क्या विवेक ओबेरॉय को अपने पिता से जुड़ी एक बात से डर लगता था? पिता सुरेश ओबेरॉय के जन्मदिन पर खोला राज
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 17 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता विवेक ओबेरॉय और उनके पिता सुरेश ओबेरॉय का संबंध अत्यंत विशेष है। विवेक हमेशा अपने पिता को गुरु और मार्गदर्शक मानते हैं। उन्हें अपने पिता से आत्मनिर्भर बनने की शिक्षा मिली, जिसमें कभी भी आर्थिक सहायता का हाथ नहीं बढ़ाया गया। इस अवसर पर विवेक ने अपने पिता के जन्मदिन पर एक खास बात साझा की है जो उन्हें डराती थी।
विवेक ने सुरेश ओबेरॉय की फिल्मों की कुछ क्लिप साझा की हैं, जिनमें वे शानदार विलेन के किरदार में नजर आ रहे हैं। उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें अपने पिता के जूतों को भरने की जिम्मेदारी से हमेशा डर लगता था। जूते भरने का अर्थ है अपने पिता की तरह जिम्मेदारियों को निभाना।
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, "फिल्म इंडस्ट्री ने कभी मुझे डराया नहीं, परंतु जिस चीज़ ने मेरी नींद उड़ा दी थी, वह थे वो जूते जिनमें मुझे अपने पिता की तरह जिम्मेदारी निभानी थी। सुरेश ओबेरॉय, वो स्टाइलिश और चार्मिंग अभिनेता जिनके डायलॉग गूंजते थे, मुझे हमेशा नर्वस कर देते थे!"
विवेक ने अपने पिता के जन्मदिन पर आगे लिखा, "मैं जानता हूं कि भले ही मैं सबको कहता हूं कि मैं अपनी मां का लाडला हूं, लेकिन मुझे उम्मीद है कि आप जानते हैं कि मैं आपके ही चरणों की छाया हूं। मैंने जो कुछ भी सीखा, वो आपसे ही सीखा। मैं जो कुछ भी हूं, वह आपकी वजह से है।" किसी भी बेटे के लिए अपने पिता के जूतों में समाने का गर्व होता है।
हालांकि विवेक आज फिल्म इंडस्ट्री से दूर हैं, लेकिन बिजनेस के क्षेत्र में वह आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कम उम्र में व्यापार शुरू किया था और उसमें सफलता प्राप्त की। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अपने पिता की वजह से वह 1200 करोड़ के बिजनेस का प्रबंधन कर रहे हैं। इस साल उन्होंने 1200 करोड़ के मालिक होने के सवाल पर कहा था कि "क्या फर्क पड़ता है, भगवान ने इतना दिया है, आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित रहेंगी।"
विवेक अभिनेता रोडसाइड सेफ्टी सर्विस, डायमंड ज्वेलरी, फिनटेक, एडटेक और इन्फ्रास्ट्रक्चर कंसल्टिंग जैसे व्यवसायों में शामिल हैं।