी सिर्फ बॉलीवुड की नहीं, बल्कि एक कश्मीरी पंडित परिवार के विस्थापन, संघर्ष और पुनर्निर्माण की भी है। 2024 में 'मडगांव एक्सप्रेस' ने उनके करियर को नई ऊँचाई दी।

मुख्य बातें

कुणाल खेमू का जन्म 25 मई 1983 को श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर में एक कश्मीरी पंडित परिवार में हुआ।
1990 के दशक में कश्मीरी पंडितों के पलायन के दौरान परिवार पहले जम्मू, फिर मुंबई में बसा।
चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में 'जख्म' , 'हम हैं राही प्यार के' और 'राजा हिंदुस्तानी' सहित कई बड़ी फिल्मों में काम किया।
2014 में भगवान शिव के टैटू को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद हुआ; कुणाल ने श्रद्धा का हवाला देते हुए सफाई दी।
2015 में अभिनेत्री सोहा अली खान से विवाह; दंपती की बेटी का नाम इनाया नौमी खेमू है।
2024 में 'मडगांव एक्सप्रेस' से निर्देशन डेब्यू; फिल्मफेयर और आईफा में बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर पुरस्कार मिला।

बॉलीवुड अभिनेता कुणाल खेमू उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल हैं जिन्होंने बचपन में कैमरे के सामने कदम रखा और दशकों बाद भी अपनी प्रासंगिकता बनाए रखी। चाइल्ड आर्टिस्ट से लेकर लीड एक्टर और फिर डेब्यू डायरेक्टर तक — उनका सफर विवादों, संघर्षों और उल्लेखनीय वापसियों से भरा रहा है।

शुरुआती जीवन और कश्मीर से पलायन

कुणाल खेमू का जन्म 25 मई 1983 को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में एक कश्मीरी पंडित परिवार में हुआ। उनके पिता रवि खेमू और माँ ज्योति खेमू दोनों अभिनय की दुनिया से जुड़े रहे। कुणाल का बचपन कश्मीर की वादियों में बीता, लेकिन 1990 के दशक में घाटी में बढ़ते तनाव और कश्मीरी पंडितों के पलायन के दौर ने उनके परिवार को भी विस्थापित कर दिया। परिवार पहले जम्मू और फिर मुंबई में बस गया, जहाँ कुणाल ने अपनी पढ़ाई पूरी की और अभिनय की राह पकड़ी।

चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में पहचान

कुणाल ने बेहद कम उम्र में दूरदर्शन के चर्चित धारावाहिक 'गुल गुलशन गुलफाम' से अपनी स्क्रीन यात्रा शुरू की। इसके बाद निर्देशक महेश भट्ट की फिल्म 'सर' से उन्होंने बड़े पर्दे पर कदम रखा। चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में उन्होंने 'हम हैं राही प्यार के', 'राजा हिंदुस्तानी', 'जख्म', 'भाई' और 'दुश्मन' जैसी फिल्मों में काम किया। विशेष रूप से फिल्म 'जख्म' में उनके किरदार ने दर्शकों और समीक्षकों दोनों को प्रभावित किया।

लीड एक्टर के रूप में वापसी और करियर का विस्तार

कुछ समय फिल्मों से दूरी के बाद कुणाल ने 2005 में 'कलयुग' से बतौर मुख्य अभिनेता वापसी की, जो बॉक्स ऑफिस पर सफल रही। इसके बाद उन्होंने 'ढोल', 'ट्रैफिक सिग्नल', '99', 'गोलमाल 3', 'गो गोवा गॉन', 'मलंग' और 'लूटकेस' जैसी फिल्मों में विविध भूमिकाएँ निभाईं। कॉमेडी फिल्मों में उनकी टाइमिंग ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई।

