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क्या सिंगल मदर होना आसान है? <b>अंगूरी भाभी</b> उर्फ <b>शुभांगी अत्रे</b>

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क्या सिंगल मदर होना आसान है? <b>अंगूरी भाभी</b> उर्फ <b>शुभांगी अत्रे</b>

सारांश

अभिनेत्री शुभांगी अत्रे ने अपनी सिंगल मदर की यात्रा के बारे में बताया। उन्होंने वर्क-लाइफ बैलेंस, भाग्य और मेहनत पर अपनी सोच साझा की। जानें कि कैसे वो अपनी बेटी और करियर को संभालती हैं।

मुख्य बातें

सिंगल मदर के रूप में जिम्मेदारियों को संभालना चुनौतीपूर्ण है।
कड़ी मेहनत और सही दृष्टिकोण से अवसर बनाए जा सकते हैं।
प्रतिस्पर्धा में खुद को बेहतर बनाना महत्वपूर्ण है।
भाग्य का महत्व है, लेकिन मेहनत ही असली सफलता दिलाती है।
एक सिंगल मदर अपने सपनों को पूरा कर सकती है।

मुंबई, 23 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेत्री शुभांगी अत्रे ने टीवी धारावाहिक ‘भाबीजी घर पर हैं’ में अंगूरी भाभी का किरदार निभाकर सभी के दिलों में जगह बनाई है। उनके सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है।

वह एक सिंगल मदर हैं और अपनी बेटी की परवरिश अकेले कर रही हैं। राष्ट्र प्रेस को दिए गए विशेष इंटरव्यू में उन्होंने वर्क-लाइफ बैलेंस पर चर्चा की। उन्होंने साझा किया कि एक सिंगल मदर के रूप में वह काम और घर की जिम्मेदारियों को कैसे संभालती हैं।

शुभांगी अत्रे ने कहा, "यह बिल्कुल भी आसान नहीं है। मुझे हर चीज को खुद ही संभालना पड़ता है, चाहे वह घर हो या मेरी बेटी। कई दिन ऐसे भी होते हैं जब यह बहुत अधिक बोझिल लगने लगता है, लेकिन मैं एक समय में एक ही काम करने की कोशिश करती हूं। मैं यह सुनिश्चित करती हूं कि सेट पर या घर पर, जहां भी रहूं, उस पल में पूरी तरह से उपस्थित रहूं।"

उन्होंने आगे कहा, "प्रतिस्पर्धा हर जगह है, लेकिन मैं तुलना करने के बजाय खुद को बेहतर बनाना पसंद करती हूं। अवसर हमेशा आते रहेंगे, लेकिन आपको उन्हें पकड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए। मैंने सीखा है कि आपको हमेशा सही अवसर नहीं मिलते, बल्कि आप उन्हें अपनी कड़ी मेहनत और सही दृष्टिकोण से बनाते हैं। अगर आप अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित और केंद्रित रहें, तो वह अंततः आपके पास आ ही जाएगा।"

क्या करियर में भाग्य की भूमिका होती है? इस पर अभिनेत्री ने कहा, "भाग्य आपके लिए एक दरवाजा खोल सकता है, लेकिन आपकी कड़ी मेहनत ही आपको उस कमरे में बनाए रखती है। मैंने कई लोगों को एक बार भाग्यशाली होते देखा है, लेकिन केवल वे ही आगे बढ़ते हैं, जो ईमानदार और निरंतर प्रयास करते रहते हैं।"

शुभांगी अत्रे ने कहा, "अब मेरी महत्वाकांक्षा ऐसी भूमिकाएं निभाने की है जो मुझे एक अभिनेता के रूप में चुनौती दें। मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा अपने काम के प्रति प्रेम और अपनी बेटी के लिए एक उदाहरण पेश करने की इच्छा से मिलती है। दृढ़ संकल्प के साथ आप सब कुछ संभाल सकते हैं और अपने सपनों को भी पूरा कर सकते हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं मानता हूं कि सिंगल मदर होना एक चुनौतीपूर्ण यात्रा है, लेकिन शुभांगी अत्रे जैसी महिलाएं प्रेरणा देती हैं। उनके अनुभव हमें दिखाते हैं कि कठिनाइयों का सामना करते हुए भी कैसे अपने सपनों को पूरा किया जा सकता है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शुभांगी अत्रे ने सिंगल मदर होने के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल आसान नहीं है और हर चीज को खुद संभालना पड़ता है।
क्या भाग्य का करियर में कोई महत्व है?
उन्होंने बताया कि भाग्य दरवाजा खोल सकता है, लेकिन मेहनत ही आपको वहां बनाए रखती है।
राष्ट्र प्रेस
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