क्या आजादी है या अकेलापन? गहरी सोच में डूबे फिल्ममेकर हंसल मेहता
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मुंबई, १३ जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। फिल्मनिर्माता हंसल मेहता ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर प्रसिद्ध कवि चार्ल्स बुकोवस्की की कविता की कुछ पंक्तियाँ साझा कीं। इसके साथ ही आजादी और अकेलेपन पर गहराई से विचार किया।
उन्होंने पोस्ट में लिखा, 'जब सुबह कोई आपको जगाए नहीं, जब रात को कोई आपका इंतज़ार करे नहीं, और जब आप जो चाहें, वो कर सकें, तो इसे आप क्या कहेंगे? आजादी या अकेलेपन?'
फिल्ममेकर हंसल मेहता ने हाल ही में बताया कि जब वह कंगना रनौत की फिल्म 'सिमरन' की शूटिंग कर रहे थे, तब उनकी सेहत ठीक नहीं थी।
उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा था, 'लंबे समय तक बाहर शूटिंग करने के कारण बहुत तनाव होता था, उस तनाव से भागने की कोशिश करता था, खाने-पीने जैसी चीजों से खुद को आराम देने की कोशिश करता था। ऐसा करना मददगार साबित नहीं हुआ। शूटिंग के लगभग एक साल बाद मुझे अपने दिल में स्टेंट लगाना पड़ा। अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना कोई सही हेल्थ प्लान नहीं है।'
हंसल ने आगे बताया कि उन्होंने अपनी गलती से सीख ली। अब जब भी वे बाहर शूटिंग के लिए जाते हैं, तो वे ऐसी जगह रहते हैं, जहां उनका अपना किचन हो। वे खुद खाना बनाते हैं और रोज़ व्यायाम भी करते हैं।
उन्होंने कहा, 'अब मेरा एक नियम है, हमेशा ऐसे अपार्टमेंट में रहना जहां किचन हो। मैं कुछ जरूरी सामान साथ लेकर जाता हूं, खुद अपना खाना बनाता हूं, व्यायाम करता हूं और इस दौरान मैंने खुद के साथ समय बिताना और अपनी कंपनी का लुत्फ उठाना सीख लिया है।'
इस पोस्ट में हंसल मेहता ने अपनी खाने की प्लेट की एक फोटो भी साझा की। प्लेट में राजमा चावल, अंडे और कुछ कच्चे प्याज नजर आ रहे हैं।
हंसल मेहता की आखिरी फिल्म 'द बकिंघम मर्डर्स' थी। इसमें करीना कपूर, रणवीर बरार, एश टंडन, कपिल रेडकर, राहुल सिद्धू, रुक्कू नाहर और प्रभलीन संधू जैसे कलाकारों ने मुख्य भूमिका निभाई थी।