टैटू विवाद और सफाई

कुणाल को टैटू बनवाने का गहरा शौक है। 2014 में उन्होंने अपने पैर पर भगवान शिव का टैटू बनवाया। जैसे ही इस टैटू की तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई, कई लोगों ने धार्मिक भावनाओं से जोड़ते हुए नाराज़गी जताई। मामला बढ़ता देख कुणाल ने सार्वजनिक सफाई दी और कहा कि वह भगवान शिव से गहरी श्रद्धा रखते हैं तथा यह टैटू उनके सम्मान का प्रतीक है, न कि अपमान का।

निजी जीवन और निर्देशन में कदम

कुणाल ने अभिनेत्री सोहा अली खान के साथ लंबे समय तक रिश्ता रखा और 2015 में दोनों ने विवाह किया। दंपती की एक बेटी इनाया नौमी खेमू है। अभिनय के साथ-साथ कुणाल ने लेखन और निर्देशन में भी कदम रखा। 2024 में उनकी निर्देशित फिल्म 'मडगांव एक्सप्रेस' दर्शकों के बीच खासी लोकप्रिय रही, और इसके लिए उन्हें फिल्मफेयर तथा आईफा — दोनों में बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर का पुरस्कार मिला। यह पुरस्कार इस बात का प्रमाण है कि कुणाल खेमू का सफर अभी थमा नहीं है — बल्कि एक नए अध्याय की शुरुआत हो चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जवानी में संघर्ष किया और मध्यम आयु में नई परिभाषा गढ़ी। यह उल्लेखनीय है कि उनकी पहचान कभी किसी बड़े फिल्मी परिवार के नाम पर नहीं टिकी — बल्कि विस्थापन और पुनर्निर्माण की असली ज़िंदगी ने उनके अभिनय को गहराई दी। 'मडगांव एक्सप्रेस' के लिए दोहरे पुरस्कार यह संकेत देते हैं कि उद्योग ने उनकी बहुमुखी प्रतिभा को देर से ही सही, मान्यता दी। सवाल यह है कि क्या बॉलीवुड अब उन्हें निर्देशक के रूप में उतनी ही गंभीरता से लेगा जितनी एक अभिनेता के रूप में लेता रहा है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुणाल खेमू का जन्म कब और कहाँ हुआ?
कुणाल खेमू का जन्म 25 मई 1983 को श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर में एक कश्मीरी पंडित परिवार में हुआ। 1990 के दशक में घाटी में बढ़ते तनाव के कारण उनका परिवार पहले जम्मू और फिर मुंबई आकर बस गया।
कुणाल खेमू ने चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में कौन-सी फिल्में कीं?
कुणाल ने चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में 'हम हैं राही प्यार के', 'राजा हिंदुस्तानी', 'जख्म', 'भाई' और 'दुश्मन' जैसी फिल्मों में काम किया। विशेष रूप से 'जख्म' में उनके अभिनय की व्यापक सराहना हुई।
कुणाल खेमू के टैटू विवाद की क्या कहानी है?
2014 में कुणाल ने अपने पैर पर भगवान शिव का टैटू बनवाया, जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर आते ही धार्मिक भावनाओं को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कुणाल ने सफाई देते हुए कहा कि यह टैटू भगवान शिव के प्रति उनकी श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक है।
कुणाल खेमू ने निर्देशन में कब कदम रखा और उन्हें कौन-से पुरस्कार मिले?
कुणाल ने 2024 में फिल्म 'मडगांव एक्सप्रेस' से निर्देशन की दुनिया में डेब्यू किया। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर और आईफा — दोनों पुरस्कार समारोहों में बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर का खिताब मिला।
कुणाल खेमू की पत्नी कौन हैं और उनके परिवार में कौन-कौन हैं?
कुणाल खेमू ने 2015 में अभिनेत्री सोहा अली खान से विवाह किया। दंपती की एक बेटी है जिसका नाम इनाया नौमी खेमू है। बॉलीवुड में दोनों को एक लोकप्रिय जोड़ी के रूप में जाना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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